{"_id":"5b3000484f1c1bf46e8b96c6","slug":"91529872456-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीलिंग भूमि की फैंसिंग कराएगा एमडीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीलिंग भूमि की फैंसिंग कराएगा एमडीए
Updated Mon, 25 Jun 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
शहर में सीलिंग भूमि के चारों ओर कटीले तारों की बाढ़ लगाई जाएगी। सीलिंग भूमि पर आए दिन हो रहे अवैध कब्जों को देखते हुए एमडीए ने यह कदम उठाया है। अर्बन सीलिंग की करीब 2.5 लाख वर्ग मीटर भूमि पर शहर में अवैध कब्जे हैं। पिछले साल खुद प्रशासनिक अफसरों ने अर्बन सीलिंग की 68000 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जे करा दिए थे। एमडीए अब इन अवैध कब्जों को हटाकर सीलिंग भूमि वापस ले रहा है।
शहर में सम्राट अशोक नगर, मिलन विहार, लाइनपार के दस से ज्यादा मोहल्ले अर्बन सीलिंग की भूमि पर अवैध रूप से बने हैं। इसी तर्ज पर शहर के बाकी हिस्सों में भी अर्बन सीलिंग की भूमि पर अवैध कब्जे हैं। एमडीए अफसरों की अनदेखी की वजह से साल दर साल सीलिंग की भूमि पर अवैध कब्जे होकर बस्तियां बसती चली गईं। वर्ष 2016-17 में तो खुद प्रशासनिक अफसरों ने सीलिंग की भूमि का सौदा कर डाला। हाईकोर्ट के आदेश पर सुनवाई के बाद पूर्व अफसरों के सभी आदेश रद्द किए जा चुके हैं। एमडीए ने वापस सीलिंग भूमि पर कब्जा लेना शुरू कर दिया है। तीन दिन पहले लाकड़ी फाजलपुर और ढक्का में करीब 24 करोड़ रुपये मूल्य की सीलिंग की 26 बीघा भूमि एमडीए ने खाली कराई है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष कनक त्रिपाठी का कहना है कि खाली जा रही भूमि पर प्राधिकरण कटीले तारों की बाढ़ लगाएगा। उन्होंने बताया कि चाहरदीवारी में अधिक खर्च आने की वजह से एमडीए ने यह फैसला किया है। भूमि पर प्राधिकरण के बोर्ड भी लगाए जाएंगे। सीलिंग भूमि पर भविष्य में किसी भी तरह का कब्जा या अवैध निर्माण होने पर इलाके के अवर अभियंता की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
विज्ञापन
शहर में सीलिंग भूमि के चारों ओर कटीले तारों की बाढ़ लगाई जाएगी। सीलिंग भूमि पर आए दिन हो रहे अवैध कब्जों को देखते हुए एमडीए ने यह कदम उठाया है। अर्बन सीलिंग की करीब 2.5 लाख वर्ग मीटर भूमि पर शहर में अवैध कब्जे हैं। पिछले साल खुद प्रशासनिक अफसरों ने अर्बन सीलिंग की 68000 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जे करा दिए थे। एमडीए अब इन अवैध कब्जों को हटाकर सीलिंग भूमि वापस ले रहा है।
शहर में सम्राट अशोक नगर, मिलन विहार, लाइनपार के दस से ज्यादा मोहल्ले अर्बन सीलिंग की भूमि पर अवैध रूप से बने हैं। इसी तर्ज पर शहर के बाकी हिस्सों में भी अर्बन सीलिंग की भूमि पर अवैध कब्जे हैं। एमडीए अफसरों की अनदेखी की वजह से साल दर साल सीलिंग की भूमि पर अवैध कब्जे होकर बस्तियां बसती चली गईं। वर्ष 2016-17 में तो खुद प्रशासनिक अफसरों ने सीलिंग की भूमि का सौदा कर डाला। हाईकोर्ट के आदेश पर सुनवाई के बाद पूर्व अफसरों के सभी आदेश रद्द किए जा चुके हैं। एमडीए ने वापस सीलिंग भूमि पर कब्जा लेना शुरू कर दिया है। तीन दिन पहले लाकड़ी फाजलपुर और ढक्का में करीब 24 करोड़ रुपये मूल्य की सीलिंग की 26 बीघा भूमि एमडीए ने खाली कराई है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष कनक त्रिपाठी का कहना है कि खाली जा रही भूमि पर प्राधिकरण कटीले तारों की बाढ़ लगाएगा। उन्होंने बताया कि चाहरदीवारी में अधिक खर्च आने की वजह से एमडीए ने यह फैसला किया है। भूमि पर प्राधिकरण के बोर्ड भी लगाए जाएंगे। सीलिंग भूमि पर भविष्य में किसी भी तरह का कब्जा या अवैध निर्माण होने पर इलाके के अवर अभियंता की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
विज्ञापन