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डाक बाबू ने हड़पे सरकारी खजाने के एक लाख
Moradabad
Updated Tue, 04 Feb 2014 02:57 PM IST
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मुरादाबाद। सरकारी खजाने के लगभग एक लाख रुपये हड़पने वाले बाबू के खिलाफ 12 साल बाद मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिस बाबू के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ वह सेवानिवृत्त भी हो चुका है। उस पर वीपी पार्सल के एक लाख रुपये हड़पने का आरोप है।
डाक विभाग से एक शहर से दूसरे शहर में सामान भेजने के लिए वीपी (वैल्यूएबल पैमेंट) पार्सल की सुविधा उपलब्ध कराता है। जिसमें सामान मिलने पर उपभोक्ता को मनीआर्डर करना पड़ता है। इसी मनीआर्डर के रुपये पोस्ट आफिस के बाबू शिशुपाल ने सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय अपने काम में प्रयोग कर लिया। मामला पकड़ में आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन इस मामले कोई रिकवरी नहीं कराई गई। 2002 में पकड़ में आए इस मामले की फाइल 12 साल बाद एक बार फिर से खुली है। पीएमजी आफिस से प्रवर डाक अधीक्षक को पत्र आया। जिसमें लिपिक शिशुपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। प्रवर डाक अधीक्षक के आदेश पर सीनियर पोस्ट मास्टर एससी सगर ने बताया कि शिशुपाल के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि शिशुपाल कई साल पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
डाक विभाग से एक शहर से दूसरे शहर में सामान भेजने के लिए वीपी (वैल्यूएबल पैमेंट) पार्सल की सुविधा उपलब्ध कराता है। जिसमें सामान मिलने पर उपभोक्ता को मनीआर्डर करना पड़ता है। इसी मनीआर्डर के रुपये पोस्ट आफिस के बाबू शिशुपाल ने सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय अपने काम में प्रयोग कर लिया। मामला पकड़ में आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन इस मामले कोई रिकवरी नहीं कराई गई। 2002 में पकड़ में आए इस मामले की फाइल 12 साल बाद एक बार फिर से खुली है। पीएमजी आफिस से प्रवर डाक अधीक्षक को पत्र आया। जिसमें लिपिक शिशुपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। प्रवर डाक अधीक्षक के आदेश पर सीनियर पोस्ट मास्टर एससी सगर ने बताया कि शिशुपाल के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि शिशुपाल कई साल पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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