{"_id":"5b79d44f42c79246424d5ce8","slug":"171534710863-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी के मुद्दे पर वाणिज्य सचिव से मिले निर्यातक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी के मुद्दे पर वाणिज्य सचिव से मिले निर्यातक
Updated Mon, 20 Aug 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
दिल्ली फेयर में आने वाले विकसित देशों के बायर्स की यात्रा और ठहरने का खर्च सरकार नहीं उठाएगी। सरकार सिर्फ उन देशों के बायर्स का खर्च उठाएगी जहां भारतीय निर्यातकों को बाजार की तलाश करनी है। निर्यातकों ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस को बढ़ाने की मांग की है। वाणिज्य सचिव से मिले निर्यातकों ने जीआर - 1 क्लियर नहीं होने की दशा में एफआईआरसी की बुनियाद पर निर्यातकों को एमईआईएस लाइसेंस जारी करने की मांग की है।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव सतपाल, ईपीसीएच के सीओए मेंबर राजेश रावत और सीओए मेंबर अब्दुल अजीम ने दिल्ली में वाणिज्य सचिव अनूप वधावन से मुलाकात कर निर्यातकों की समस्याआें को रखा। सतपाल ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने विकसित देशों के बायर्स की यात्रा और उनके ठहरने के खर्च को खत्म करने का फैसला किया है। वाणिज्य सचिव से अनुरोध किया गया है कि इन देशों के साथ निर्यात के आंकड़ों के मद्देनजर इसे जारी रखा जाए। ईरान को हुए निर्यात पर रिजर्व बैंक द्वारा जीआर वन क्लियर नहीं होने का मुद्दा भी प्रतिनिधि मंडल ने रखा। बताया कि रिजर्व बैंक से जीआर - 1 क्लियर नहीं होने की वजह से बैंक बीआरसी नहीं दे रहे हैं और सरकार ने अभी तक इस पर एमईआईएस नहीं दिया है। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि सरकार निर्यातकों से एफआईआरसी लेकर एमईआईएस जारी करे। 108 दिनों में जीआर - 1 क्लियर नहीं होने की दशा में रिजर्व बैंक द्वारा कार्रवाई करने की आशंका निर्यातकों ने वाणिज्य सचिव के सामने रखी। निर्यातकाें ने डीजीएफटी के सामने भी यह मुद्दा उठाया।
विज्ञापन
दिल्ली फेयर में आने वाले विकसित देशों के बायर्स की यात्रा और ठहरने का खर्च सरकार नहीं उठाएगी। सरकार सिर्फ उन देशों के बायर्स का खर्च उठाएगी जहां भारतीय निर्यातकों को बाजार की तलाश करनी है। निर्यातकों ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस को बढ़ाने की मांग की है। वाणिज्य सचिव से मिले निर्यातकों ने जीआर - 1 क्लियर नहीं होने की दशा में एफआईआरसी की बुनियाद पर निर्यातकों को एमईआईएस लाइसेंस जारी करने की मांग की है।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव सतपाल, ईपीसीएच के सीओए मेंबर राजेश रावत और सीओए मेंबर अब्दुल अजीम ने दिल्ली में वाणिज्य सचिव अनूप वधावन से मुलाकात कर निर्यातकों की समस्याआें को रखा। सतपाल ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने विकसित देशों के बायर्स की यात्रा और उनके ठहरने के खर्च को खत्म करने का फैसला किया है। वाणिज्य सचिव से अनुरोध किया गया है कि इन देशों के साथ निर्यात के आंकड़ों के मद्देनजर इसे जारी रखा जाए। ईरान को हुए निर्यात पर रिजर्व बैंक द्वारा जीआर वन क्लियर नहीं होने का मुद्दा भी प्रतिनिधि मंडल ने रखा। बताया कि रिजर्व बैंक से जीआर - 1 क्लियर नहीं होने की वजह से बैंक बीआरसी नहीं दे रहे हैं और सरकार ने अभी तक इस पर एमईआईएस नहीं दिया है। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि सरकार निर्यातकों से एफआईआरसी लेकर एमईआईएस जारी करे। 108 दिनों में जीआर - 1 क्लियर नहीं होने की दशा में रिजर्व बैंक द्वारा कार्रवाई करने की आशंका निर्यातकों ने वाणिज्य सचिव के सामने रखी। निर्यातकाें ने डीजीएफटी के सामने भी यह मुद्दा उठाया।
विज्ञापन