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गेहूं की फसल को चाहिए बीस दिन की कड़क सर्दी
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:33 AM IST
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घने कोहरे के बीच जाते यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
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कड़ाके की सर्दी और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों को सर्दी कम होने का इंतजार है। जबकि मौसम व कृषि विशेषज्ञ ऐसी ही सर्दी बीस जनवरी तक चाहते हैं। इसके साथ ही फरवरी तक कम तापमान के पक्षधर हैं। यदि कड़ाके की सर्दी जारी रहती है तो गेहूं की पैदावार और आने वाला गर्मी व बरसात का मौसम अच्छा रहेगा।
नए साल का आगाज भीषण सर्दी से हुआ है। कड़ाके की सर्दी ने लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। सर्दी के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से भी परहेज कर रहे हैं। यही कारण है कि पहले दिन दफ्तरों और स्कूलों में उपस्थिति काफी कम रही। लोग चाहते हैं कि सर्दी से तत्काल निजात मिल जाए और तापमान में बढ़ोतरी हो।
जबकि विशेषज्ञ फिलहाल कड़ाके की सर्दी लगातार पड़ने की उम्मीद लगाए हैं।सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज सिंह ने बताया कि मौजूदा तापमान पर ही गर्मी व बरसात का मौसम निर्भर करेगा। यदि सर्दी अच्छी पड़ती है तो गर्मी भी भरपूर रहेगी।
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इसी तरह मानसून समय पर आएंगे और पर्याप्त बारिश होने की उम्मीद है। मौसम चक्र का आधार भी यही है कि सभी ऋतुएं अपने समय पर पूर्णता के साथ आएं। यदि सर्दी भरपूर नहीं पड़ती है तो आने वाले मौसम का गणित भी गड़बड़ा जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी डा. सुभाष चंद वर्मा का कहना है कि अभी तक मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल है। यदि बीस जनवरी तक कड़ाके की सर्दी पड़ती है तो गेहूं की पैदावार औसतन 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होने की उम्मीद है। तापमान बढ़ने पर पैदावार में गिरावट आएगी। सर्दी पड़ने के साथ ही किसानों को भरपूर सिंचाई की सलाह दी गई है। तापमान में कमी रहने, पाला गिरने और सिंचाई होने से ही पैदावार अच्छी होगी।
नए साल का आगाज भीषण सर्दी से हुआ है। कड़ाके की सर्दी ने लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। सर्दी के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से भी परहेज कर रहे हैं। यही कारण है कि पहले दिन दफ्तरों और स्कूलों में उपस्थिति काफी कम रही। लोग चाहते हैं कि सर्दी से तत्काल निजात मिल जाए और तापमान में बढ़ोतरी हो।
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जबकि विशेषज्ञ फिलहाल कड़ाके की सर्दी लगातार पड़ने की उम्मीद लगाए हैं।सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज सिंह ने बताया कि मौजूदा तापमान पर ही गर्मी व बरसात का मौसम निर्भर करेगा। यदि सर्दी अच्छी पड़ती है तो गर्मी भी भरपूर रहेगी।
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इसी तरह मानसून समय पर आएंगे और पर्याप्त बारिश होने की उम्मीद है। मौसम चक्र का आधार भी यही है कि सभी ऋतुएं अपने समय पर पूर्णता के साथ आएं। यदि सर्दी भरपूर नहीं पड़ती है तो आने वाले मौसम का गणित भी गड़बड़ा जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी डा. सुभाष चंद वर्मा का कहना है कि अभी तक मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल है। यदि बीस जनवरी तक कड़ाके की सर्दी पड़ती है तो गेहूं की पैदावार औसतन 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होने की उम्मीद है। तापमान बढ़ने पर पैदावार में गिरावट आएगी। सर्दी पड़ने के साथ ही किसानों को भरपूर सिंचाई की सलाह दी गई है। तापमान में कमी रहने, पाला गिरने और सिंचाई होने से ही पैदावार अच्छी होगी।