Moradabad: सरेराह पिटाई का बदला लेने को किया था हिस्ट्रीशीटर की हत्या, दिवाली की रात छोटे लाल को मारी थी गोली
सीओ कोतवाली देश दीपक सिंह ने बताया कि कटरापूरन जाट मोहल्ला निवासी छोटे लाल प्रजापति उर्फ कलुआ सोमवार रात घर में परिवार के साथ दिवाली मना रहे थे। इसी दौरान कंजरी सराय निवासी महेश, सोनू और इंदू उर्फ इंद्रपाल से छोटे लाल प्रजापति के बेटे हैप्पी का जुआ खेलने को लेकर विवाद हो गया था।
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कोतवाली क्षेत्र में दिवाली की रात हिस्ट्रीशीटर की हत्या सरेराह पिटाई का बदला लेने के लिए की गई थी। बुधवार दोपहर पुलिस ने हत्यारोपी सोनू और इंदू उर्फ इंद्रपाल को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस का दावा है कि हिस्ट्रीशीटर के बेटे हैप्पी का जुआ खेलने को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में पिता ने आरोपियों की पिटाई कर दी थी।
सीओ कोतवाली देश दीपक सिंह ने बताया कि कटरापूरन जाट मोहल्ला निवासी छोटे लाल प्रजापति उर्फ कलुआ सोमवार रात घर में परिवार के साथ दिवाली मना रहे थे। इसी दौरान कंजरी सराय निवासी महेश, सोनू और इंदू उर्फ इंद्रपाल से छोटे लाल प्रजापति के बेटे हैप्पी का जुआ खेलने को लेकर विवाद हो गया था। जुआ के अड्डे से दोनों पक्ष एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देकर उठ गए थे।
सोमवार देर करीब साढ़े बारह बजे रास्ते में महेश और उसके साथियों ने फिर से हैप्पी को घेर लिया और उसके साथ अभद्रता की थी। हैप्पी अपने पिता छोटे लाल को घर से बुला लाया था। इस दौरान छोटे लाल ने सोनू की पिटाई कर दी थी। इसके बाद उसने महेश और इंदू उर्फ इंद्रपाल को भी पीटने के लिए कहा। इसी दौरान महेश अपने घर गया और तमंचा लेकर आ गया।
इसके बाद महेश ने तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी थी। छोटे लाल अपनी जान बचाकर भागने लगा। इसी दौरान उसे पीठ में गोली मार दी थी और तमंचा लहराते हुए मौके से भाग गए थे। मेरठ ले जाने समय छोटे लाल ने दम तोड़ दिया था। बुधवार रात पुलिस ने कंजरी सराय निवासी सोनू और इंदू उर्फ इंद्रपाल को गिरफ्तार कर इनकी निशानदेही पर तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए हैं। बुधवार दोपहर बाद दोनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है, जबकि महेश की तलाश की जा रही है।
पुलिस का दावा, तीन आरोपियों की नहीं आई हत्याकांड में कोई भूमिका
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर छोटे लाल उर्फ कलुआ के भतीजे देवीदास ने सोनू, इंदू उर्फ इंद्रपाल, महेश के अलावा मझोला के जयंतीपुर निवासी हाजी रिजवान, मानसरोवर कालोनी निवासी जितेंद्र और टीडीआई सिटी के पीछे सी-41 निवासी देवेंद्र पाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 302( हत्या) और 120 बी(साजिश) के तहत केस दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि देवेंद्र, जितेंद्र और हाजी रिजवान ने रुपये देकर इंदू, सोनू और महेश से कराई है। पुलिस जांच में पुरानी कोई रंजिश सामने नहीं आई है। जुआ के विवाद में हुई मारपीट के बाद गोली मारकर हत्या की गई थी।