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आम आदमी के जायके में मिलावट
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सावधान: शहर में बिक रहा हर दूसरा खाद्य पदार्थ नकली या मिलावटी
- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच 51.03 फीसदी खाद्य सामग्री नकली या मिलावटी पाई गई
- पिछले साल जांच में 723 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, 369 पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बाजार से कोई भी खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहें, शहर में बिकने वाला हर दूसरा खाद्य पदार्थ नकली या मिलावटी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जिला इकाई ने बीते वर्ष खाद्य पदार्थों के 723 नमूने लिए। इनमें से 369 यानी 51.03 फीसदी नमूने जांच में फेल हो गए। नकली, मिलावटी या घटिया खाद्य पदार्थ बेचने वालों से प्राधिकरण ने 44.48 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया।
शहर में अभी भी मिलावटी खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं लेकिन शिकायत नहीं होने के कारण ऐसे सामानों की जांच नहीं हो रही है। पिछले साल एफडीए की टीम ने खाद्य सामग्री बनाने, बेचने वाली 398 दुकान, संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने 3823 खाद्य पदार्थों की जांच की। संदिग्ध पाए जाने पर 723 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए। इनमें सरसों का तेल, खाद्य तेल, मसाले, बेकरी का सामान, चाय की पत्ती, नमक, नमकीन और पानी के नमूने भी शामिल थे। जांच में हर दूसरा नमूना फेल हुआ। एफडीए के सहायक आयुक्त विनोद कुमार ने बताया कि ईओ कोर्ट में 443 केस और 54 मामले एसीजेएम कोर्ट में चले। अदालतों ने 369 मामलों को सही पाते हुए दोषियों पर अर्थदंड लगाया। दोषियों से 44.48 लाख वसूल किए गए।
इधर, आम लोगों का आरोप है कि शुद्ध सरसों का तेल खरीदना भी मुश्किल हो गया है। दूध में पानी की ज्यादा मिलावट हो रही हैं लेकिन विभागीय अधिकारी खुद जांच करने के लिए नहीं जाते हैं। शिकायत करने पर ही दुकानों की जांच करने के लिए जाते हैं।
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यात्री की शिकायत के बाद ढाबे में छापा
सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनोद कुमार ने बताया कि मूंढापांडे एनएच स्थित एक ढाबे में यात्री खाना खाने के लिए गया। दिल्ली जा रहे यात्री ने खाना खराब होने की शिकायत की। इसी आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ढाबे से पनीर, सांभर और चटनी के नमूनों को कब्जे में लिया। इसके बाद ढाबे के कर्मचारियों से पूछताछ कर नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
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- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच 51.03 फीसदी खाद्य सामग्री नकली या मिलावटी पाई गई
- पिछले साल जांच में 723 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, 369 पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बाजार से कोई भी खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहें, शहर में बिकने वाला हर दूसरा खाद्य पदार्थ नकली या मिलावटी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जिला इकाई ने बीते वर्ष खाद्य पदार्थों के 723 नमूने लिए। इनमें से 369 यानी 51.03 फीसदी नमूने जांच में फेल हो गए। नकली, मिलावटी या घटिया खाद्य पदार्थ बेचने वालों से प्राधिकरण ने 44.48 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया।
शहर में अभी भी मिलावटी खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं लेकिन शिकायत नहीं होने के कारण ऐसे सामानों की जांच नहीं हो रही है। पिछले साल एफडीए की टीम ने खाद्य सामग्री बनाने, बेचने वाली 398 दुकान, संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने 3823 खाद्य पदार्थों की जांच की। संदिग्ध पाए जाने पर 723 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए। इनमें सरसों का तेल, खाद्य तेल, मसाले, बेकरी का सामान, चाय की पत्ती, नमक, नमकीन और पानी के नमूने भी शामिल थे। जांच में हर दूसरा नमूना फेल हुआ। एफडीए के सहायक आयुक्त विनोद कुमार ने बताया कि ईओ कोर्ट में 443 केस और 54 मामले एसीजेएम कोर्ट में चले। अदालतों ने 369 मामलों को सही पाते हुए दोषियों पर अर्थदंड लगाया। दोषियों से 44.48 लाख वसूल किए गए।
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इधर, आम लोगों का आरोप है कि शुद्ध सरसों का तेल खरीदना भी मुश्किल हो गया है। दूध में पानी की ज्यादा मिलावट हो रही हैं लेकिन विभागीय अधिकारी खुद जांच करने के लिए नहीं जाते हैं। शिकायत करने पर ही दुकानों की जांच करने के लिए जाते हैं।
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यात्री की शिकायत के बाद ढाबे में छापा
सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनोद कुमार ने बताया कि मूंढापांडे एनएच स्थित एक ढाबे में यात्री खाना खाने के लिए गया। दिल्ली जा रहे यात्री ने खाना खराब होने की शिकायत की। इसी आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ढाबे से पनीर, सांभर और चटनी के नमूनों को कब्जे में लिया। इसके बाद ढाबे के कर्मचारियों से पूछताछ कर नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।