स्वतंत्र देव सिंह से तीमारदार बोला: मंत्री जी, डॉक्टर ने दुर्व्यवहार किया, कहते हैं- ज्यादा बातें करोगे तो मरीज को सड़ा देंगे
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे, तभी एक तीमारदार ने उनका रास्ता रोक लिया। जिसने कहा कि मंत्री जी, डॉक्टर ने हमारे साथ दुर्व्यवहार किया है।
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मुरादाबाद जिला अस्पताल में निरीक्षण कर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे, तभी एक तीमारदार ने उनका रास्ता रोक लिया। जिसने कहा कि मंत्री जी, डॉक्टर ने हमारे साथ दुर्व्यवहार किया है। वह हमारे मरीज का सही से उपचार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को समस्या के समाधान को निर्देश दिए। साथ चल रहे जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने तीमारदार से लिखित शिकायत ली।
चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि मामले की जांच करवाई गई है। चिकित्सक तीमारदार को समझा रहे थे, लेकिन तीमारदार ने उसे गलत समझ लिया। मरीज का उपचार किया जा रहा है। सिरकोई निवासी तीमारदार अनिल कुमार ने कहा कि मेरी मां रामप्यारी के पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा था। उन्हें मंगलवार को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। दर्द में आराम नहीं मिलने पर हमने डॉ. रविंद्र कुमार से उनका अल्ट्रासाउंड करवाने को कहा ताकि बीमारी का पता लग सके।
अनिल ने आरोप लगाया कि इस बात पर डॉ. रविंद्र दुर्व्यवहार करने लगे और कहा कि ज्यादा बातें करोगे तो तुम्हारे मरीज को सड़ा देंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने भी सीएमएस को मरीज का उचित खयाल रखने को कहा।
चिकित्सा अधीक्षक का जवाब- फिजिशियन को दिखाना पड़ेगा, नहीं तो पस का हिस्सा सड़ने लगेगा
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि मरीज की जांघ में गांठ है, जिसमें पस पड़ गया है। इसके संक्रमण की वजह से पेट में दर्द था। मरीज सीएमएस के पास आया था और उनके कहने पर अल्ट्रासाउंड कर दिया था। अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट सामान्य थी, लेकिन मधुमेह का स्तर 240 है। इसकी वजह से गांठ का ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है। डॉ. रविंद्र मरीज को यही समझा रहे थे कि पहले फिजिशियन को दिखाना पड़ेगा, नहीं तो पस का हिस्सा सड़ने लगेगा। मधुमेह का स्तर कम होने पर ही ऑपरेशन हो सकता है। वह मरीज के हित में कह रहे थे, लेकिन तीमारदार ने उसे गलत समझ लिया है। अब मरीज का मधुमेह कम करने के लिए दवाई दे दी गई है।