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रेलवे के विभिन्न विभागों में 4313 पद खाली, संचालन पर पड़ रहा असर
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मुरादाबाद। उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में रेलवे के विभिन्न विभागों में 4313 पद खाली हैं। इससे संचालन पर असर पड़ा रहा है। साथ ही कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। ड्राइवर, सहायक ड्राइवर, गार्ड आदि महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त रेस्ट नहीं मिल रहा है। इससे संरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। इंजीनियरिंग, परिचालन, वाणिज्य विभाग, विद्युत विभाग, कैरिज एंड वैगन और मैकेनिकल आदि विभागों में लंबे समय से भर्ती नहीं हुई है।
साथ ही कर्मचारियों की रीस्ट्रक्टरिंग भी नहीं हो रही है। इसका मुद्दा रेल कर्मचारी संगठनों द्वारा पीएनएम में भी उठाया जाता रहा है। इसके कारण कर्मचारियों में तनाव और असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन इन पदों को भरने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। कर्मचारी संगठनों के प्रमुखों का कहना यह है कि सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। इसके चलते विभिन्न विभागों में खाली पड़े इन पदों को नहीं भरा जा रहा है। अलग-अलग विभागों की बात करें तो सबसे ज्यादा पद ट्रैकमैनों के और इंजिनियरिंग विभाग में खाली हैं। इसके अलावा टीटीई स्टाफ, कैरिज एंड वैगन, गार्ड और लोकोपायलट (ड्राइवर) के अनेक पद खाली हैं। ऐसे में विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ड्राइवरों, गार्डों की कमी से स्टाफ को कम र्सेट मिल रहा है। इससे परिचालन और संरक्षा दोनों प्रभावित हो सकते हैं। वाणिज्य विभाग में मुरादाबाद स्टेशन की बात करें तो यहां टीटीई स्टाफ के 310 पद हैं।
इनमें से सिर्फ 222 टीटीई ही कार्यरत हैं, इनमें 40 से ज्यादा अक्षम या बीमार हैं। ऐसे में इन स्टाफ को स्टेशन पर गई ड्यूटी देनी पड़ रही है। ट्रेन में कार्य करने वाला स्टाफ बेहद कम है। वहीं मंडल में योगनगरी ऋषिकेश, वीरभद्र जैसे नए रेलवे स्टेशन बनने से यह समस्या और बढ़ गई है। स्थिति यह है कि जहां ट्रेनों में पांच टीटीई तैनात होने चाहिए वहां सिर्फ दो लोगों की ही ड्यूटी लगाई जा रही है। नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री राजेश चौबे और उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल मंत्री शलभ सिंह का कहना है कि वह अपने संगठनों और रेलवे प्रशासन के बीच स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में इस मुद्दे को उठा चुके हैं। यदि मुख्यालय की ओर से जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो मंडल में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
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किस विभाग में कितने पद खाली
विभाग कुल पद कार्यरत स्टाफ खाली पद
प्रशासनिक 113 88 25
इंजीनियरिंग 6957 5500 1457
मैकेनिकल 4017 3201 816
परिचालन 3648 3068 580
वाणिज्य 2035 1362 673
एस एंड टी 1034 912 122
इलेक्ट्रिकल 1276 902 374
मेडिकल 493 450 43
नोट - इसके अलावा आरपीएफ व स्टोर में कई पद खाली हैं।
मुरादाबाद रेल मंडल में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। हाल ही में मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के ड्राइवरों के रूप में सीनियर लोको पायलटों का प्रमेशन किया गया है। इससे मंडल में पीओएल की समस्या खत्म हुई है। अन्य पदों को भी शीघ्र भरने के लिए कार्य किया जा रहा है।
- अजय नंदन, मंडल रेल प्रबंधक
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साथ ही कर्मचारियों की रीस्ट्रक्टरिंग भी नहीं हो रही है। इसका मुद्दा रेल कर्मचारी संगठनों द्वारा पीएनएम में भी उठाया जाता रहा है। इसके कारण कर्मचारियों में तनाव और असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन इन पदों को भरने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। कर्मचारी संगठनों के प्रमुखों का कहना यह है कि सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। इसके चलते विभिन्न विभागों में खाली पड़े इन पदों को नहीं भरा जा रहा है। अलग-अलग विभागों की बात करें तो सबसे ज्यादा पद ट्रैकमैनों के और इंजिनियरिंग विभाग में खाली हैं। इसके अलावा टीटीई स्टाफ, कैरिज एंड वैगन, गार्ड और लोकोपायलट (ड्राइवर) के अनेक पद खाली हैं। ऐसे में विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ड्राइवरों, गार्डों की कमी से स्टाफ को कम र्सेट मिल रहा है। इससे परिचालन और संरक्षा दोनों प्रभावित हो सकते हैं। वाणिज्य विभाग में मुरादाबाद स्टेशन की बात करें तो यहां टीटीई स्टाफ के 310 पद हैं।
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इनमें से सिर्फ 222 टीटीई ही कार्यरत हैं, इनमें 40 से ज्यादा अक्षम या बीमार हैं। ऐसे में इन स्टाफ को स्टेशन पर गई ड्यूटी देनी पड़ रही है। ट्रेन में कार्य करने वाला स्टाफ बेहद कम है। वहीं मंडल में योगनगरी ऋषिकेश, वीरभद्र जैसे नए रेलवे स्टेशन बनने से यह समस्या और बढ़ गई है। स्थिति यह है कि जहां ट्रेनों में पांच टीटीई तैनात होने चाहिए वहां सिर्फ दो लोगों की ही ड्यूटी लगाई जा रही है। नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री राजेश चौबे और उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल मंत्री शलभ सिंह का कहना है कि वह अपने संगठनों और रेलवे प्रशासन के बीच स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में इस मुद्दे को उठा चुके हैं। यदि मुख्यालय की ओर से जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो मंडल में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
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किस विभाग में कितने पद खाली
विभाग कुल पद कार्यरत स्टाफ खाली पद
प्रशासनिक 113 88 25
इंजीनियरिंग 6957 5500 1457
मैकेनिकल 4017 3201 816
परिचालन 3648 3068 580
वाणिज्य 2035 1362 673
एस एंड टी 1034 912 122
इलेक्ट्रिकल 1276 902 374
मेडिकल 493 450 43
नोट - इसके अलावा आरपीएफ व स्टोर में कई पद खाली हैं।
मुरादाबाद रेल मंडल में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। हाल ही में मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के ड्राइवरों के रूप में सीनियर लोको पायलटों का प्रमेशन किया गया है। इससे मंडल में पीओएल की समस्या खत्म हुई है। अन्य पदों को भी शीघ्र भरने के लिए कार्य किया जा रहा है।
- अजय नंदन, मंडल रेल प्रबंधक