{"_id":"5c9a8beabdec2214107d0fd5","slug":"31553632234-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाह को सुनने आईं ग्रामीण महिलायें बोली हमें तो नहीं मिले उज्जवला, शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाह को सुनने आईं ग्रामीण महिलायें बोली हमें तो नहीं मिले उज्जवला, शौचालय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सुनने रामलीला ग्राउंड पर आई कुछ ग्रामीण महिलाओं ने बातचीत में उजागर किया कि महत्वाकांक्षी योजना उज्जवला का फायदा उन्हें नहीं मिला। चूल्हा और गैस से वंचित इन महिलाओं को लकड़ी, कंडा के चूल्हे पर ही खाना पकाना पड़ता है। एक महिला ने कहा कि पति की मौत हुए तीन साल होने को हैं, लेकिन विधवा पेंशन योजना के लिए भटकना पड़ रहा है। कही सुनवाई नहीं। महिलाओं की इन बातों को सुनने के बाद जब उनसे सवाल किए गए कि अगर सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिला तो क्या अपने नेता को सुनने के लिए आईं हैं।
महिलाओं ने कहा - नहीं.. सुनने नहीं आए, हमें तो ग्राम प्रधान अपने साथ लाया है। बता दें कि ये महिलायें हुमायूंपुर गांव की है। लीलावती, देवी देवी, रेववती समेत करीब दर्जन भर महिलायें रामलीला ग्राउंड पहुंची थी। उनके मुताबिक प्रशासन भले ही गांवों के सौ फीसदी ओडीएफ होने की बात कहें, लेकिन उन्हें शौचालय बनाने के लिए आर्थिक मदद तक नहीं मिली है।
हमें नहीं चाहिए खातों में 72 हजार
मैदान में पीछे की पंक्ति में बैठे त्रिलोकपुर गांव कुछ ग्रामीणों ने बातचीत में बोले - पिछली सरकारों में हमारों घरों के बाहर बंधे ढोर (जानवर) बदमाश खोलकर ले जाते थे। गांव में लड़ाई-झगड़े कम होते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बैंक खातों में सीधे 72 हजार रुपये भेजने की योजना के बाबत उन्होंने कहा - हमें अपने खातों में 72 हजार रुपये नहीं चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं ने कहा - नहीं.. सुनने नहीं आए, हमें तो ग्राम प्रधान अपने साथ लाया है। बता दें कि ये महिलायें हुमायूंपुर गांव की है। लीलावती, देवी देवी, रेववती समेत करीब दर्जन भर महिलायें रामलीला ग्राउंड पहुंची थी। उनके मुताबिक प्रशासन भले ही गांवों के सौ फीसदी ओडीएफ होने की बात कहें, लेकिन उन्हें शौचालय बनाने के लिए आर्थिक मदद तक नहीं मिली है।
विज्ञापन
हमें नहीं चाहिए खातों में 72 हजार
मैदान में पीछे की पंक्ति में बैठे त्रिलोकपुर गांव कुछ ग्रामीणों ने बातचीत में बोले - पिछली सरकारों में हमारों घरों के बाहर बंधे ढोर (जानवर) बदमाश खोलकर ले जाते थे। गांव में लड़ाई-झगड़े कम होते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बैंक खातों में सीधे 72 हजार रुपये भेजने की योजना के बाबत उन्होंने कहा - हमें अपने खातों में 72 हजार रुपये नहीं चाहिए।
विज्ञापन