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गांवों में चलेंगी मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वैन
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मुरादाबाद।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बीमार होने पर अब इलाज के लिए अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अस्पताल खुद उनके पास जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए प्रदेश सरकार मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट सुविधा शुरू हो रही है। मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वैन चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगी। बतौर पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश के कई जिलों में इसकी शुरुआत होने जा रही है।
देहात क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। प्राथमिक एवं सामुदायिक अस्पतालों में डाक्टरों और जांच सुविधाएं नहीं हैं। इससे ग्रामीणों को जिला स्तरीय अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे उनका पैसा और समय बर्बाद होता है। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने पर मौत तक हो जाती है। ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वैन शुरू की जा रही है। प्रदेश में शुरुआती चरण में स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े जिलों को शामिल किया है। मुरादाबाद मंडल में रामपुर जिला इसमें शामिल है। दूसरे चरण में मुरादाबाद समेत मंडल के अन्य जिलों को शामिल किया जाएगा। वैन में रूटीन जांच और दवाएं रहेंगी। जिन मरीजों को भर्ती करने की जरूरत होगी उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
वाहन में डाक्टर और होंगी दवाएं
मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन में डाक्टर के अलावा फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय होगा। सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, शुगर समेत जीवन रक्षक दवाएं रहेंगी। ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच होगी। ग्रामीणों को इससे राहत मिलेगी। उनका समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
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- ग्रामीण इलाकों के लिए प्रदेश सरकार मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट सुविधा लागू कर रही है। पायलट प्रोजेक्ट में प्रदेश के कुछ जिलों में इसमें शामिल किया है। मुरादाबाद जिला अभी इसमें शामिल नहीं है। हालांकि, मंडल के रामपुर जिले को शामिल किया है। दूसरे चरण में मुरादाबाद शामिल होगा। - डा. जीएस मर्तोलिया, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
सरकारी अस्पतालों पर मरीजों की निर्भरता
मुरादाबाद जिले में दो जिला स्तरीय अस्पतालों के अलावा 29 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आठ सामुदायिक चिकित्सा केंद्र और 26 अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिले के मरीजों की इन्हीं अस्पतालों पर निर्भरता है।
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ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बीमार होने पर अब इलाज के लिए अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अस्पताल खुद उनके पास जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए प्रदेश सरकार मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट सुविधा शुरू हो रही है। मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वैन चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगी। बतौर पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश के कई जिलों में इसकी शुरुआत होने जा रही है।
देहात क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। प्राथमिक एवं सामुदायिक अस्पतालों में डाक्टरों और जांच सुविधाएं नहीं हैं। इससे ग्रामीणों को जिला स्तरीय अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे उनका पैसा और समय बर्बाद होता है। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने पर मौत तक हो जाती है। ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वैन शुरू की जा रही है। प्रदेश में शुरुआती चरण में स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े जिलों को शामिल किया है। मुरादाबाद मंडल में रामपुर जिला इसमें शामिल है। दूसरे चरण में मुरादाबाद समेत मंडल के अन्य जिलों को शामिल किया जाएगा। वैन में रूटीन जांच और दवाएं रहेंगी। जिन मरीजों को भर्ती करने की जरूरत होगी उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
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वाहन में डाक्टर और होंगी दवाएं
मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन में डाक्टर के अलावा फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय होगा। सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, शुगर समेत जीवन रक्षक दवाएं रहेंगी। ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच होगी। ग्रामीणों को इससे राहत मिलेगी। उनका समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
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- ग्रामीण इलाकों के लिए प्रदेश सरकार मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट सुविधा लागू कर रही है। पायलट प्रोजेक्ट में प्रदेश के कुछ जिलों में इसमें शामिल किया है। मुरादाबाद जिला अभी इसमें शामिल नहीं है। हालांकि, मंडल के रामपुर जिले को शामिल किया है। दूसरे चरण में मुरादाबाद शामिल होगा। - डा. जीएस मर्तोलिया, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
सरकारी अस्पतालों पर मरीजों की निर्भरता
मुरादाबाद जिले में दो जिला स्तरीय अस्पतालों के अलावा 29 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आठ सामुदायिक चिकित्सा केंद्र और 26 अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिले के मरीजों की इन्हीं अस्पतालों पर निर्भरता है।