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जमीन न मिलने से लटका पावर स्टेशनों का निर्माण
Updated Tue, 29 May 2018 01:48 AM IST
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मुरादाबाद।
जमीन न मिलने की वजह से जनपद के चार पावर स्टेशनों का निर्माण लटक गया है। बिजली विभाग के अफसरों ने दूसरी जगह जमीन चिंहित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद पावर स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मुरादाबाद जनपद के गौहरपुर, मौढ़ा तैय्या, लाकड़ी फाजलपुर और मूंढापांडे में नये बिजलीघर बनाए जाने की रूपरेखा तैयार की गई थी। इन क्षेत्रों में लंबी लाइन हैं। जिस कारण अधिक लोड आने की वजह से बिजली सप्लाई बाधित होती है। गौहरपुर में जमीन की तलाश की गई। लेकिन पावर कारपोरेशन को भूमि नहीं मिल पाई। इसके बाद इस बिजली घर को ठाकुरद्वारा तहसील के पायंदापुर में जमीन की तलाश की गई। मौढ़ा तैय्या में भी जमीन नहीं मिल पाई। इस बिजलीघर को तीन किलोमीटर आगे खदाना गांव में पहुंचा दिया गया है। लाकड़ी में जमीन न मिलने पर संभल रोड पर बिजली घर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जबकि मूंढापांडे में जमीन नहीं मिल पाई है। अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गर्ग ने बताया कि तीन बिजलीघरों के लिए दूसरे क्षेत्रों में जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक बिजली घर के निर्माण में तकरीबन साढ़े तीन करोड़ रुपये लागत आएगी।
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जमीन न मिलने की वजह से जनपद के चार पावर स्टेशनों का निर्माण लटक गया है। बिजली विभाग के अफसरों ने दूसरी जगह जमीन चिंहित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद पावर स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मुरादाबाद जनपद के गौहरपुर, मौढ़ा तैय्या, लाकड़ी फाजलपुर और मूंढापांडे में नये बिजलीघर बनाए जाने की रूपरेखा तैयार की गई थी। इन क्षेत्रों में लंबी लाइन हैं। जिस कारण अधिक लोड आने की वजह से बिजली सप्लाई बाधित होती है। गौहरपुर में जमीन की तलाश की गई। लेकिन पावर कारपोरेशन को भूमि नहीं मिल पाई। इसके बाद इस बिजली घर को ठाकुरद्वारा तहसील के पायंदापुर में जमीन की तलाश की गई। मौढ़ा तैय्या में भी जमीन नहीं मिल पाई। इस बिजलीघर को तीन किलोमीटर आगे खदाना गांव में पहुंचा दिया गया है। लाकड़ी में जमीन न मिलने पर संभल रोड पर बिजली घर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जबकि मूंढापांडे में जमीन नहीं मिल पाई है। अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गर्ग ने बताया कि तीन बिजलीघरों के लिए दूसरे क्षेत्रों में जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक बिजली घर के निर्माण में तकरीबन साढ़े तीन करोड़ रुपये लागत आएगी।
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