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413 दिन से पुल बंद, रेलवे ट्रैक पार करते समय कॉपरेटिव बैंक कर्मी की मौत
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मुरादाबाद। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर अवध असम एक्सप्रेस की चपेट में आने से नार्दर्न रेलवे को-ऑपरेटिव बैंक के असिस्टेंट मैनेजर की मौत हो गई। मझोला थानाक्षेत्र के लाइनपार शंकर नगर निवासी जगदीश प्रसाद (58) फिलहाल बैंक की लखनऊ शाखा में तैनात थे। सोमवार को मुरादाबाद जंक्शन पर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचने के लिए ट्रैक पार करते समय वह दुर्घटना का शिकार हो गए।
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर चार और पांच से एक पर आने के लिए बना ओवरब्रिज 10 जनवरी 2021 से बंद है। ऐसे में कई बार यात्री और रेलवे स्टाफ को भी मजबूरन रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। रेलवे के स्टाफ ने भी कई बार अपनी परेशानी पत्राचार के माध्यम से अफसरों को बताई है। इसके बावजूद पुल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में देरी हो रही है। सोमवार को हुई दुर्घटना के बाद स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। नार्दर्न रेलवे प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन और नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री राजेश चौबे भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि जगदीश प्रसाद प्लेटफार्म नंबर चार से एक की तरफ आ रहे थे। अवध असम एक्सप्रेस कुछ दूरी पर थी, उन्हें लगा कि वह ट्रेन के आने से पहले प्लेटफार्म पर चढ़ जाएंगे लेकिन ऐसी नहीं हो सका और दुर्घटना हो गई।
मौके पर मौजूद जीआरपी ने जगदीश प्रसाद के आईडी कार्ड के माध्यम से शिनाख्त और परिजनों को खबर पहुंचाई। परिजनों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना पर रेल कर्मचारी संगठनों ने दुख जताया है। साथ ही दैनिक रेल यात्री संघ के अध्यक्ष सुधीर पाठक ने रेलवे स्टेशन पर बंद पड़े ओवरब्रिज का काम जल्द पूरा करने की अपील की है। उनका कहना है कि संगठन इस विषय में डीआरएम को पत्र लिखेगा।
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पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए जगदीश
मुरादाबाद। जगदीश प्रसाद के रिश्तेदारों के मुताबिक उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 17 वर्ष का है, जबकि छोटा 14 वर्ष का है। बड़े बेटे को लंबे समय से ब्लड कैंसर की समस्या है। उसका उपचार दिल्ली एम्स में चल रहा है। दिल्ली से इलाज के बाद बेटे के साथ लौटते समय जगदीश प्रसाद की पत्नी चंदौसी में अपने भाई के यहां रुक गई थीं। रिश्तेदारों का कहना है कि चंदौसी की ट्रेन पकड़ने के लिए वह मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर आ रहे थे, इसी दौरान हादसा हो गया। बैंक के उनके सहकर्मियों ने बताया कि परिवार की गुजर बसर जगदीश की सैलरी से ही होती थी। अब आय को कोई दूसरा स्रोत परिवार के पास नहीं है।
परिवार को दी गई 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
मुरादाबाद। नार्दर्न रेलवे को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन राजेश चौबे ने बताया कि बैंक के नियमानुसार 50 हजार रुपये की धनराशि जगदीश प्रसाद के परिवार को मदद के तौर पर दी गई है। उन्होंने दुख के समय में परिवार को ढांढस बधाते हुए साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। चेयरमैन का कहना है कि बैंक द्वारा दिए जाने वाले अन्य लाभ भी परिवार को जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।
पुल की स्थापना में चुनौती बने बिजली के तार
मुरादाबाद। डीआरएम अजय नंदन ने इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए यात्रियों से रेलवे ट्रैक पार न करने की अपील की है। डीआरएम ने बताया कि नए पुल का निर्माण वर्कशाप में पूरा हो गया है। अब इसे स्टेशन पर फिट करने की चुनौती सामने है। दरअसल लोहे का बना नया पुल पहले की अपेक्षा बड़ा और चौड़ा है।
इसे स्टेशन पर स्थापित करने के लिए ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिसिटी) वायर को खोलना पड़ेगा। इसमें छह से सात घंटे तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होगा। मुरादाबाद जैसे बड़े स्टेशन पर छह से सात घंटे तक गाड़ियों का संचालन न होना बड़ी समस्या उत्पन्न कर सकता है। डीआरएम का कहना है कि रेलवे प्रशासन इस पर मंथन कर रहा है कि पुल को प्लेटफार्म पर कैसे स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि एक से डेढ़ माह के भीतर पुल स्थापित कर दिया जाएगा।
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रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर चार और पांच से एक पर आने के लिए बना ओवरब्रिज 10 जनवरी 2021 से बंद है। ऐसे में कई बार यात्री और रेलवे स्टाफ को भी मजबूरन रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। रेलवे के स्टाफ ने भी कई बार अपनी परेशानी पत्राचार के माध्यम से अफसरों को बताई है। इसके बावजूद पुल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में देरी हो रही है। सोमवार को हुई दुर्घटना के बाद स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। नार्दर्न रेलवे प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन और नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री राजेश चौबे भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि जगदीश प्रसाद प्लेटफार्म नंबर चार से एक की तरफ आ रहे थे। अवध असम एक्सप्रेस कुछ दूरी पर थी, उन्हें लगा कि वह ट्रेन के आने से पहले प्लेटफार्म पर चढ़ जाएंगे लेकिन ऐसी नहीं हो सका और दुर्घटना हो गई।
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मौके पर मौजूद जीआरपी ने जगदीश प्रसाद के आईडी कार्ड के माध्यम से शिनाख्त और परिजनों को खबर पहुंचाई। परिजनों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना पर रेल कर्मचारी संगठनों ने दुख जताया है। साथ ही दैनिक रेल यात्री संघ के अध्यक्ष सुधीर पाठक ने रेलवे स्टेशन पर बंद पड़े ओवरब्रिज का काम जल्द पूरा करने की अपील की है। उनका कहना है कि संगठन इस विषय में डीआरएम को पत्र लिखेगा।
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पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए जगदीश
मुरादाबाद। जगदीश प्रसाद के रिश्तेदारों के मुताबिक उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 17 वर्ष का है, जबकि छोटा 14 वर्ष का है। बड़े बेटे को लंबे समय से ब्लड कैंसर की समस्या है। उसका उपचार दिल्ली एम्स में चल रहा है। दिल्ली से इलाज के बाद बेटे के साथ लौटते समय जगदीश प्रसाद की पत्नी चंदौसी में अपने भाई के यहां रुक गई थीं। रिश्तेदारों का कहना है कि चंदौसी की ट्रेन पकड़ने के लिए वह मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर आ रहे थे, इसी दौरान हादसा हो गया। बैंक के उनके सहकर्मियों ने बताया कि परिवार की गुजर बसर जगदीश की सैलरी से ही होती थी। अब आय को कोई दूसरा स्रोत परिवार के पास नहीं है।
परिवार को दी गई 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
मुरादाबाद। नार्दर्न रेलवे को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन राजेश चौबे ने बताया कि बैंक के नियमानुसार 50 हजार रुपये की धनराशि जगदीश प्रसाद के परिवार को मदद के तौर पर दी गई है। उन्होंने दुख के समय में परिवार को ढांढस बधाते हुए साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। चेयरमैन का कहना है कि बैंक द्वारा दिए जाने वाले अन्य लाभ भी परिवार को जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।
पुल की स्थापना में चुनौती बने बिजली के तार
मुरादाबाद। डीआरएम अजय नंदन ने इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए यात्रियों से रेलवे ट्रैक पार न करने की अपील की है। डीआरएम ने बताया कि नए पुल का निर्माण वर्कशाप में पूरा हो गया है। अब इसे स्टेशन पर फिट करने की चुनौती सामने है। दरअसल लोहे का बना नया पुल पहले की अपेक्षा बड़ा और चौड़ा है।
इसे स्टेशन पर स्थापित करने के लिए ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिसिटी) वायर को खोलना पड़ेगा। इसमें छह से सात घंटे तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होगा। मुरादाबाद जैसे बड़े स्टेशन पर छह से सात घंटे तक गाड़ियों का संचालन न होना बड़ी समस्या उत्पन्न कर सकता है। डीआरएम का कहना है कि रेलवे प्रशासन इस पर मंथन कर रहा है कि पुल को प्लेटफार्म पर कैसे स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि एक से डेढ़ माह के भीतर पुल स्थापित कर दिया जाएगा।