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बच्चों को दो घंटे धूम में बैठाना होगा
Updated Wed, 28 Nov 2018 02:31 AM IST
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मुरादाबाद।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को रोजाना धूप में बैठाना अनिवार्य कर दिया गया है। बच्चों की बिगड़ती सेहत और कमजोर स्मरण शक्ति के चलते यह निर्णय लिया गया है। बच्चों में विटामिन डी की कमी पाई जा रही है। बच्चों के स्वास्थ्य और धूप की तीव्रता के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसका निर्धारण करेंगी।
शहरी क्षेत्रों में बच्चों को धूप की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इससे बच्चों के शरीर में विटामिन डी की कमी पाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के सैंपल सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। इसके साथ ही बच्चों में विटामिन ए और कैल्शियम की कमी भी सामने आई है। इसके चलते बाल विकास विभाग ने थोड़ा बदलाव किया है। बच्चों के खाने में जहां कैल्शियम और आयरन वाले उत्पाद बढ़ाए गए हैं, वहीं जरूरत के अनुसार विटामिन ए की ड्राप पिलाई जाएगी। विटामिन डी की पूर्ति के लिए बच्चों को दो घंटे रोजाना धूप में बैठाया जाएगा। हल्की धूप में बच्चों को धूप में बैठाकर विटामिन डी की पूर्ति कराई जा सकेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. अनुपमा शांडिल्य ने बताया कि हमारा उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार कराना है। उसके लिए जरूरी निर्णय लिए गए हैं। इनको दो सप्ताह में लागू करा दिया जाएगा।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को रोजाना धूप में बैठाना अनिवार्य कर दिया गया है। बच्चों की बिगड़ती सेहत और कमजोर स्मरण शक्ति के चलते यह निर्णय लिया गया है। बच्चों में विटामिन डी की कमी पाई जा रही है। बच्चों के स्वास्थ्य और धूप की तीव्रता के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसका निर्धारण करेंगी।
शहरी क्षेत्रों में बच्चों को धूप की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इससे बच्चों के शरीर में विटामिन डी की कमी पाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के सैंपल सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। इसके साथ ही बच्चों में विटामिन ए और कैल्शियम की कमी भी सामने आई है। इसके चलते बाल विकास विभाग ने थोड़ा बदलाव किया है। बच्चों के खाने में जहां कैल्शियम और आयरन वाले उत्पाद बढ़ाए गए हैं, वहीं जरूरत के अनुसार विटामिन ए की ड्राप पिलाई जाएगी। विटामिन डी की पूर्ति के लिए बच्चों को दो घंटे रोजाना धूप में बैठाया जाएगा। हल्की धूप में बच्चों को धूप में बैठाकर विटामिन डी की पूर्ति कराई जा सकेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. अनुपमा शांडिल्य ने बताया कि हमारा उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार कराना है। उसके लिए जरूरी निर्णय लिए गए हैं। इनको दो सप्ताह में लागू करा दिया जाएगा।
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