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लॉकडाउन के चलते 288 मकान नहीं हो सके अनलााक
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मुरादाबाद। लॉकडाउन खत्म होने के बाद अनलॉक शुरू हो गया पर आवास विकास परिषद द्वारा बनाए गए आवासों का लॉक अभी आवंटियों के लिए खुला ही नहीं। अब कह दिया गया है कि इनकी चाबी चार माह बाद मिलेगी। दरअसल इनका निर्माण ही पूरा नहीं हो पाया है और आवंटी परेशान हो गए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (2018) के अंतर्गत मझोला योजना संख्या 4 में 288 आवास बनाए गए। लाभार्थियों को जी प्लस थ्री प्रकार के इन आवासों का हस्तांतरण जुलाई 2020 में होना था लेकिन अभी इंतजार बाकी है। ये आवास प्रथम चरण के अंतर्गत बने थे। दरअसल इनका निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है। इन आवासों में दो कमरे, रसोई, स्पेस, बाथरूम, शौचालय बालकनी शामिल है। हालांकि आवंटन का कार्य पूरा हो चुका है लेकिन निर्माण पूरा न होने के कारण लाभार्थियों को आवास की चाबी के लिए अभी इंतजार करना होगा।
ऐसे हैं ये आवास
मझोला योजना संख्या 4 में 288 आवास जिनका सुपर एरिया 34.07 वर्ग मीटर, कार्पेट एरिया 22.77 वर्ग मीटर तथा लागत 4.50 लाख (प्रति आवास) है। जिसमें सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाने वाली धनराशि ढाई लाख रुपये है। पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये प्रारंभिक किश्त देने के बाद आवास दिए जाने का नियम है। बकाया एक लाख 75 हजार की धनराशि लाभार्थी को साठ मासिक किश्तों के रूप में देनी होती है। जिसमें 5.2 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज भी शामिल है। इसके अनुसार व्यक्ति को 3 हजार 6 सौ 75 रुपये की मासिक किश्त 60 महीने तक देनी होगी।
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अब बहाना कि फिनिशिंग का काम बाकी
अब आवास विकास अधिकार कह रहे हैं कि काम तो पूरा हो चुका है बस फिनिशिंग का काम रह गया है। ऐसे में बस चार माह और लगेंगे और सभी आवंटियों को चाबी सौंप दी जाएगी। हालांकि इसके लिए अधिकारियों ने अभी कोई फिक्स तारीख नियत नहीं की है और न ही लिखित में यह किसी आवंटी को दिया है कि उन्हें इस तिथि को मकानों में कब्जा दे दिया जाएगा।
वर्जन
जुलाई में सभी आवासों का हस्तांतरण होना था। लॉकडाउन के कारण विकास कार्य रोक दिए गए। आवासों में अभी फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है। जिसके कारण लाभार्थियों को आवास की चाबी सौंपने में लगभग चार माह का समय लगेगा। - पवन कुमार वर्मा, एक्सईएन आवास विकास
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प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (2018) के अंतर्गत मझोला योजना संख्या 4 में 288 आवास बनाए गए। लाभार्थियों को जी प्लस थ्री प्रकार के इन आवासों का हस्तांतरण जुलाई 2020 में होना था लेकिन अभी इंतजार बाकी है। ये आवास प्रथम चरण के अंतर्गत बने थे। दरअसल इनका निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है। इन आवासों में दो कमरे, रसोई, स्पेस, बाथरूम, शौचालय बालकनी शामिल है। हालांकि आवंटन का कार्य पूरा हो चुका है लेकिन निर्माण पूरा न होने के कारण लाभार्थियों को आवास की चाबी के लिए अभी इंतजार करना होगा।
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ऐसे हैं ये आवास
मझोला योजना संख्या 4 में 288 आवास जिनका सुपर एरिया 34.07 वर्ग मीटर, कार्पेट एरिया 22.77 वर्ग मीटर तथा लागत 4.50 लाख (प्रति आवास) है। जिसमें सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाने वाली धनराशि ढाई लाख रुपये है। पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये प्रारंभिक किश्त देने के बाद आवास दिए जाने का नियम है। बकाया एक लाख 75 हजार की धनराशि लाभार्थी को साठ मासिक किश्तों के रूप में देनी होती है। जिसमें 5.2 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज भी शामिल है। इसके अनुसार व्यक्ति को 3 हजार 6 सौ 75 रुपये की मासिक किश्त 60 महीने तक देनी होगी।
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अब बहाना कि फिनिशिंग का काम बाकी
अब आवास विकास अधिकार कह रहे हैं कि काम तो पूरा हो चुका है बस फिनिशिंग का काम रह गया है। ऐसे में बस चार माह और लगेंगे और सभी आवंटियों को चाबी सौंप दी जाएगी। हालांकि इसके लिए अधिकारियों ने अभी कोई फिक्स तारीख नियत नहीं की है और न ही लिखित में यह किसी आवंटी को दिया है कि उन्हें इस तिथि को मकानों में कब्जा दे दिया जाएगा।
वर्जन
जुलाई में सभी आवासों का हस्तांतरण होना था। लॉकडाउन के कारण विकास कार्य रोक दिए गए। आवासों में अभी फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है। जिसके कारण लाभार्थियों को आवास की चाबी सौंपने में लगभग चार माह का समय लगेगा। - पवन कुमार वर्मा, एक्सईएन आवास विकास