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गन्ना समिति ने शुरू किया गन्ना सर्वे का प्रदर्शन
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:26 AM IST
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बिलारी। गन्ना विभाग द्वारा गांव गांव किए गए गन्ने के सर्वे का अब प्रदर्शन शुरू हो गया है। अनेक किसान अभी तक अपने घोषणा पत्र जमा नहीं कर पाए हैं। सर्वे पर किसानों को आगामी 15 अगस्त तक आपत्ति देने का मौका दिया गया है।
गन्ना विकास परिषद बिलारी और अजुध्या शुगर मिल बिलारी ने संयुक्त रूप से परिषद क्षेत्र में आने वाले 273 ग्रामों में गन्ना किसानों के खेतों का सर्वेक्षण किया है। इस सर्वेक्षण के दौरान जीपीएस सिस्टम से किसानों के गन्ने की फसल वाले खेतों का रकबा नापा गया है। हालांकि प्रदेश के गन्ना आयुक्त और जिला गन्ना अधिकारी ने पहले ही यह निर्देश जारी कर दिए थे कि गन्ना किसानों को अपने नाम वाली कृषि भूमि की नकल खतौनी सर्वे कर्मियों को देनी होगी तथा अपना घोषणा पत्र भी भरकर देना होगा।
गन्ना परिषद द्वारा गन्ने के सर्वेक्षण का सार्वजनिक प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। इस प्रदर्शन के दौरान गन्ना किसानों को यह जानकारी मिल रही है कि सर्वे में उनका कितना रकबा दर्शाया गया है। बृहस्पतिवार को गन्ना समिति कार्यालय पर अपना सर्वे देखने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। कई गन्ना किसानों की अपने क्षेत्र के गन्ना पर्यवेक्षकों से सर्वे के विरोधाभास को लेकर नोकझोंक भी हुई। गन्ना विकास परिषद बिलारी के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजीव कुमार चौहान ने बताया कि बार बार समझाने के बाद भी अनेक गन्ना किसान अभी तक अपने घोषणा पत्र जमा नहीं कर पाए हैं। निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि जो गन्ना किसान अपना घोषणा पत्र शीघ्र जमा नहीं कर सकेंगे उनकी सर्वे फीडिंग में दिक्कत होगी और आगामी गन्ना पेराई सत्र में उनका सट्टा संचालित नहीं हो पाएगा और तौल पर्चियां भी नहीं मिल पाएंगी।
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गन्ना विकास परिषद बिलारी और अजुध्या शुगर मिल बिलारी ने संयुक्त रूप से परिषद क्षेत्र में आने वाले 273 ग्रामों में गन्ना किसानों के खेतों का सर्वेक्षण किया है। इस सर्वेक्षण के दौरान जीपीएस सिस्टम से किसानों के गन्ने की फसल वाले खेतों का रकबा नापा गया है। हालांकि प्रदेश के गन्ना आयुक्त और जिला गन्ना अधिकारी ने पहले ही यह निर्देश जारी कर दिए थे कि गन्ना किसानों को अपने नाम वाली कृषि भूमि की नकल खतौनी सर्वे कर्मियों को देनी होगी तथा अपना घोषणा पत्र भी भरकर देना होगा।
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गन्ना परिषद द्वारा गन्ने के सर्वेक्षण का सार्वजनिक प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। इस प्रदर्शन के दौरान गन्ना किसानों को यह जानकारी मिल रही है कि सर्वे में उनका कितना रकबा दर्शाया गया है। बृहस्पतिवार को गन्ना समिति कार्यालय पर अपना सर्वे देखने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। कई गन्ना किसानों की अपने क्षेत्र के गन्ना पर्यवेक्षकों से सर्वे के विरोधाभास को लेकर नोकझोंक भी हुई। गन्ना विकास परिषद बिलारी के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजीव कुमार चौहान ने बताया कि बार बार समझाने के बाद भी अनेक गन्ना किसान अभी तक अपने घोषणा पत्र जमा नहीं कर पाए हैं। निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि जो गन्ना किसान अपना घोषणा पत्र शीघ्र जमा नहीं कर सकेंगे उनकी सर्वे फीडिंग में दिक्कत होगी और आगामी गन्ना पेराई सत्र में उनका सट्टा संचालित नहीं हो पाएगा और तौल पर्चियां भी नहीं मिल पाएंगी।
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