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प्रश्नपत्र छापने के लिए बजट नहीं, कैसे होंगी परीक्षाएं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 13 Feb 2019 01:50 AM IST
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प्रश्नपत्र छापने के लिए बजट नहीं, कैसे होंगी परीक्षाएं
मुरादाबाद।
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सरकारी स्कूलों में शैक्षिक सुधार के लिए लर्निंग आउटकम के आधार पर ग्रेडिंग कराने के प्रोजेक्ट में बजट रोड़ा बन गया है। ग्रेडिंग के लिए दिसंबर माह में बच्चों की परीक्षाएं होनी थी। निदेशालय ने परीक्षा के लिए बजट तो जारी नहीं किया 20 फरवरी तक परीक्षाएं कराने का फरमान जारी कर दिया है। इससे बेसिक शिक्षा विभाग एवं जिला समन्वयक असमंजस में फंस गए हैं।
योगी सरकार ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के लिए पहली बार ग्रेडिंग व्यवस्था लागू की है। इसके लिए सभी स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई है। ग्रेडिंग आउटकम प्रोजेक्ट में बच्चों ने कितना सीखा, इसके लिए परीक्षा होनी है। परीक्षा से ही शिक्षकों की जवाबदेही तय होनी है। निदेशालय ने लगातार तीसरी बार परीक्षाएं कराने का फरमान जारी कर दिया है। निदेशक डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने 11 फरवरी से 20 फरवरी के अंतराल में परीक्षाएं कराने के आदेश दिए हैं। इसमें कहा गया नामांकित सभी बच्चों की परीक्षा होगी। कक्षा एक और दो के छात्रों के 30 सवाल, कक्षा तीन के बच्चों के लिए 30 सवाल और कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों के लिए 40 और कक्षा छह से 8 तक के बच्चों के लिए 50 सवाल का प्रश्न पत्र तैयार कराएं।
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सभी कक्षाओं के पेपर की समय अवधि 50 मिनट से लेकर 120 मिनट तक है। कक्षा एक और दो के बच्चों के प्रश्न पत्र में अंग्रेजी, गणित और हिंदी को शामिल करने के निर्देश हैं। कक्षा तीन से पांचवीं तक हिंदी, अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण और कक्षा छह से 8वीं तक हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान का समावेश किया जाना है। प्रश्न पत्र में ही चार विकल्प हाेंगे। स्कूलों को बीआरसी से सीलबंद प्रश्न पत्र मुहैया कराए जाए। मुरादाबाद जिले में 1225 स्कूल हैं। इनमें छात्र संख्या करीब एक लाख 63 हजार है। बजट के अभाव में कैसे परीक्षाएं की जाएंगी इसको लेकर विभागीय अफसर दुविधा में हैं।
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- जनपद स्तरीय समिति के समक्ष मामला रखा जाएगा। समिति जो फैसला लेगी उसके बाद ही परीक्षा आयोजन की तैयारियां कराई जाएंगी। निदेशालय ने मौखिक रूप से परीक्षा आयोजन के लिए दो लाख रुपये जारी करने की बात कही है। बजट अभी तक नहीं मिला है और न ही लिखित आदेश आया है। - देवेंद्र कुमार, जिला समन्वयक
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