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18 उर्वरक लाइसेंस निरस्त, तीन लोगों पर एफआईआर को भेजी तहरीर
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मुरादाबाद। उद्यान विभाग की निष्क्रिय समितियों व उनके फर्जी पदाधिकारियों को इफ्को, कृभको व कृषि विभाग की मिली भगत से जारी 18 उर्वरक लाइसेंसों को निरस्त कर दिया गया है। इनमे 16 लाइसेंस चार निष्क्रिय समितियों के फर्जी पदाधिकारियों को तथा दो निष्क्रिय समितियों को जारी किए गए थे। फर्जी पदाधिकारी बन कर लाइसेंस हथियाने वाले तीन लोगों के खिलाफ सक्षम अधिकारी के समक्ष गलत तथ्य व दस्तावेज प्रस्तुत कर लाइसेंस हथियाने व कूटरचित तरीके से फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर डीएओ ने संबंधित थानों को भेजी है। इस बड़ी कार्रवाई से कृषि महकमे में हड़कंप है।
उद्यान विभाग में पंजीकृत कई निष्क्रिय समितियों व उनके फर्जी पदाधिकारियों द्वारा कृषि विभाग की मिली भगत से लाइसेंस जारी करा उसे 50-60 हजार रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेच उससे उर्वरक व्यवसाय कराने का खेल पिछले कई साल से चल रहा था। अमर उजाला द्वारा इसका खुलासा किए जाने के बाद प्रशासन गंभीर हुआ। डीएम राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर डीएचओ ने जांच कर समितियों की रिपोर्ट सौंपी।
डीएओ ने दिए सभी सवालों के जवाब
डीएओ ऋतुषा तिवारी ने फोन नहीं उठाया था और मैसेज के बावजूद कोई रेस्पांस नहीं दिया था। अमर उजाला उनसे कुछ सवालों के जवाब जानना चाहता था और इन सवालों को प्रकाशित भी किया गया था। मंगलवार को उन्होंने इस बाबत विस्तार से बात की और सभी सवालों के जवाब दिए। बताया कि इनमें से औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति करनपुर, कांकरखेड़ा, बिलाकुदान और मोहनपुर समिति का फर्जी पदाधिकारी बन कर शादाब, इंतखाब व शमशाद ने इफ्को, कृभको से अधिकार पत्र प्राप्त कर तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी से उर्वरक अलग-अलग स्थानों के लिए 16 उर्वरक केंद्रों का लाइसेंस जारी करा लिया था। डीएम के आदेश पर यह सभी 16 उर्वरक लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। कूटरचित तरीके से लाइसेंस प्राप्त करने वाले तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर संबंधित थानों को भेज दी गई है। इसके अलावा औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति लि. शाहपुर तिगरी तथा बरबारा मझरा कई साल से निष्क्रिय चल रही हैं। इनके नाम भी जारी उर्वरक लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है। देखा जा रहा है कि अन्य क्या कार्रवाई की जा सकती है।
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जिले के पांच थाना क्षेत्रों में दर्ज होगी रिपोर्ट
मुरादाबाद। उद्यान विभाग की चार समितियों का फर्जी पदाधिकारी बन तीनों आरोपियों ने जिले के पांच थाना क्षेत्रों में उर्वरक व्यवसाय किया है। लिहाजा उनके खिलाफ थाना मूंडापांडे, डिलारी, ठाकुरद्वारा, भगतपुर टांडा व कुंदरकी में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर जिला कृषि अधिकारी ने भेजी है।
नाम समिति निष्क्रिय/फर्जी पदाधिकारियों को जारी लाइसेंस
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति करनपुर 03
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति कांकरखेड़ा 06
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति बिलाकुदान 05
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति मोहनपुर 02
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति शाहपुर तिगरी 01
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति बरबरा मझरा 01
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कुल 18
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उद्यान विभाग में पंजीकृत कई निष्क्रिय समितियों व उनके फर्जी पदाधिकारियों द्वारा कृषि विभाग की मिली भगत से लाइसेंस जारी करा उसे 50-60 हजार रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेच उससे उर्वरक व्यवसाय कराने का खेल पिछले कई साल से चल रहा था। अमर उजाला द्वारा इसका खुलासा किए जाने के बाद प्रशासन गंभीर हुआ। डीएम राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर डीएचओ ने जांच कर समितियों की रिपोर्ट सौंपी।
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डीएओ ने दिए सभी सवालों के जवाब
डीएओ ऋतुषा तिवारी ने फोन नहीं उठाया था और मैसेज के बावजूद कोई रेस्पांस नहीं दिया था। अमर उजाला उनसे कुछ सवालों के जवाब जानना चाहता था और इन सवालों को प्रकाशित भी किया गया था। मंगलवार को उन्होंने इस बाबत विस्तार से बात की और सभी सवालों के जवाब दिए। बताया कि इनमें से औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति करनपुर, कांकरखेड़ा, बिलाकुदान और मोहनपुर समिति का फर्जी पदाधिकारी बन कर शादाब, इंतखाब व शमशाद ने इफ्को, कृभको से अधिकार पत्र प्राप्त कर तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी से उर्वरक अलग-अलग स्थानों के लिए 16 उर्वरक केंद्रों का लाइसेंस जारी करा लिया था। डीएम के आदेश पर यह सभी 16 उर्वरक लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। कूटरचित तरीके से लाइसेंस प्राप्त करने वाले तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर संबंधित थानों को भेज दी गई है। इसके अलावा औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति लि. शाहपुर तिगरी तथा बरबारा मझरा कई साल से निष्क्रिय चल रही हैं। इनके नाम भी जारी उर्वरक लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है। देखा जा रहा है कि अन्य क्या कार्रवाई की जा सकती है।
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जिले के पांच थाना क्षेत्रों में दर्ज होगी रिपोर्ट
मुरादाबाद। उद्यान विभाग की चार समितियों का फर्जी पदाधिकारी बन तीनों आरोपियों ने जिले के पांच थाना क्षेत्रों में उर्वरक व्यवसाय किया है। लिहाजा उनके खिलाफ थाना मूंडापांडे, डिलारी, ठाकुरद्वारा, भगतपुर टांडा व कुंदरकी में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर जिला कृषि अधिकारी ने भेजी है।
नाम समिति निष्क्रिय/फर्जी पदाधिकारियों को जारी लाइसेंस
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति करनपुर 03
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति कांकरखेड़ा 06
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति बिलाकुदान 05
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति मोहनपुर 02
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति शाहपुर तिगरी 01
औद्यानिक उत्पादन सहकारी समिति बरबरा मझरा 01
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कुल 18
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