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नहर कटी तो निलंबित होंगे जेई
Updated Thu, 13 Dec 2018 02:16 AM IST
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मुरादाबाद।
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार को सर्किट हाउस में मंडल की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि कहीं से भी नहर कटान की सूचना मिलने पर संबंधित इलाके के जेई को निलंबित कर दिया जाए। मंत्री ने नहरों की सिल्ट सफाई और नहरों की पटरियों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश भी दिए।
बुधवार शाम सर्किट हाउस पहुंचे सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि नहरों का पानी टेल तक नहीं बल्कि खेत तक पहुंचाया जाए। नहरों में कटान रोकने के लिए उन्होंने अवर अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि नहर काटने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। खराब पड़े नलकूपों को एक सप्ताह में ठीक करने के निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि ग्राउंड वाटर संरक्षण की प्रभावी कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 73900 किमी लंबाई में नहरें संचालित हैं। वर्ष 2018-19 में 24147 किमी की सिल्ट सफाई का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 91.37 करोड़ रुपये का बजट आरक्षित किया गया है। मुरादाबाद मंडल में सिल्ट सफाई के काम की वीडियोग्राफी कराने और ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी कराने के निर्देश मंत्री ने दिए हैं। बैठक में मुख्य अभियंता पूर्वी गंगा आरपी सिंह, अधीक्षण अभियंता पूर्वी गंगा अवधेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता मध्य गंगा केएम बंसल समेत सिंचाई विभाग के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार को सर्किट हाउस में मंडल की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि कहीं से भी नहर कटान की सूचना मिलने पर संबंधित इलाके के जेई को निलंबित कर दिया जाए। मंत्री ने नहरों की सिल्ट सफाई और नहरों की पटरियों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश भी दिए।
बुधवार शाम सर्किट हाउस पहुंचे सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि नहरों का पानी टेल तक नहीं बल्कि खेत तक पहुंचाया जाए। नहरों में कटान रोकने के लिए उन्होंने अवर अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि नहर काटने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। खराब पड़े नलकूपों को एक सप्ताह में ठीक करने के निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि ग्राउंड वाटर संरक्षण की प्रभावी कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 73900 किमी लंबाई में नहरें संचालित हैं। वर्ष 2018-19 में 24147 किमी की सिल्ट सफाई का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 91.37 करोड़ रुपये का बजट आरक्षित किया गया है। मुरादाबाद मंडल में सिल्ट सफाई के काम की वीडियोग्राफी कराने और ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी कराने के निर्देश मंत्री ने दिए हैं। बैठक में मुख्य अभियंता पूर्वी गंगा आरपी सिंह, अधीक्षण अभियंता पूर्वी गंगा अवधेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता मध्य गंगा केएम बंसल समेत सिंचाई विभाग के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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