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डाक्टरों ने मना किया आपरेशन, तीमारदारों का हंगामा
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:05 AM IST
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मुरादाबाद।
महिला अस्पताल के डाक्टरों के एक गर्भवती महिला का आपरेशन करने से हाथ खड़े करने पर तीमारदारों ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। महिला के पेट में 29 हफ्तों का बच्चा मर गया था। डाक्टरों ने महिला की जान को खतरा बताते हुए आपरेशन करने से हाथ खड़े करते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि, तीमारदार हंगामा करने के बाद महिला को निजी अस्पताल ले गए।
वारसी नगर गली नंबर एक निवासी कैकसा (32) पत्नी बाबू उर्फ वसीम 29 हफ्तों की गर्भवती थी। महिला अस्पताल से उसका इलाज और रूटीन चेक अप चल रहा था। गुरुवार सुबह कैकसा के पेट में दर्द की शिकायत हुई। परिजनों ने एक निजी अस्पताल में उसे दिखाया। जांच में पता चला कि कैकसा के पेट में बच्चा मर गया है। इसके बाद तीमारदार उसे शाम पौने पांच बजे महिला अस्पताल ले गए। महिला अस्पताल के डाक्टरों ने उसकी जांच की। केस हिस्ट्री चेक करने के बाद आपरेशन करने से मना कर दिया। महिला के दो बच्चे हैं। दोनों की डिलीवरी आपरेशन से हुई है।
अस्पताल के डाक्टरों के आपरेशन करने से मना करने पर तीमारदारों ने हंगामा किया। तीमारदार सीएमएस कार्यालय पहुंचे और डाक्टरों पर पैसे मांगने का आरोप लगाने लगे। सीएमएस ने आपरेशन करने पर महिला की जान को खतरा बताते हुए हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया। हंगामा करते हुए तीमारदार वहां से महिला को निजी अस्पताल ले गए। महिला के देवर आमिर अहमद ने महिला अस्पताल के स्टाफ पर अभद्र व्यवहार और आपरेशन करने पर पैसे मांगने का आरोप लगाया।
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- आपरेशन करने से महिला की जान को खतरा था। महिला के पहले ही दो आपरेशन हो चुके हैं। तीसरा आपरेशन करके मरे बच्चे को बाहर निकालने के लिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। - डा. कल्पना सिंह, सीएमएस
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महिला अस्पताल के डाक्टरों के एक गर्भवती महिला का आपरेशन करने से हाथ खड़े करने पर तीमारदारों ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। महिला के पेट में 29 हफ्तों का बच्चा मर गया था। डाक्टरों ने महिला की जान को खतरा बताते हुए आपरेशन करने से हाथ खड़े करते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि, तीमारदार हंगामा करने के बाद महिला को निजी अस्पताल ले गए।
वारसी नगर गली नंबर एक निवासी कैकसा (32) पत्नी बाबू उर्फ वसीम 29 हफ्तों की गर्भवती थी। महिला अस्पताल से उसका इलाज और रूटीन चेक अप चल रहा था। गुरुवार सुबह कैकसा के पेट में दर्द की शिकायत हुई। परिजनों ने एक निजी अस्पताल में उसे दिखाया। जांच में पता चला कि कैकसा के पेट में बच्चा मर गया है। इसके बाद तीमारदार उसे शाम पौने पांच बजे महिला अस्पताल ले गए। महिला अस्पताल के डाक्टरों ने उसकी जांच की। केस हिस्ट्री चेक करने के बाद आपरेशन करने से मना कर दिया। महिला के दो बच्चे हैं। दोनों की डिलीवरी आपरेशन से हुई है।
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अस्पताल के डाक्टरों के आपरेशन करने से मना करने पर तीमारदारों ने हंगामा किया। तीमारदार सीएमएस कार्यालय पहुंचे और डाक्टरों पर पैसे मांगने का आरोप लगाने लगे। सीएमएस ने आपरेशन करने पर महिला की जान को खतरा बताते हुए हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया। हंगामा करते हुए तीमारदार वहां से महिला को निजी अस्पताल ले गए। महिला के देवर आमिर अहमद ने महिला अस्पताल के स्टाफ पर अभद्र व्यवहार और आपरेशन करने पर पैसे मांगने का आरोप लगाया।
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- आपरेशन करने से महिला की जान को खतरा था। महिला के पहले ही दो आपरेशन हो चुके हैं। तीसरा आपरेशन करके मरे बच्चे को बाहर निकालने के लिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। - डा. कल्पना सिंह, सीएमएस