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एक सप्ताह ठीक रहने के बाद फिर बढ़ा प्रदूषण
Updated Wed, 28 Nov 2018 02:31 AM IST
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मुरादाबाद।
एक सप्ताह साफ रहने के बाद महानगर की हवा की हालत मंगलवार को फिर से बिगड़ गई। सोमवार को 124 रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगवार को बढ़ता ही गया। शाम तक यह 323 को पार कर गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक का यह स्तर खुली हवा में सांस लेने लायक नहीं है। धूल और धुआं के साथ ही हवा में हानिकारक रसायनों की संख्या भी खतरनाक स्तर पर है।
शहर की हवा दीपावली के पहले से ही प्रदूषित चल रही थी। हवा में हानिकारक गैसों के साथ ही धूल और धुआं के कण मिले हुए थे। दो बार से महानगर की हवा का प्रदूषण देश में सबसे ज्यादा हो गया था। एक सप्ताह पहले धूप खिलने और हवा चलने के बाद से हवा साफ थी। एक सप्ताह से लगातार वायु गुणवत्ता 150 से कम थी। सोमवार को यह 124 रिकार्ड की गई थी। रात में कोहरा पड़ने और तापमान में गिरावट के साथ ही हवा की गुणवत्ता भी खराब होनी शुरू हो गई। मंगलवार शाम को हवा में एसपीएम- 2.5 का स्तर 323 पर पहुंच गया। हवा में धूल कणों के 50 मानक के सापेक्ष यह स्थिति बेहद खतरनाक है। हवा में खतरनाक गैस और जानलेवा कण भी मिले हैं।
बुध बाजार स्थित हिंदू कालेज के विशेषण प्रभारी अतुल कुमार ने बताया कि फिलहाल खुली हवा में सांस लेना सेहत पर भारी पड़ सकता है। इसके लिए मास्क पहनकर या मुंह पर कपड़ा बांधकर ही घरों से बाहर निकले। कारों के सीसे बंद रखें और घरों के आसपास पानी का छिड़काव करें।
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...
महानगर में प्रदूषण का स्तर -
...
एसपीएम-2.5 323
एसपीएम-10 288
एनओ-2 106
एनएच-3 13
एसओ-2 26
सीओ 54
...
एयर क्वालिटी इनडेक्स का स्तर व मानक -
...
एक्यूआई 323
...
0 से 50 अच्छी
51 से 100 खतरनाक
101 से 150 सेहत को खतरा (सेंसेटिव ग्रुप)
151 से 200 सेहत को खतरा (आल ग्रुप)
201 से 300 स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक
300 से 500 सेहत व जिंदगी को खतरा- सांस लेने लायक नहीं।
...
अब कोहरा बढ़ने से वायु में प्रदूषण बढ़ गया है। उम्मीद है कि दो-चार दिन में इसके स्तर में कमी आने की उम्मीद है। शहर की हवा खतरनाक श्रेणी में आ गई है। ऐसे में लापरवाही सेहत और जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
- वीकेराजपूत, पर्यावरण वैज्ञानिक- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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एक सप्ताह साफ रहने के बाद महानगर की हवा की हालत मंगलवार को फिर से बिगड़ गई। सोमवार को 124 रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगवार को बढ़ता ही गया। शाम तक यह 323 को पार कर गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक का यह स्तर खुली हवा में सांस लेने लायक नहीं है। धूल और धुआं के साथ ही हवा में हानिकारक रसायनों की संख्या भी खतरनाक स्तर पर है।
शहर की हवा दीपावली के पहले से ही प्रदूषित चल रही थी। हवा में हानिकारक गैसों के साथ ही धूल और धुआं के कण मिले हुए थे। दो बार से महानगर की हवा का प्रदूषण देश में सबसे ज्यादा हो गया था। एक सप्ताह पहले धूप खिलने और हवा चलने के बाद से हवा साफ थी। एक सप्ताह से लगातार वायु गुणवत्ता 150 से कम थी। सोमवार को यह 124 रिकार्ड की गई थी। रात में कोहरा पड़ने और तापमान में गिरावट के साथ ही हवा की गुणवत्ता भी खराब होनी शुरू हो गई। मंगलवार शाम को हवा में एसपीएम- 2.5 का स्तर 323 पर पहुंच गया। हवा में धूल कणों के 50 मानक के सापेक्ष यह स्थिति बेहद खतरनाक है। हवा में खतरनाक गैस और जानलेवा कण भी मिले हैं।
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बुध बाजार स्थित हिंदू कालेज के विशेषण प्रभारी अतुल कुमार ने बताया कि फिलहाल खुली हवा में सांस लेना सेहत पर भारी पड़ सकता है। इसके लिए मास्क पहनकर या मुंह पर कपड़ा बांधकर ही घरों से बाहर निकले। कारों के सीसे बंद रखें और घरों के आसपास पानी का छिड़काव करें।
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महानगर में प्रदूषण का स्तर -
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एसपीएम-2.5 323
एसपीएम-10 288
एनओ-2 106
एनएच-3 13
एसओ-2 26
सीओ 54
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एयर क्वालिटी इनडेक्स का स्तर व मानक -
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एक्यूआई 323
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0 से 50 अच्छी
51 से 100 खतरनाक
101 से 150 सेहत को खतरा (सेंसेटिव ग्रुप)
151 से 200 सेहत को खतरा (आल ग्रुप)
201 से 300 स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक
300 से 500 सेहत व जिंदगी को खतरा- सांस लेने लायक नहीं।
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अब कोहरा बढ़ने से वायु में प्रदूषण बढ़ गया है। उम्मीद है कि दो-चार दिन में इसके स्तर में कमी आने की उम्मीद है। शहर की हवा खतरनाक श्रेणी में आ गई है। ऐसे में लापरवाही सेहत और जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
- वीकेराजपूत, पर्यावरण वैज्ञानिक- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।