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Moradabad News: जुलढकिया में पिंजरे में एक और तेंदुआ कैद
Fri, 11 Sep 2026 02:16 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:16 AM IST
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डिलारी। ग्राम पंचायत सैंजनी के गांव जुलढकिया के जंगल में बृहस्पतिवार को एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। इसके साथ ही ठाकुरद्वारा तहसील में पकड़े गए तेंदुओं की संख्या 12 पहुंच गई है। वन विभाग की टीम तेंदुए को डियर पार्क मुरादाबाद ले गई है।
जुलढकिया गांव निवासी आस मोहम्मद ने बताया कि वन विभाग ने लगभग पांच दिन पहले ग्राम प्रधान अख्तरी के पिता वाहिद अली के खेत में पिंजरा रखकर उसके अंदर एक कुत्ता बांध दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ बुधवार रात करीब आठ बजे पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुआ पिंजरे से निकलने का प्रयास कर रहा था। इस कोशिश में पिंजरे की सरियों से टकराकर तेंदुए का मुंह घायल हो गया। सुबह पांच बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को वाहन में लादकर अपने साथ डियर पार्क ले गई।
पिंजरे में कैद तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। कई लोग तेंदुए की वीडियो भी बनाने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग की टीम को पिंजरे पर हरे रंग का तिरपाल डालना पड़ा। भीड़ को हटाने में वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार, टीम पिंजरे को सुरक्षित ले जाने में कामयाब रही।
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क्षेत्र में तेंदुओं के आतंक के कारण शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। तेंदुओं के खौफ से क्षेत्र में भारी दहशत व्याप्त है। शाम होते ही सड़कें सुनसान हो जाती हैं। सुबह अंधेरे में भी लोग सड़कों पर निकलने से बचते हैं। दुपहिया वाहन चालकों की संख्या में भी भारी कमी आई है। माता-पिता अपने बच्चों को घर से बाहर जाने पर पाबंदी लगा रहे हैं। जंगल से चारा लाने वाले किसान भी सूर्य अस्त होने से पहले ही अपने घरों को लौट जाते हैं। सड़कों पर अब केवल चौपहिया वाहन ही दौड़ते नजर आते हैं।
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जुलढकिया गांव निवासी आस मोहम्मद ने बताया कि वन विभाग ने लगभग पांच दिन पहले ग्राम प्रधान अख्तरी के पिता वाहिद अली के खेत में पिंजरा रखकर उसके अंदर एक कुत्ता बांध दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ बुधवार रात करीब आठ बजे पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुआ पिंजरे से निकलने का प्रयास कर रहा था। इस कोशिश में पिंजरे की सरियों से टकराकर तेंदुए का मुंह घायल हो गया। सुबह पांच बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को वाहन में लादकर अपने साथ डियर पार्क ले गई।
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पिंजरे में कैद तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। कई लोग तेंदुए की वीडियो भी बनाने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग की टीम को पिंजरे पर हरे रंग का तिरपाल डालना पड़ा। भीड़ को हटाने में वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार, टीम पिंजरे को सुरक्षित ले जाने में कामयाब रही।
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क्षेत्र में तेंदुओं के आतंक के कारण शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। तेंदुओं के खौफ से क्षेत्र में भारी दहशत व्याप्त है। शाम होते ही सड़कें सुनसान हो जाती हैं। सुबह अंधेरे में भी लोग सड़कों पर निकलने से बचते हैं। दुपहिया वाहन चालकों की संख्या में भी भारी कमी आई है। माता-पिता अपने बच्चों को घर से बाहर जाने पर पाबंदी लगा रहे हैं। जंगल से चारा लाने वाले किसान भी सूर्य अस्त होने से पहले ही अपने घरों को लौट जाते हैं। सड़कों पर अब केवल चौपहिया वाहन ही दौड़ते नजर आते हैं।