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ए टु जेड ने कंडम की निगम की करोड़ों की गाड़ियां
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मुरादाबाद। नगर निगम की करोड़ों की कीमत की कूड़ा ढोने वाली करीब 100 गाड़ियां ए टु जेड कंपनी ने गोदाम में बंधक बनाकर कंडम कर डाला। गड़बड़ी सामने आने पर नगर आयुक्त ने 50 गाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया। ए टु जेड कंपनी के प्रतिनिधियों को जानकारी होने के बाद मोबाइल पर नगर आयुक्त से गहमा गहमी हुई। अब नगर निगम कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए विधिक राय ले रहा है।
डोर टु डोर कूड़ा संग्रहण का ठेका लेने वाली कंपनी ए टु जेड ने निगम की सौ गाड़ियों को शहर में स्वच्छता के लिए अपने कब्जे में लिया था। मई 2015 में महानगर में काम बंद करने के बाद निगम की गाड़ियों को कंपनी ने रामपुर रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड स्थित गोदाम में खड़ा कर दिया था। विवादों में घिरने के बाद कंपनी ने काम दोबारा शुरू नहीं किया। चार साल में यह गाड़ियां गोदाम में खड़े-खड़े कबाड़ हो गई। नगर आयुक्त संजय चौहान के निरीक्षण में यह गाड़ियां सामने आईं। उन्होंने पहले 30 और फिर 20 गाड़ियों को गोदाम से निकलवाकर अपने कब्जे में लिया है। यह जानकारी ए टु जेड कंपनी के प्रतिनिधियों को होने पर उन्होंने नगर आयुक्त को फोन किया कि गोदाम से गाड़ियां चेारी हो चुकी है। अधिकारी ने उन्हें बताया कि निगम की करोड़ों की संपत्ति आपके मनमाने रवैया से कंडम हो गईं है। इससे न सिर्फ निगम का, बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई।
गाड़ियों की मरम्मत होगी
अधिकारियों के मुताबिक कम संसाधन में निगम काम कर रहा है। जबकि बड़ी संख्या में गाड़ियां खड़े खड़े कंडम हो रही है। निगम मिस्त्री को नियुक्त करके इन गाड़ियों को ठीक कराकर दोबारा इस्तेमाल करने की तैयारी है। नगर आयुक्त के मुताबिक नई गाड़ियां खरीदने से आधे खर्च में गाड़ी आ जाएंगी।
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ए टु जेड से ठेका होने के बावजूद उन्होंने काम बंद किया। नियमानुसार निगम की संपत्ति उन्हें हमें सौंप देनी चाहिए थी। ताकि शहर के लिए उपयोग हो पाता। अब कंपनी के खिलाफ हम कार्रवाई के लिए विधिक राय ले रहे हैं। - संजय चौहान, नगर आयुक्त
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डोर टु डोर कूड़ा संग्रहण का ठेका लेने वाली कंपनी ए टु जेड ने निगम की सौ गाड़ियों को शहर में स्वच्छता के लिए अपने कब्जे में लिया था। मई 2015 में महानगर में काम बंद करने के बाद निगम की गाड़ियों को कंपनी ने रामपुर रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड स्थित गोदाम में खड़ा कर दिया था। विवादों में घिरने के बाद कंपनी ने काम दोबारा शुरू नहीं किया। चार साल में यह गाड़ियां गोदाम में खड़े-खड़े कबाड़ हो गई। नगर आयुक्त संजय चौहान के निरीक्षण में यह गाड़ियां सामने आईं। उन्होंने पहले 30 और फिर 20 गाड़ियों को गोदाम से निकलवाकर अपने कब्जे में लिया है। यह जानकारी ए टु जेड कंपनी के प्रतिनिधियों को होने पर उन्होंने नगर आयुक्त को फोन किया कि गोदाम से गाड़ियां चेारी हो चुकी है। अधिकारी ने उन्हें बताया कि निगम की करोड़ों की संपत्ति आपके मनमाने रवैया से कंडम हो गईं है। इससे न सिर्फ निगम का, बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई।
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गाड़ियों की मरम्मत होगी
अधिकारियों के मुताबिक कम संसाधन में निगम काम कर रहा है। जबकि बड़ी संख्या में गाड़ियां खड़े खड़े कंडम हो रही है। निगम मिस्त्री को नियुक्त करके इन गाड़ियों को ठीक कराकर दोबारा इस्तेमाल करने की तैयारी है। नगर आयुक्त के मुताबिक नई गाड़ियां खरीदने से आधे खर्च में गाड़ी आ जाएंगी।
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ए टु जेड से ठेका होने के बावजूद उन्होंने काम बंद किया। नियमानुसार निगम की संपत्ति उन्हें हमें सौंप देनी चाहिए थी। ताकि शहर के लिए उपयोग हो पाता। अब कंपनी के खिलाफ हम कार्रवाई के लिए विधिक राय ले रहे हैं। - संजय चौहान, नगर आयुक्त