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अफसरों ने नोडल अधिकारी के सामने रख दिए फर्जी आंकड़े
Updated Thu, 13 Sep 2018 02:24 AM IST
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मुरादाबाद।
जिले के नोडल अधिकारी भुवनेश कुमार की समीक्षा बैठक में कई विभागों ने फर्जी आंकड़े रख दिए। इससे खफा नोडल अधिकारी ने बीएसए, जीएम जल और उप निदेशक कृषि को कार्यप्रणाली में सुधार करने की हिदायत दी है। विभागीय जानकारी देने में नाकाम रहे एसडीओ नलकूप को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का प्रस्ताव बनाने के निर्देश नोडल अधिकारी ने दिए हैं। नगर निगम की अमृत योजना और सीवरेज योजना की प्रगति पर भी उन्होंने असंतोष जताया।
सर्किट हाउस में बुधवार शाम नोडल अधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सभी विभागों की बैठक बुलाई। विभागीय जानकारी और नलकूप का कमांड एरिया नहीं बता पाने पर एसडीओ नलकूप प्रदीप कुमार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के निर्देश दिए। उन्होंने 2026 करोड़ रुपये की लागत के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए कहा कि कमांड कंट्रोल सिस्टम, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के अलावा पेयजल, ड्रेनेज, सीवरेज और सफाई को शामिल करते हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को तैयार किया जाए। अमृत योजना के अंतर्गत पेयजल योजनाओं में विलंब पर नाराजगी जताई। उन्हाेंने सीवरेज कनेक्शनों की खराब प्रगति और भौतिक सत्यापन व रिकार्ड के आंकड़ों में विरोधाभास मिलने पर अफसरों को चेतावनी दी है। बीएसए द्वारा रखे गए आंकड़े गलत मिलने पर नोडल अफसर ने उन्हें कड़ी चेतावनी देकर सुधार के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में डीएम राकेश कुमार सिंह, सीडीओ मृदुल चौधरी, नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा, एडीएम प्रीति जायसवाल, एडीएम लक्ष्मीशंकर सिंह आदि थे।
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जिले के नोडल अधिकारी भुवनेश कुमार की समीक्षा बैठक में कई विभागों ने फर्जी आंकड़े रख दिए। इससे खफा नोडल अधिकारी ने बीएसए, जीएम जल और उप निदेशक कृषि को कार्यप्रणाली में सुधार करने की हिदायत दी है। विभागीय जानकारी देने में नाकाम रहे एसडीओ नलकूप को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का प्रस्ताव बनाने के निर्देश नोडल अधिकारी ने दिए हैं। नगर निगम की अमृत योजना और सीवरेज योजना की प्रगति पर भी उन्होंने असंतोष जताया।
सर्किट हाउस में बुधवार शाम नोडल अधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सभी विभागों की बैठक बुलाई। विभागीय जानकारी और नलकूप का कमांड एरिया नहीं बता पाने पर एसडीओ नलकूप प्रदीप कुमार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के निर्देश दिए। उन्होंने 2026 करोड़ रुपये की लागत के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए कहा कि कमांड कंट्रोल सिस्टम, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के अलावा पेयजल, ड्रेनेज, सीवरेज और सफाई को शामिल करते हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को तैयार किया जाए। अमृत योजना के अंतर्गत पेयजल योजनाओं में विलंब पर नाराजगी जताई। उन्हाेंने सीवरेज कनेक्शनों की खराब प्रगति और भौतिक सत्यापन व रिकार्ड के आंकड़ों में विरोधाभास मिलने पर अफसरों को चेतावनी दी है। बीएसए द्वारा रखे गए आंकड़े गलत मिलने पर नोडल अफसर ने उन्हें कड़ी चेतावनी देकर सुधार के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में डीएम राकेश कुमार सिंह, सीडीओ मृदुल चौधरी, नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा, एडीएम प्रीति जायसवाल, एडीएम लक्ष्मीशंकर सिंह आदि थे।
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