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एडीओ पंचायत सहित दो को प्रतिकूल प्रविष्टि
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मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों में की गड़बड़ियों के मामले में डीपीआरओ ने विकास खंड मुरादाबाद के एडीओ (पंचायत) आमोद कुमार शर्मा तथा ग्राम पंचायत बरबारा मझरा के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मनोज कुमार सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। डीपीआरओ ने यह कार्रवाई उपनिदेशक (पंचायत) एसके सिंह द्वारा अगस्त माह में ग्राम पंचायत बरबारा मझरा में कराए गए विकास कार्यों के पड़ताल में मिली गड़बड़ियों के आधार पर की है।
प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान तमाम ग्राम पंचायतों में नियम व कायदे को ताक पर रख कर आनन-फानन में विकास कार्य कराए गए थे। अमर उजाला द्वारा इस मामले के सिलसिलेवार खुलासे के बाद शासन और प्रशासन के स्तर से जिम्मेदारों पर की जा रही कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में उपनिदेशक (पंचायत) एसके सिंह ने ग्राम पंचायत बरबारा मझरा का निरीक्षण कर वहां कराए गए विकास कार्यों की जांच की थी।
जांच के दौरान उन्हें किसी कार्य का कोटेशन उपलब्ध नहीं कराया गया था। 26 अगस्त 2021 को डीडी (पंचायत) ने अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्नर को भेजी, जिसमें कहा गया था कि अभिलेखीय परीक्षण में तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मनोज ने 4, 73, 540 रुपये की धनराशि का भुगतान करने के लिए एडीओ (पंचायत) आमोद कुमार से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त की है, जबकि वह इसके लिए अधिकृत नहीं थे। टेंडर प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की बात डीडी ने कही थी।
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वाटर कूलरों की खरीद तथा पांच लाख रुपये से अधिक के भुगतान के दौरान डीएम से अनुमति न लेने की भी बात जांच में रिपोर्ट में कही गई थी। डीडी (पंचायत) की जांच रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने डीएम को 13 सितंबर को पत्र लिख कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस मामले में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व सहायक अभियंता प्रांतीय खंड (लोक निर्माण विभाग) से विभागीय जांच कराई। दोनों अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि धनराशि का गबन नहीं मिला है, लेकिन स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। ग्राम पंचायतों में अपनाई गई पद्धति एवं प्रक्रिया में कमियां पाई गईं हैं।
डीपीआरओ ने इसके आधार पर मुरादाबाद के एडीओ (पंचायत) आमोद कुमार शर्मा तथा बरबारा मझरा के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मनोज कुमार सिंह को मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्ट देने के साथ विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी है।
दोनों अपने संगठन के नेता
मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान विकास कार्यों में बरती गई अनियमितता के मामले में जिन दो अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि मिली है वह अपने संगठन के नेता हैं। इसमें मनोज कुमार सिंह ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष हैं वहीं एडीओ (पंचायत) आमोद कुमार शर्मा ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के संरक्षक एवं सहायक विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष हैं।
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प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान तमाम ग्राम पंचायतों में नियम व कायदे को ताक पर रख कर आनन-फानन में विकास कार्य कराए गए थे। अमर उजाला द्वारा इस मामले के सिलसिलेवार खुलासे के बाद शासन और प्रशासन के स्तर से जिम्मेदारों पर की जा रही कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में उपनिदेशक (पंचायत) एसके सिंह ने ग्राम पंचायत बरबारा मझरा का निरीक्षण कर वहां कराए गए विकास कार्यों की जांच की थी।
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जांच के दौरान उन्हें किसी कार्य का कोटेशन उपलब्ध नहीं कराया गया था। 26 अगस्त 2021 को डीडी (पंचायत) ने अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्नर को भेजी, जिसमें कहा गया था कि अभिलेखीय परीक्षण में तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मनोज ने 4, 73, 540 रुपये की धनराशि का भुगतान करने के लिए एडीओ (पंचायत) आमोद कुमार से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त की है, जबकि वह इसके लिए अधिकृत नहीं थे। टेंडर प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की बात डीडी ने कही थी।
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वाटर कूलरों की खरीद तथा पांच लाख रुपये से अधिक के भुगतान के दौरान डीएम से अनुमति न लेने की भी बात जांच में रिपोर्ट में कही गई थी। डीडी (पंचायत) की जांच रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने डीएम को 13 सितंबर को पत्र लिख कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस मामले में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व सहायक अभियंता प्रांतीय खंड (लोक निर्माण विभाग) से विभागीय जांच कराई। दोनों अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि धनराशि का गबन नहीं मिला है, लेकिन स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। ग्राम पंचायतों में अपनाई गई पद्धति एवं प्रक्रिया में कमियां पाई गईं हैं।
डीपीआरओ ने इसके आधार पर मुरादाबाद के एडीओ (पंचायत) आमोद कुमार शर्मा तथा बरबारा मझरा के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मनोज कुमार सिंह को मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्ट देने के साथ विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी है।
दोनों अपने संगठन के नेता
मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान विकास कार्यों में बरती गई अनियमितता के मामले में जिन दो अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि मिली है वह अपने संगठन के नेता हैं। इसमें मनोज कुमार सिंह ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष हैं वहीं एडीओ (पंचायत) आमोद कुमार शर्मा ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के संरक्षक एवं सहायक विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष हैं।