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भोले की आराधना की तैयारियां तेज
Updated Mon, 23 Jul 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद।
सावन के महीने में भगवान भोले नाथ की आराधना के लिए श्रद्धालु तैयारियां कर रहे हैं। ब्रजघाट से कांवड़ लाने के अलावा मंदिरों में जाकर दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक करेंगे। इसके लिए मंदिरों को सजाने का कार्य किया जा रहा है। पंडितों के अनुसार इस वर्ष महत्व अधिक इसलिए भी है क्योंकि 19 साल बाद सावन पूरे 30 दिन का पड़ रहा है। इसके अलावा शनि अमावस्या पड़ने से भी भक्तों के कष्टों को दूर करने का योग बन रहा है।
झांझनपुर, हिमगिरी, रामगंगा विहार, आशियाना, नवीन नगर, सिविल लाइंस, चंद्र नगर आवास विकास, डबल फाटक, कटघर, महाकालेश्वर लाइनपार और नया मुरादाबाद के मंदिर प्रमुख हैं। सबसे अधिक कांवड़ चौरासी घंटा मंदिर पर चढ़ाई जाती हैं। सुबह चार बजे से ही वहां पर श्रद्धालुओं की भीड़ शुरू हो जाती है। इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप प्रतिदिन होता है।
एक दिन पहले ही शुरू हो जाती है रौनक
शिव मंदिर झांझनपुर के पंडित केदारनाथ मिश्र ने बताया कि सावन में रुद्राभिषेक करने और जल चढ़ाने से घर में सुख शांति आती है। आखिरी सोमवार को मंदिर में भंडारा और डीजे के साथ कांवड़ का मेला आता है। करीब सौ कांवड़ चढ़ जाती हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र लिख रहे हैं। इसमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी की तैनाती की मांग की जा रही है। रविवार शाम को ही कांवड़िए आ जाते हैं। उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
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हर दिन जलते हैं दीये
सत्य श्री शिव मंदिर के पंडित कैलाश मुरारी ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दीये जलाए जाते हैं और रुद्राभिषेक होता है। सोमवार को सामूहिक रूप से रुद्राभिषेक होगा। हर रोज शाम को महिलाएं कीर्तन करती हैं। मंदिर का रंग-रोगन कर दिया है। शिव परिवार के लिए विशेष पोशाक तैयार करवाई जा रही हैं। इस बार सोमवार को शनि अमावस्या पड़ने से विशेष योग बन रहा है। साढ़ेसाती से परेशान श्रद्धालु कष्टों को दूर करने के लिए पूजन करते हैं। 11 अगस्त को मंदिर में भंडारा होगा।
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सावन के महीने में भगवान भोले नाथ की आराधना के लिए श्रद्धालु तैयारियां कर रहे हैं। ब्रजघाट से कांवड़ लाने के अलावा मंदिरों में जाकर दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक करेंगे। इसके लिए मंदिरों को सजाने का कार्य किया जा रहा है। पंडितों के अनुसार इस वर्ष महत्व अधिक इसलिए भी है क्योंकि 19 साल बाद सावन पूरे 30 दिन का पड़ रहा है। इसके अलावा शनि अमावस्या पड़ने से भी भक्तों के कष्टों को दूर करने का योग बन रहा है।
झांझनपुर, हिमगिरी, रामगंगा विहार, आशियाना, नवीन नगर, सिविल लाइंस, चंद्र नगर आवास विकास, डबल फाटक, कटघर, महाकालेश्वर लाइनपार और नया मुरादाबाद के मंदिर प्रमुख हैं। सबसे अधिक कांवड़ चौरासी घंटा मंदिर पर चढ़ाई जाती हैं। सुबह चार बजे से ही वहां पर श्रद्धालुओं की भीड़ शुरू हो जाती है। इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप प्रतिदिन होता है।
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एक दिन पहले ही शुरू हो जाती है रौनक
शिव मंदिर झांझनपुर के पंडित केदारनाथ मिश्र ने बताया कि सावन में रुद्राभिषेक करने और जल चढ़ाने से घर में सुख शांति आती है। आखिरी सोमवार को मंदिर में भंडारा और डीजे के साथ कांवड़ का मेला आता है। करीब सौ कांवड़ चढ़ जाती हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र लिख रहे हैं। इसमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी की तैनाती की मांग की जा रही है। रविवार शाम को ही कांवड़िए आ जाते हैं। उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
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हर दिन जलते हैं दीये
सत्य श्री शिव मंदिर के पंडित कैलाश मुरारी ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दीये जलाए जाते हैं और रुद्राभिषेक होता है। सोमवार को सामूहिक रूप से रुद्राभिषेक होगा। हर रोज शाम को महिलाएं कीर्तन करती हैं। मंदिर का रंग-रोगन कर दिया है। शिव परिवार के लिए विशेष पोशाक तैयार करवाई जा रही हैं। इस बार सोमवार को शनि अमावस्या पड़ने से विशेष योग बन रहा है। साढ़ेसाती से परेशान श्रद्धालु कष्टों को दूर करने के लिए पूजन करते हैं। 11 अगस्त को मंदिर में भंडारा होगा।