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नहायखाय के साथ छठ महापर्व शुरू
Updated Mon, 12 Nov 2018 02:01 AM IST
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मुरादाबाद। महानगर में छठ महापर्व की शुरूआत रविवार सुबह नहाय-खाय के साथ शुरू हो गई। पूर्वांचल लोकसेवा समिति के तत्वावधान में छठ महापर्व के लिए तालाबों की पुताई सोमवार सुबह को की जाएगी। सोमवार सुबह से निर्जला व्रत की शुरूआत हो जाएगी। व्रत 14 नवंबर को उगते सूरज को अर्घ्य देकर पूर्ण होगा।
छठ मैया का महापर्व रविवार सुबह से शुरू हो गया। घरों में रसोई और बर्तनों की धुलाई की गई। उसके बाद व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए साफ बर्तन अलग किए गए। स्नान करके चने की दाल, चावल और लौकी तैयार करके खाया गया। इस नहाय-खाय की परंपरा के साथ ही पर्व शुरू हो गया। दिनभर छठ मैया का पूजन किया गया। पूर्वांचल लोकसेवा समिति के सचिव धर्मवीर सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह विधिवत पूजन के साथ ही निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। दिन भर बिना खाना - पानी के व्रत रखकर शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद वितरित किया जाएगा। निर्जला व्रत रखने के साथ ही पूजन जारी रहेगा। छठ का व्रत रखने वाले 13 नवंबर की शाम डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देंगे। 14 नवंबर की सुबह उगते हुए सूरज को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व पूर्ण हो जाएगा।
संगठन की युवा शाखा के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह से घाटों की तैयारी शुरू हो जाएगी। बुद्धि विहार और कपूर कंपनी के पक्के घाटों की रंगाई-पुताई की जाएगी। जबकि रामगंगा व लाइनपार के केजीके के कच्चे घाटों की सफाई की जाएगी।
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छठ मैया का महापर्व रविवार सुबह से शुरू हो गया। घरों में रसोई और बर्तनों की धुलाई की गई। उसके बाद व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए साफ बर्तन अलग किए गए। स्नान करके चने की दाल, चावल और लौकी तैयार करके खाया गया। इस नहाय-खाय की परंपरा के साथ ही पर्व शुरू हो गया। दिनभर छठ मैया का पूजन किया गया। पूर्वांचल लोकसेवा समिति के सचिव धर्मवीर सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह विधिवत पूजन के साथ ही निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। दिन भर बिना खाना - पानी के व्रत रखकर शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद वितरित किया जाएगा। निर्जला व्रत रखने के साथ ही पूजन जारी रहेगा। छठ का व्रत रखने वाले 13 नवंबर की शाम डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देंगे। 14 नवंबर की सुबह उगते हुए सूरज को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व पूर्ण हो जाएगा।
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संगठन की युवा शाखा के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह से घाटों की तैयारी शुरू हो जाएगी। बुद्धि विहार और कपूर कंपनी के पक्के घाटों की रंगाई-पुताई की जाएगी। जबकि रामगंगा व लाइनपार के केजीके के कच्चे घाटों की सफाई की जाएगी।
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