मुरादाबाद: किराना स्टोर पर बिक रहा था आंगनबाड़ी का सामान, जांच बैठी
- बिक्री करते दुकानदार का वीडियो वायरल, डीएम के आदेश पर अफसर जांच में जुटे
- दुकान से तेल के पैकेट रखने का खाली बॉक्स बरामद हुआ, अधिकारियों का दावा केस दर्ज होगा
विस्तार
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों से कुपोषित बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को निशुल्क मिलने वाला फोर्टिफाइड सरसों का तेल किराना स्टोर पर बिक रहा है। शहर के करुला क्षेत्र में एक किराना स्टोर पर इसकी बिक्री का वीडियो वायरल हो रहा है। डीएम तक मामला पहुंचा तो उन्होंने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग और खाद्य विभाग के अफसरों को मौके पर जांच कर मामले में केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद दोनों विभाग की टीमों ने व्यापारी के यहां पहुंचकर उसके बयान दर्ज किए। खाद्य विभाग ने व्यापारी के यहां से आंनबाड़ी केंद्र पर मिलने वाले सरसों के तेल का खाली कार्टन बरामद किया है। अधिकारियों ने दावा किया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
करुला क्षेत्र में एक दुकानदार द्वारा सरसों के तेल के दो पैकेट बेचने का वीडियो बनाकर किसी ने वायरल कर दिया। डीएम को भी इसे भेजा गया। यह देख डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह भी हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत खाद्य सुरक्षा एवं अभिहित अधिकारी विनोद सिंह और बाल विकास एवं पुष्टाहर विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनुमपा शांडिल्य को मौके पर जाकर जांच करने और दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
खाद्य विभाग के अभिहित अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि वीडियो में दिखाई गई दुकान करुला में शम्स तरबेज की है। बुधवार को उन्होंने मौके पर जाकर वीडियो में दिखाए गए बुजुर्ग दुकानदार से पूछताछ की। दुकानदार ने बताया कि कोई निर्धन महिला परेशान हालत में दुकान पर आई थी। उसकी मदद करने के लिए ही उसने महिला से तेल के चार पैकेट 60 रुपये पैकेट के हिसाब से खरीद लिए। दो पैकेट अपने घर में प्रयोग कर लिए और दो आज ग्राहक को बेचे हैं।
विनोद सिंह के अनुसार, शम्स तबरेज की दुकान से बाल विकास एवं पुष्टाहर विभाग को आपूर्ति होने वाले फोर्टिफाइड सरसों तेल का एक खाली कार्टन मिला है। चूंकि व्यापारी के यहां तेल नहीं मिला, इसलिए फूड एक्ट के अंतर्गत नॉट फॉर सेल वाला सामान बेचने के आरोप में एडीएम कोर्ट में केस दर्ज किया जाएगा। इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। व्यापारी की दुकान से गुरुवार को कुकीज और रस्क का नमूना लिया गया है, जिसे जांच को भेजा जाएगा। कार्रवाई के दौरान दुकान पर काफी भीड़ भी जमा हो गई थी।
कहां से आया कार्टन, अलग अलग बयानों से भी बढा संदेह
जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुपमा शांडिल्य ने बताया के दुकानदार महिला की पहचान नहीं बता रहा है। यदि उसके यहां महिला चार थैली बेच गई थी तो दुकान पर तेल के पैकेट रखने वाला खाली कार्टन कहां से आया। इससे लग रहा है कि दुकानदार कुछ छिपा रहा है। इस संबंध में विभागीय स्तर से मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद पुलिस जांच में सब साफ हो जाएगा। विभागीय स्तर से भी इस मामले में छानबीन की जाएगी। बरामद कार्टून आदि पर बैच नंबर आदि जानकारी नहीं है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हुआ कि तेल कब वितरित हुआ था। इसका भी पता किया जा रहा है।
यह है वायरल वीडियो में
वायरल वीडियो में दुकानदार किसी ग्राहक को सरसो तेल का एक पैकेट देता हुआ नजर आ रहा है। दुकानदार ग्राहक से पूछता है कि तेल पसंद आया, तो व्यक्ति कहता है तेल बढ़िया है। इसके बाद दुकानदार कहता हुआ नजर आ रहा है कि यह तेल हमारे हाथ लग गया बस। इसके बाद वीडियो में किसी ओर शख्स की आवाज आती है। उसके जवाब में दुकानदार यह तेल कटरा से लाने की बात कह रहा है। इन बातों से लग रहा है ग्राहक दुकान से पहले भी तेल लेकर गया है।
जिले में 2779 केंद्र संचालित
जिले में 2770 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 156656 बच्चे छह माह से तीन साल तक हैं। वहीं 64365 बच्चे छह माह से छह साल आयु वर्ग के हैं, जबकि 58620 गर्भवती व धात्री महिलाएं हैं।
ये हो सकती है संभावना
विभाग को सरसों तेल और दाल की आपूर्ति नेफेड द्वारा की जाती है। उसका शहर में डिपो है जहां से वह अपने ट्रांसपोर्ट से सीधे आगंनबाड़ी केंद्र तक पहुंचाते हैं। राशन की दुकान से चावल और गेहूं आता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सभी सामान आने पर उसे घर घर जाकर या आगंनबाड़ी केंद्र या अन्य सार्वजनिक जगह पर स्वयं सहायता समूह, जनप्रनिधि की देखरेख में केंद्र के रजिस्टर्ड बच्चों, गर्भवती महिला और धात्री को आवंटित किए जाते हैं। ऐसे में तेल बाजार पहुंचने के पीछे कई वजह हो सकती हैं। संभावना है कि केंद्र पर बच्चों व गर्भवती महिलाओं फर्जी नामांकन कर उनके नाम का सामान बाजार में पहुंचाया जा रहा हो। यह भी हो सकता है कि नेफेड द्वारा केंद्रों को वितरण करने वाले प्रतिनिधि के माध्यम से यह हुआ हो या फिर इसके पीछे कोई और है। यह सामान बाजार में कैसे पहुंचा और किसने पहुंचाया यही जांच का अहम बिंदु है।
मामला संज्ञान में आते ही फूड विभाग के अभिहित अधिकारी और बाल विकास पुष्टाहार विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें इसमें मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर करने को कहा है।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम मुरादाबाद