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चाची की हत्या के बाद से फरार एक लाख का इनामी मुठभेड़ में गिरफ्तार
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जमीन के लालच में वृद्ध चाची की गला दबाकर हत्या करने के आरोप में फरार चल रहे एक लाख के इनामी हत्यारोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। मुठभेड़ में सिपाही भी जख्मी हुआ है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कालाखेड़ा में वृद्धा फूलजहां उर्फ बिल्लो की 25 नवंबर 2018 की रात गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। फूलजहां के मायके के भतीजे मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के भोला सिंह की मिलक निवासी एडवोकेट इम्तियाज हुसैन ने मामले में महिला के जेठ के तीन बेटों महमूद, उमर उर्फ गटुवा और शाहिद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। करीब नौ महीने विवेचना चलने के बाद इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसी दौरान तीनों आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा और शाहिद की जमानत हाईकोर्ट से हो गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी थी। तभी से मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा इस मामले में फरार चल रहा था। न्यायालय ने आरोपी को भगोड़ा भी घोषित कर दिया था और उसके घर कुर्की की कार्रवाई की भी की जा चुकी है। भगोड़ा घोषित किए जा चुके मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। जिसकी तलाश पुलिस काफी समय से कर रही थी।
सैदनगली थाना प्रभारी अरिहंत कुमार सिद्घार्थ ने बताया कि सोमवार रात करीब 2.30 बजे को सैदनगली थाना क्षेत्र के कुआडाली के जंगल में टीम गश्त कर रही थी। इसी बीच बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति होने के शक में आरोपी को रोकने की कोशिश की गई लेकिन वह पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे दबोच लिया। पैर में गोली लगने से मोहम्मद उमर और गटुवा घायल हो गया जबकि इस दौरान सिपाही अखिलेश हाथ में गोली छू कर निकल जाने से घायल हो गया। मौके से एक तमंचा, दो कारतूस व दो खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक आदित्य लाहंगे ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया।
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वादी मुकदमा एवं मृतका के मायके के भतीजे एडवोकेट इम्तियाज हुसैन ने बताया कि फूलजहां के कोई औलाद नहीं थी। उनके पति की मृत्यु भी कुछ समय पहले ही हो गई थी। इसलिए जेठ के बेटे महमूद की तेरह वर्षीय बेटी निशा को गोद ले रखा था। हत्या की घटना की चश्मदीद गवां निशा ही थी। कोर्ट में बयानों के आधार पर हत्या के मामले में महमूद का बड़ा भाई शौकीन, शौकीन की पत्नी नन्हो, शौकीन का बेटा सलमान, सलमान की पत्नी नाजमा, महमूद की पत्नी रूकसाना, शाहिद की पत्नी फरीदा (छोटी चाची) और मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा की पत्नी फरीदा को आरोपी बनाया गया था। मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा की पत्नी फरीदा को छोड़कर सभी आरोपी जेल में हैं जबकि शौकीन की गिरफ्तार होने से पूर्व ही बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा की पत्नी अभी फरार चल रही है।
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हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कालाखेड़ा में वृद्धा फूलजहां उर्फ बिल्लो की 25 नवंबर 2018 की रात गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। फूलजहां के मायके के भतीजे मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के भोला सिंह की मिलक निवासी एडवोकेट इम्तियाज हुसैन ने मामले में महिला के जेठ के तीन बेटों महमूद, उमर उर्फ गटुवा और शाहिद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। करीब नौ महीने विवेचना चलने के बाद इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसी दौरान तीनों आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा और शाहिद की जमानत हाईकोर्ट से हो गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी थी। तभी से मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा इस मामले में फरार चल रहा था। न्यायालय ने आरोपी को भगोड़ा भी घोषित कर दिया था और उसके घर कुर्की की कार्रवाई की भी की जा चुकी है। भगोड़ा घोषित किए जा चुके मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। जिसकी तलाश पुलिस काफी समय से कर रही थी।
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सैदनगली थाना प्रभारी अरिहंत कुमार सिद्घार्थ ने बताया कि सोमवार रात करीब 2.30 बजे को सैदनगली थाना क्षेत्र के कुआडाली के जंगल में टीम गश्त कर रही थी। इसी बीच बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति होने के शक में आरोपी को रोकने की कोशिश की गई लेकिन वह पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे दबोच लिया। पैर में गोली लगने से मोहम्मद उमर और गटुवा घायल हो गया जबकि इस दौरान सिपाही अखिलेश हाथ में गोली छू कर निकल जाने से घायल हो गया। मौके से एक तमंचा, दो कारतूस व दो खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक आदित्य लाहंगे ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया।
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वादी मुकदमा एवं मृतका के मायके के भतीजे एडवोकेट इम्तियाज हुसैन ने बताया कि फूलजहां के कोई औलाद नहीं थी। उनके पति की मृत्यु भी कुछ समय पहले ही हो गई थी। इसलिए जेठ के बेटे महमूद की तेरह वर्षीय बेटी निशा को गोद ले रखा था। हत्या की घटना की चश्मदीद गवां निशा ही थी। कोर्ट में बयानों के आधार पर हत्या के मामले में महमूद का बड़ा भाई शौकीन, शौकीन की पत्नी नन्हो, शौकीन का बेटा सलमान, सलमान की पत्नी नाजमा, महमूद की पत्नी रूकसाना, शाहिद की पत्नी फरीदा (छोटी चाची) और मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा की पत्नी फरीदा को आरोपी बनाया गया था। मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा की पत्नी फरीदा को छोड़कर सभी आरोपी जेल में हैं जबकि शौकीन की गिरफ्तार होने से पूर्व ही बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए मोहम्मद उमर उर्फ गटुवा की पत्नी अभी फरार चल रही है।