फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Bank manager along with his girlfriend and friend murdered former manager In Moradabad

UP News: बैंक प्रबंधक ने प्रेमिका और दोस्त के साथ मिलकर की थी पूर्व मैनेजर की हत्या, चौंकाने वाली है वजह

Tue, 27 Aug 2024 01:41 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 27 Aug 2024 01:41 PM IST
सार

मुरादाबाद में सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बैंक प्रबंधक, उसकी प्रेमिका और दोस्त के साथ को गिरफ्तार किया है। इन तीनों ने ही मिलकर पूर्व मैनेजर की हत्या की थी।

विज्ञापन
Bank manager along with his girlfriend and friend murdered former manager In Moradabad
Bank manager - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादाबाद में सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह (65) की हत्या प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की पपसरा (अमरोहा) शाखा के मैनेजर मनोज कुमार ने अपनी प्रेमिका शिक्षिका वीरबाला और दोस्त कार मैकेनिक अनिल कुमार गुप्ता के साथ मिलकर की थी। सोमवार को पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि मनोज कुमार ने वीर सिंह द्वारा की जा रहीं भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण वारदात को अंजाम दिया।
विज्ञापन


एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि मझोला के मानसरोवर कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह का शव 16 अगस्त की रात करीब 12 बजे मैनाठेर थाना क्षेत्र में चंदौसी रोड पर मिला था। कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक खड़ी थी। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले में वीर सिंह के बेटे हर्षित चौधरी ने हत्या का केस दर्ज कराया था।
विज्ञापन


पुलिस की जांच में हत्याकांड में मझोला के शाहपुर तिगरी निवासी बैंक मैनेजर मनोज कुमार, सिविल लाइंस के डबल स्टोरी एमडीए काॅलोनी निवासी कार मैकेनिक अनिल कुमार गुप्ता और मझोला के बुद्धि विहार सेक्टर-2 में रहने वाली संभल के अतौरा निवासी शिक्षिका वीरबाला यादव के नाम सामने आए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वीरबाला पाकबड़ा के रतनपुर कला गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मनोज कुमार बताया कि वह वीर सिंह के साथ काम कर चुका है। वीर सिंह भी अमरोहा की पपसरा शाखा में तैनात रहे थे। वीर सिंह मूल रूप से अमरोहा के बागड़पुर के ही रहने वाले थे। 
 

वीर सिंह के परिचित मनोज कुमार के पास लोन के लिए जाते थे तो मनोज उनसे पैसे मांगता था। वीर सिंह ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी थी। इसी कारण मनोज उनसे रंजिश रखने लगा और उसने वीर सिंह की हत्या की साजिश रची।

इसके लिए उसने अपनी प्रेमिका शिक्षिका वीरबाला यादव से वीर सिंह की दोस्ती करा दी। 16 अगस्त की शाम को शिक्षिका ने कॉल करके वीर सिंह को मिलने के बहाने एमडीए ऑफिस के पास बुला लिया, वहां से वीरबाला वीर सिंह की बाइक पर बैठकर चंदौसी कट के पास पहुंची।

पीछे से कार से पहुंचे मनोज कुमार और अनिल ने वीर सिंह को खींचकर कार में डाल दिया। आरोपियों ने पहले हाथ से वीर सिंह का गला दबाया और बाद में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव फेंक कर आरोपी फरार हो गए थे। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
 

750 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालीं, तब मिला कार का नंबर
एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि वीर सिंह प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में सीनियर मैनेजर के पद से पांच साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद वह लोगों को ब्याज पर रकम देने और लोगों का लोन कराने का काम करते थे। इस मामले में पुलिस ने ऐसे लोगों से पूछताछ की गई, जिन्हें वीर सिंह ने रकम दी थी, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
 

एक कैमरे में पुलिस को वीर सिंह की बाइक आती दिखी। इसके ठीक पीछे एक कार भी जाती दिख रही थी। इस कार का नंबर पता करने के लिए पुलिस ने 750 कैमरों की फुटेज खंगाली। शहर से लेकर हाईवे और टोल प्लाजा के कैमरों की फुटेज खंगाली तो कार का नंबर मिल गया। कार के नंबर के जरिये पुलिस आरोपी मनोज तक पहुंच गई थी। इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़कर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया। 
 

अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ था आरोपी
हत्यारोपी बैंक मैनेजर मनोज कुमार का वीर सिंह के घर आना-जाना था। उनके परिवार के लोग भी उसे पहचानते थे। घटना के दो दिन पहले भी आरोपी वीर सिंह के घर गया था। इसके अलावा वीर सिंह की मौत की खबर मिलने पर भी आरोपी उनके घर गया और परिवार से मिला था। हत्यारोपी मनोज वीर सिंह के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ था।

हत्याकांड के खुलासे में ये रहे शामिल
मैनाठेर थाना प्रभारी किरनपाल सिंह, एसओजी प्रभारी अमित कुमार के नेतृत्व में पांच टीमें इस केस पर काम कर रही थीं। जिसमें सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, मैनाठेर के एसआई अशोक कुमार, महिला एसआई परमेंद्री, हेड कांस्टेबल आदेश कुमार, सिपाही मोहर सिंह, प्रदीप कुमार, महिला सिपाही पिंकी और हेड कांस्टेबल ओमपाल सिंह शामिल रहे। एसएसपी सतपाल अंतिल ने खुलासा करने वाली टीम को इनाम देने की घोषणा की है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed