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Moradabad News: 25 हजार बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलेगा पुष्टाहार
Wed, 15 Jan 2025 01:25 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Wed, 15 Jan 2025 01:25 AM IST
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बिलारी। बाल विकास परियोजना बिलारी के तहत चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के 25 हजार बच्चों को चार माह बाद पुष्टाहार बांटा जाएगा। बाल विकास परियोजना के गोदाम से पुष्टाहार की सामग्री मंगलवार से सीडीपीओ ने स्वयं सहायता समूह की पदाधिकारियों को बुलाकर देना शुरू कर दिया है।
बाल विकास परियोजना बिलारी से ब्लॉक की 98 ग्राम पंचायतों के कुल 293 आंगनबाड़ी केंद्र और दस मिनी आंगनबाड़ी केंद्र जुड़े हुए हैं। इन केंद्रों पर छह माह से तीन वर्ष तक के 13911 बच्चे और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 11284 बच्चे पंजीकृत हैं। 2477 गर्भवती महिलाएं और 1295 धात्री महिलाएं जुड़ी हुई हैं। गर्भवती और धात्री महिलाओं तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को शासन से प्रतिमाह पुष्टाहार मिलने की व्यवस्था है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि समूह पदाधिकारियों को हिदायत दी गई है कि नियमानुसार पुष्टाहार वितरण कराने में वह पूरा सहयोग करें। सीडीपीओ के अनुसार पुष्टाहार के रूप में आंगनबाड़ी केंद्रों के छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को एक किलो दाल और एक किलो दलिया तथा आधा किलो रिफाइंड और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों को आधा किलो दाल और आधा किलो दलिया बांटे जाने का नियम है।
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पुष्टाहार उठान के बाद ग्राम निगरानी समिति करती है सत्यापन
बिलारी। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुरेंद्रपाल सिंह ने बाल पुष्टाहार वितरण की प्रक्रिया के बारे में बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को शासन से मिलने वाला पुष्टाहार परियोजना के गोदाम से स्वयं सहायता समूह की महिला पदाधिकारियों को दिया जाता है। पुष्टाहार संबंधित गांव में पहुंचने के बाद ग्राम निगरानी समिति द्वारा उसका सत्यापन किया जाता है। बाद में समूह पदाधिकारियों द्वारा बाल पुष्टाहार को आंगनबाड़ी वर्कर के सुपुर्द कर दिया जाता है। आंगनबाड़ी वर्कर निर्धारित समय और शेड्यूल के अनुसार केंद्र पर आने वाले बच्चों को पुष्टाहार का वितरण करती हैं।
बाल विकास परियोजना बिलारी से ब्लॉक की 98 ग्राम पंचायतों के कुल 293 आंगनबाड़ी केंद्र और दस मिनी आंगनबाड़ी केंद्र जुड़े हुए हैं। इन केंद्रों पर छह माह से तीन वर्ष तक के 13911 बच्चे और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 11284 बच्चे पंजीकृत हैं। 2477 गर्भवती महिलाएं और 1295 धात्री महिलाएं जुड़ी हुई हैं। गर्भवती और धात्री महिलाओं तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को शासन से प्रतिमाह पुष्टाहार मिलने की व्यवस्था है।
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बाल विकास परियोजना अधिकारी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि समूह पदाधिकारियों को हिदायत दी गई है कि नियमानुसार पुष्टाहार वितरण कराने में वह पूरा सहयोग करें। सीडीपीओ के अनुसार पुष्टाहार के रूप में आंगनबाड़ी केंद्रों के छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को एक किलो दाल और एक किलो दलिया तथा आधा किलो रिफाइंड और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों को आधा किलो दाल और आधा किलो दलिया बांटे जाने का नियम है।
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पुष्टाहार उठान के बाद ग्राम निगरानी समिति करती है सत्यापन
बिलारी। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुरेंद्रपाल सिंह ने बाल पुष्टाहार वितरण की प्रक्रिया के बारे में बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को शासन से मिलने वाला पुष्टाहार परियोजना के गोदाम से स्वयं सहायता समूह की महिला पदाधिकारियों को दिया जाता है। पुष्टाहार संबंधित गांव में पहुंचने के बाद ग्राम निगरानी समिति द्वारा उसका सत्यापन किया जाता है। बाद में समूह पदाधिकारियों द्वारा बाल पुष्टाहार को आंगनबाड़ी वर्कर के सुपुर्द कर दिया जाता है। आंगनबाड़ी वर्कर निर्धारित समय और शेड्यूल के अनुसार केंद्र पर आने वाले बच्चों को पुष्टाहार का वितरण करती हैं।