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आरोग्य सेतु एप बताए जोखिम तो घबराएं नहीं, जांच कराएं
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मुरादाबाद। आपके स्मार्ट मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप आपको भी संक्रमण के जोखिम का संकेत दे रहा है तो घबराने की कतई जरूरत नहीं है। आपका फोन आपसे अधिक स्मार्ट है। आप भले ही खुद के स्वास्थ्य का मूल्यांकन करना भूल जाएं, लेकिन स्मार्ट फोन आपको स्वास्थ्य मूल्यांकन (सेल्फ असेसमेंट) करने की याद दिलाते हुए अलर्ट करेगा। अलर्ट भी तभी करेगा जब आपके आसपास कोई पॉजिटिव मरीज आया होगा। इसलिए घबराने के बजाए चिकित्सक का परामर्श लें और कोरोना की जांच कराएं। आपकी पॉजिटिव सोच से रिपोर्ट निगेटिव आएगी। आरोग्य सेतु अलर्ट के बाद जांच करवाने वाले 90 फीसदी आशंकित लोगों की रिपोर्ट निगेटिव ही आ रही हैं।
आरोग्य सेतु एप आपके स्वास्थ्य की मॉनीटरिंग के लिए है। इसमें आपको स्वयं ही अपने स्वास्थ्य के बारे में अपडेट करना होता है। स्मार्ट फोन पर एप लोड करने के बाद फोन का ब्लू टूथ और लोकेशन ऑन रखना है, तभी एप आपको आने वाले खतरे से आगाह करेगा। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति के मोबाइल पर भी एप लोड होने के साथ उसकी लोकेशन और ब्लू टूथ खुला होना जरूरी है। एप आधा किमी से 10 किलोमीटर की परिधि में संक्रमित लोगों के अलावा यूजर की जानकारी देगा। मुरादाबाद में संक्रमित संख्या 1100 पहुंच गई है। अधिकतर मोहल्लों में संक्रमित मरीज आ चुके हैं। क्षेत्रफल कम और आबादी का घनत्व अधिक है। इस लिहाज से आधा किमी की परिधि में कई संक्रमित होने से फोन आपको बार-बार खुद के स्वास्थ्य मूल्यांकन का अलर्ट करता है।
लक्षण के आधार पर देगा अलर्ट
कोरोना संक्रमण खतरा भले ही बढ़ा है, लेकिन मौसमी बदलाव से बुखार, जुकाम और गले में खराश की शिकायत भी बढ़ गई हैं। कोरोना के मरीजों के भी मुख्य यही लक्षण हैं। स्वयं मूल्यांकन में आपके खांसी, जुकाम, बुखार का अपडेट करते ही स्मार्ट फोन आपको जोखिम का अलर्ट देगा। दरअसल, एप पर जैसा आप अपडेट करेंगे, उसी के अनुरूप आपको अलर्ट मिलेगा। इसलिए जोखिम के संदेश से कतई नहीं घबराएं। मौसम बदलने से वायरल होने पर भी आप चिकित्सक की सलाह लें, ताकि वायरल परिवार के दूसरे सदस्यों तक न फैल सके। चिकित्सक की सलाह पर जरूरी हो तो कोरोना की जांच भी कराएं।
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- आरोग्य सेतु एप में अलर्ट आने के बाद अधिकतर लोग मानसिक तनाव में आ रहे हैं। मोबाइल अलर्ट के 90 फीसदी सैंपल निगेटिव आ रहे हैं। एंटीजन टेस्ट में अधिकतर सैंपल आरोग्य सेतु एप के अलर्ट वाले शामिल हो रहे हैं। ऐसे लोग सिर्फ सीजनल वायरल से पीड़ित हो रहे हैं। सीएमओ ने बताया कि किसी में कोरोना के लक्षण है तो ट्रू नेट, एंटीजन और आरटीपीसीआर से टेस्ट करवा सकता है। ट्रू नेट के लिए जिला अस्पताल में भर्ती होने की अनिवार्यता है, जबकि एंटीजन और आरटीपीसीआर रैंडम हो सकते हैं।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
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आरोग्य सेतु एप आपके स्वास्थ्य की मॉनीटरिंग के लिए है। इसमें आपको स्वयं ही अपने स्वास्थ्य के बारे में अपडेट करना होता है। स्मार्ट फोन पर एप लोड करने के बाद फोन का ब्लू टूथ और लोकेशन ऑन रखना है, तभी एप आपको आने वाले खतरे से आगाह करेगा। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति के मोबाइल पर भी एप लोड होने के साथ उसकी लोकेशन और ब्लू टूथ खुला होना जरूरी है। एप आधा किमी से 10 किलोमीटर की परिधि में संक्रमित लोगों के अलावा यूजर की जानकारी देगा। मुरादाबाद में संक्रमित संख्या 1100 पहुंच गई है। अधिकतर मोहल्लों में संक्रमित मरीज आ चुके हैं। क्षेत्रफल कम और आबादी का घनत्व अधिक है। इस लिहाज से आधा किमी की परिधि में कई संक्रमित होने से फोन आपको बार-बार खुद के स्वास्थ्य मूल्यांकन का अलर्ट करता है।
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लक्षण के आधार पर देगा अलर्ट
कोरोना संक्रमण खतरा भले ही बढ़ा है, लेकिन मौसमी बदलाव से बुखार, जुकाम और गले में खराश की शिकायत भी बढ़ गई हैं। कोरोना के मरीजों के भी मुख्य यही लक्षण हैं। स्वयं मूल्यांकन में आपके खांसी, जुकाम, बुखार का अपडेट करते ही स्मार्ट फोन आपको जोखिम का अलर्ट देगा। दरअसल, एप पर जैसा आप अपडेट करेंगे, उसी के अनुरूप आपको अलर्ट मिलेगा। इसलिए जोखिम के संदेश से कतई नहीं घबराएं। मौसम बदलने से वायरल होने पर भी आप चिकित्सक की सलाह लें, ताकि वायरल परिवार के दूसरे सदस्यों तक न फैल सके। चिकित्सक की सलाह पर जरूरी हो तो कोरोना की जांच भी कराएं।
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- आरोग्य सेतु एप में अलर्ट आने के बाद अधिकतर लोग मानसिक तनाव में आ रहे हैं। मोबाइल अलर्ट के 90 फीसदी सैंपल निगेटिव आ रहे हैं। एंटीजन टेस्ट में अधिकतर सैंपल आरोग्य सेतु एप के अलर्ट वाले शामिल हो रहे हैं। ऐसे लोग सिर्फ सीजनल वायरल से पीड़ित हो रहे हैं। सीएमओ ने बताया कि किसी में कोरोना के लक्षण है तो ट्रू नेट, एंटीजन और आरटीपीसीआर से टेस्ट करवा सकता है। ट्रू नेट के लिए जिला अस्पताल में भर्ती होने की अनिवार्यता है, जबकि एंटीजन और आरटीपीसीआर रैंडम हो सकते हैं।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।