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एनजीटी ने रामगंगा में गिरते नाले रोकने को दिया एक साल
Updated Mon, 28 May 2018 01:59 AM IST
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मुरादाबाद।
रामगंगा में गिर रहे सीवर और नालों को रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अफसरों ने एनजीटी से एक साल का समय मांगा है। पिछले दिनों एनजीटी के सामने सिंचाई विभाग के अफसरों ने अपना एक्शन प्लान प्रस्तुत किया था। मुरादाबाद जिले में राम गंगा के अंदर गंदा पानी गिरने के कारण गंगा स्वच्छता अभियान को झटका लग रहा है। इसी वजह से एनजीटी नाराज है।
मुरादाबाद से गुज रही रामगंगा नदी कन्नौज और लखनऊ के आसपास गंगा में मिल जाती है। ऐसे में गंगा स्वच्छता के लिए उसकी सहायक नदियों की सफाई बेहद जरूरी है। इसके लिए रामगंगा को प्राथमिकता के आधार पर साफ करने का लक्ष्य चार साल पहले रखा गया था। उसके बावजूद रामगंगा में शहर के सीवर और नाले गिर रहे हैं। इनके कारण रामगंगा दूषित बनी हुई है। आलम यह है कि रामगंगा के पानी को स्पर्श करने मात्र से एलर्जी हो जाती है। फिलहाल यह मामला एनजीटी में विचाराधीन है।
सिंचाई विभाग का पक्ष रखने के लिए एक्सईएन महेंद्र सिंह एनजीटी में पेश हुए थे। वहां पर उन्होांने रामगंगा स्वच्छता का एक्शन प्लान रखा था। जिसमें सीवर लाइन की स्थिति से अवगत कराया गया था। एक साल में रामगंगा में गिर रहे नाले - सीवर को साफ करने की तैयारी है। सभी नालों को एसटीपी से साफ करके रामगंगा में डाला जाएगा। फिलहाल एनजीटी ने इस मामले पर सिंचाई विभाग का उत्तर विचारार्थ स्वीकार कर लिया है। इस पर एक सप्ताह में एनजीटी की गाइडलाइन जारी होने की संभावना है।
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रामगंगा में गिर रहे सीवर और नालों को रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अफसरों ने एनजीटी से एक साल का समय मांगा है। पिछले दिनों एनजीटी के सामने सिंचाई विभाग के अफसरों ने अपना एक्शन प्लान प्रस्तुत किया था। मुरादाबाद जिले में राम गंगा के अंदर गंदा पानी गिरने के कारण गंगा स्वच्छता अभियान को झटका लग रहा है। इसी वजह से एनजीटी नाराज है।
मुरादाबाद से गुज रही रामगंगा नदी कन्नौज और लखनऊ के आसपास गंगा में मिल जाती है। ऐसे में गंगा स्वच्छता के लिए उसकी सहायक नदियों की सफाई बेहद जरूरी है। इसके लिए रामगंगा को प्राथमिकता के आधार पर साफ करने का लक्ष्य चार साल पहले रखा गया था। उसके बावजूद रामगंगा में शहर के सीवर और नाले गिर रहे हैं। इनके कारण रामगंगा दूषित बनी हुई है। आलम यह है कि रामगंगा के पानी को स्पर्श करने मात्र से एलर्जी हो जाती है। फिलहाल यह मामला एनजीटी में विचाराधीन है।
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सिंचाई विभाग का पक्ष रखने के लिए एक्सईएन महेंद्र सिंह एनजीटी में पेश हुए थे। वहां पर उन्होांने रामगंगा स्वच्छता का एक्शन प्लान रखा था। जिसमें सीवर लाइन की स्थिति से अवगत कराया गया था। एक साल में रामगंगा में गिर रहे नाले - सीवर को साफ करने की तैयारी है। सभी नालों को एसटीपी से साफ करके रामगंगा में डाला जाएगा। फिलहाल एनजीटी ने इस मामले पर सिंचाई विभाग का उत्तर विचारार्थ स्वीकार कर लिया है। इस पर एक सप्ताह में एनजीटी की गाइडलाइन जारी होने की संभावना है।
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