{"_id":"5cbf7d12bdec221454122465","slug":"81556053266-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं की कटाई और मड़ाई से गिरा मतदान प्रतिशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं की कटाई और मड़ाई से गिरा मतदान प्रतिशत
विज्ञापन
मुरादाबाद। मतदाता जागरूकता के तमाम प्रयासों और दावों के बावजूद देहात क्षेत्र में मतदान प्रतिशत में वृद्धि नहीं हुई। गेहूं की फसल कटाई, मड़ाई और गन्ने की गुड़ाई होने से कई काश्तकार मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए। काश्तकारों ने कहा कि खेतों में फसल खड़ी है। कई लोग मतदाता पर्चियां नहीं बंटने से भी वोट नहीं कर पाए। बिलारी और कुंदरकी, कांठ, ठाकुरद्वारा के कई बूथों पर सुबह 11 बजे से ही सन्नाटा पसर गया। मतदान अभिकर्ता भी मतदाताओं को बूथों तक नहीं खींच पाए।
लोकसभा के ग्रामीण इलाकों में अधिकतर मतदाता खेतीबाड़ी और मजदूरी पर निर्भर हैं। खेतों में गेहूं की फसल खड़ी और कटी पड़ी है। मजदूर फसल की कटाई और काश्तकार समेटने में जुटे हैं। कहीं गेहूं की मड़ाई तो कहीं गन्ने की गुड़ाई हो रही है। मतदान बूथों पर इसका साफ असर झलका। कई बूथों पर सुबह 11 बजे से सन्नाटा नजर आया। बिलारी के हजरत नगर गढ़ी निवासी इरशाद अपने परिवार के साथ खेतों में काम करते दिखे। इरशाद ने बताया कि कोई भी प्रत्याशी वोट मांगने नहीं आया। परिवार में बहू और बेटे के मतदान पर्ची भी नहीं आई। गांव के कई लोग भी वोट डालने नहीं गए। कुंदरकी के कमलपुर निवासी मुज्जमिल बेटे जैद, कैफ और भतीजे मो इकराम के साथ खेत में गेहूं की मड़ाई में जुटे रहे। मुज्जमिल ने बताया कि वोट देने से पेट नहीं भरने वाला है। बिलारी स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बूथ नंबर 249 में दोपहर एक बजे तक मात्र 249 वोट पड़े। बूथ पर 1040 वोट थे। बूथ नंबर 247 में 1095 वोटों में मात्र 350 पड़े। बूथ 246 में 925 वोटों में 344 ने ही मतदान किया। मैनाठेर प्राथमिक विद्यालय के बूथ 309 में दोपहर दो बजे तक 877 वोटों में 396 ही वोट पड़े। मदन स्वरूप इंटर कालेज मतदान सेंटर के मो जिशान और रियासत ने बताया कि कई ग्रामीणों की मतदान पर्चियां नहीं बंटी थी। काश्तकार वोट डालने नहीं आ पाए। कई बूथों पर 12 बजे बाद सन्नाटा पसर गया और चार बजे तक गिनती के वोटर पहुंचे।
विज्ञापन
लोकसभा के ग्रामीण इलाकों में अधिकतर मतदाता खेतीबाड़ी और मजदूरी पर निर्भर हैं। खेतों में गेहूं की फसल खड़ी और कटी पड़ी है। मजदूर फसल की कटाई और काश्तकार समेटने में जुटे हैं। कहीं गेहूं की मड़ाई तो कहीं गन्ने की गुड़ाई हो रही है। मतदान बूथों पर इसका साफ असर झलका। कई बूथों पर सुबह 11 बजे से सन्नाटा नजर आया। बिलारी के हजरत नगर गढ़ी निवासी इरशाद अपने परिवार के साथ खेतों में काम करते दिखे। इरशाद ने बताया कि कोई भी प्रत्याशी वोट मांगने नहीं आया। परिवार में बहू और बेटे के मतदान पर्ची भी नहीं आई। गांव के कई लोग भी वोट डालने नहीं गए। कुंदरकी के कमलपुर निवासी मुज्जमिल बेटे जैद, कैफ और भतीजे मो इकराम के साथ खेत में गेहूं की मड़ाई में जुटे रहे। मुज्जमिल ने बताया कि वोट देने से पेट नहीं भरने वाला है। बिलारी स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बूथ नंबर 249 में दोपहर एक बजे तक मात्र 249 वोट पड़े। बूथ पर 1040 वोट थे। बूथ नंबर 247 में 1095 वोटों में मात्र 350 पड़े। बूथ 246 में 925 वोटों में 344 ने ही मतदान किया। मैनाठेर प्राथमिक विद्यालय के बूथ 309 में दोपहर दो बजे तक 877 वोटों में 396 ही वोट पड़े। मदन स्वरूप इंटर कालेज मतदान सेंटर के मो जिशान और रियासत ने बताया कि कई ग्रामीणों की मतदान पर्चियां नहीं बंटी थी। काश्तकार वोट डालने नहीं आ पाए। कई बूथों पर 12 बजे बाद सन्नाटा पसर गया और चार बजे तक गिनती के वोटर पहुंचे।
विज्ञापन