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प्राचार्य-विभागाध्यक्ष विवाद में विद्यार्थियों की मुसीबत
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मुरादाबाद।
हिंदू कालेज के जंतु विज्ञान विभाग का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्राचार्य और विभागाध्यक्ष के झगड़े में अब विद्यार्थी आ गए हैं। विभागाध्यक्ष ने प्राचार्य पर छात्रहित में कार्य न करके एमएससी के विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म प्राचार्य कक्ष में जमा कराने का आरोप लगाया है तो वहीं, प्राचार्य ने विभागाध्यक्ष पर टूर के नाम पर दो हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है।
विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा गर्ग का कहना है कि सभी विभागों में विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म जमा किए जा रहे हैं, लेकिन जंतु विज्ञान विभाग के एमएससी प्रथम और अंतिम वर्ष के फार्म प्राचार्य अपने पास जमा करवा रहे हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी न होने की वजह से विभाग में प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी भी नहीं हो पा रही है। विभाग में पठन-पाठन प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। इसके अलावा आंतरिक परीक्षक के नाम भी प्राचार्य ने अपने स्तर से भेजे हैं। इसकी लिखित शिकायत विश्वविद्यालय से की गई है। प्राचार्य डॉ. केसी गुप्ता ने बताया कि विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा गर्ग टूर के नाम पर छात्रों से दो हजार रुपये वसूल रही हैं। इसलिए छात्र मेरे पास फार्म जमा करके गए हैं। छह महीने विद्यार्थियों ने दो शाखाओं की पढ़ाई की है, जिसको विभागाध्यक्ष बंद कर रही हैं। इसकी लिखित शिकायत विद्यार्थियों ने की है। आंतरिक परीक्षक बनाने के समय विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी मेरे पास थी, इसलिए उनसे राय नहीं लगी गई। जो नाम भेजे हैं, वह वरिष्ठता और चक्रानुक्रम के अनुसार भेजे हैं। दो हजार रुपये लेने के आरोप पर विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा गर्ग ने कहा कि यदि ऐसा आरोप है तो यह गंभीर है। इसके बावजूद प्राचार्य ने मुझसे स्पष्टीकरण क्यों नहीं मांगा। इसका मैं सख्त विरोध करती हूं।
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हिंदू कालेज के जंतु विज्ञान विभाग का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्राचार्य और विभागाध्यक्ष के झगड़े में अब विद्यार्थी आ गए हैं। विभागाध्यक्ष ने प्राचार्य पर छात्रहित में कार्य न करके एमएससी के विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म प्राचार्य कक्ष में जमा कराने का आरोप लगाया है तो वहीं, प्राचार्य ने विभागाध्यक्ष पर टूर के नाम पर दो हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है।
विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा गर्ग का कहना है कि सभी विभागों में विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म जमा किए जा रहे हैं, लेकिन जंतु विज्ञान विभाग के एमएससी प्रथम और अंतिम वर्ष के फार्म प्राचार्य अपने पास जमा करवा रहे हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी न होने की वजह से विभाग में प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी भी नहीं हो पा रही है। विभाग में पठन-पाठन प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। इसके अलावा आंतरिक परीक्षक के नाम भी प्राचार्य ने अपने स्तर से भेजे हैं। इसकी लिखित शिकायत विश्वविद्यालय से की गई है। प्राचार्य डॉ. केसी गुप्ता ने बताया कि विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा गर्ग टूर के नाम पर छात्रों से दो हजार रुपये वसूल रही हैं। इसलिए छात्र मेरे पास फार्म जमा करके गए हैं। छह महीने विद्यार्थियों ने दो शाखाओं की पढ़ाई की है, जिसको विभागाध्यक्ष बंद कर रही हैं। इसकी लिखित शिकायत विद्यार्थियों ने की है। आंतरिक परीक्षक बनाने के समय विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी मेरे पास थी, इसलिए उनसे राय नहीं लगी गई। जो नाम भेजे हैं, वह वरिष्ठता और चक्रानुक्रम के अनुसार भेजे हैं। दो हजार रुपये लेने के आरोप पर विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा गर्ग ने कहा कि यदि ऐसा आरोप है तो यह गंभीर है। इसके बावजूद प्राचार्य ने मुझसे स्पष्टीकरण क्यों नहीं मांगा। इसका मैं सख्त विरोध करती हूं।
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