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Moradabad News: गन्ना मूल्य घोषित कराने के लिए भाकियू असली ने हाईवे को किया जाम
Thu, 04 Jan 2024 12:34 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Thu, 04 Jan 2024 12:34 AM IST
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अमरोहा। गन्ना मूल्य वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन असली के पदाधिकारियों ने बुधवार को दो स्थानों पर चक्का जाम कर दिया। रजबपुर में हाईवे और मंडी धनौरा तहसील के सामने जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया। रजबपुर में हाईवे पर 20 मिनट और मंडी धनौरा में गजरौला-चांदपुर मार्ग पर सवा घंटे तक किसानों का कब्जा रहा। धनौरा में आक्रोशित किसानों ने गन्ने की होली जलाकर विरोध जताया। जाम के दौरान राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों के सड़कों पर आते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। कड़ी मशक्कत के बाद किसानों को समझाकर जाम खुलवाया गया। इसके बाद अधिकारियों और राहगीरों ने राहत की सांस ली।
चीनी मिल मालिकों के दबाव में गन्ना मूल्य घोषित नहीं कर रही सरकार
मंडी धनौरा। गन्ने का रेट घोषित नहीं किए जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन असली ने तहसील कार्यालय के बाहर चांदपुर-गजरौला मार्ग पर सवा घंटे तक जाम लगाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गन्ने की होली भी जलाई। भाकियू नेताओं का आरोप था कि चीनी मिल मालिकों के दबाव में प्रदेश सरकार गन्ने का रेट घोषित नहीं कर रही है।
भारतीय किसान यूनियन असली की पंचायत बुधवार को ब्लॉक परिसर में आयोजित की गई। मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने कहा कि पेराई सत्र शुरू होने के ढाई महीने बाद भी गन्ने का रेट घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की नहीं बल्कि चीनी मिल मालिकों की सरकार चल रही है। उनका कहना था कि मिल मालिकों के दबाव में सरकार गन्ने का रेट नहीं बढ़ा रही है। उनका यह भी कहना था कि चीनी के दाम अब 45 रुपये किलोग्राम हैं। सरकार को गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करना चाहिए। दो बजे तक पंचायत स्थल पर किसी अधिकारी के नहीं आने पर कार्यकर्ताओं ने तहसील के बाहर जाम लगा दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ने की होली जलाई। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सवा तीन बजे तहसीलदार पीएन श्रीवास्तव किसानों के बीच आए। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उनको सौंपा गया। इस अवसर पर शब्बन चौधरी, नरेश कुमार, कपिल प्रधान, कलुवा खां, दिनेश प्रधान, जावेद मलिक, जसपाल सिंह आदि मौजूद थे।
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प्रदेश में अपना गन्ना औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं किसान
रजबपुर। किसान अपना गन्ना औने-पौने दामों में बेचने का मजबूर हैं। लेकिन सरकार किसने की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। दूसरे राज्यों में गन्ना मूल्य घोषित किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया। किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द ही गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिले भर की सड़कें जाम की जाएंगी। ये बात बुधवार को रजबपुर में हाईवे पर चक्का जाम के दौरान भारतीय किसान यूनियन असली के जिलाध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने कहीं।
तमाम किसान रजबपुर में साप्ताहिक बजार स्थल एकत्र हुए। यहां से दोपहर 1:20 बजे किसान पैदल मार्च निकाल कर रजबपुर की हाईवे स्थित पुलिस चौकी पहुंचे। यहां नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब 20 मिनट तक हाईवे पर किसानों का कब्जा रहा। इस दौरान जिलाध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने कहा कि आस-पास के सभी राज्यों में काफी समय पहले गन्ना मूल्य घोषित किया जा चुका है। हरियाणा में तो अगले सत्र का गन्ना मूल्य भी घोषित कर दिया है। लेकिन उत्तर प्रदेश में किसानों का दुर्भाग्य है कि वह अपना गन्ना औने-पौने दामों में बेचने का मजबूर हैं। उत्तर प्रदेश में न तो किसानों का बकाया भुगतान मिल पा रहा है और न गन्ना मूल्य की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों का शोषण कर रही है। गन्ना मूल्य घोषित करने के लिए किसान संगठन आंदोलन करने को मजबूर हैं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस दौरान सोमपाल सिंह, रणवीर सिंह, चेतन सिंह, जगदीश सिंह, राजेंद्र सिंह, भगवत सिंह, हरपाल सिंह, राजपाल सिंह, सुखबीर सिंह, धर्म सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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चीनी मिल मालिकों के दबाव में गन्ना मूल्य घोषित नहीं कर रही सरकार
मंडी धनौरा। गन्ने का रेट घोषित नहीं किए जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन असली ने तहसील कार्यालय के बाहर चांदपुर-गजरौला मार्ग पर सवा घंटे तक जाम लगाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गन्ने की होली भी जलाई। भाकियू नेताओं का आरोप था कि चीनी मिल मालिकों के दबाव में प्रदेश सरकार गन्ने का रेट घोषित नहीं कर रही है।
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भारतीय किसान यूनियन असली की पंचायत बुधवार को ब्लॉक परिसर में आयोजित की गई। मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने कहा कि पेराई सत्र शुरू होने के ढाई महीने बाद भी गन्ने का रेट घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की नहीं बल्कि चीनी मिल मालिकों की सरकार चल रही है। उनका कहना था कि मिल मालिकों के दबाव में सरकार गन्ने का रेट नहीं बढ़ा रही है। उनका यह भी कहना था कि चीनी के दाम अब 45 रुपये किलोग्राम हैं। सरकार को गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करना चाहिए। दो बजे तक पंचायत स्थल पर किसी अधिकारी के नहीं आने पर कार्यकर्ताओं ने तहसील के बाहर जाम लगा दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ने की होली जलाई। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सवा तीन बजे तहसीलदार पीएन श्रीवास्तव किसानों के बीच आए। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उनको सौंपा गया। इस अवसर पर शब्बन चौधरी, नरेश कुमार, कपिल प्रधान, कलुवा खां, दिनेश प्रधान, जावेद मलिक, जसपाल सिंह आदि मौजूद थे।
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प्रदेश में अपना गन्ना औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं किसान
रजबपुर। किसान अपना गन्ना औने-पौने दामों में बेचने का मजबूर हैं। लेकिन सरकार किसने की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। दूसरे राज्यों में गन्ना मूल्य घोषित किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया। किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द ही गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिले भर की सड़कें जाम की जाएंगी। ये बात बुधवार को रजबपुर में हाईवे पर चक्का जाम के दौरान भारतीय किसान यूनियन असली के जिलाध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने कहीं।
तमाम किसान रजबपुर में साप्ताहिक बजार स्थल एकत्र हुए। यहां से दोपहर 1:20 बजे किसान पैदल मार्च निकाल कर रजबपुर की हाईवे स्थित पुलिस चौकी पहुंचे। यहां नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब 20 मिनट तक हाईवे पर किसानों का कब्जा रहा। इस दौरान जिलाध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने कहा कि आस-पास के सभी राज्यों में काफी समय पहले गन्ना मूल्य घोषित किया जा चुका है। हरियाणा में तो अगले सत्र का गन्ना मूल्य भी घोषित कर दिया है। लेकिन उत्तर प्रदेश में किसानों का दुर्भाग्य है कि वह अपना गन्ना औने-पौने दामों में बेचने का मजबूर हैं। उत्तर प्रदेश में न तो किसानों का बकाया भुगतान मिल पा रहा है और न गन्ना मूल्य की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों का शोषण कर रही है। गन्ना मूल्य घोषित करने के लिए किसान संगठन आंदोलन करने को मजबूर हैं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस दौरान सोमपाल सिंह, रणवीर सिंह, चेतन सिंह, जगदीश सिंह, राजेंद्र सिंह, भगवत सिंह, हरपाल सिंह, राजपाल सिंह, सुखबीर सिंह, धर्म सिंह आदि किसान मौजूद रहे।