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चुनाव पेज : कहां गए नाश्ते के 85 हजार ?
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मुरादाबाद। विधानसभा चुनाव-2017 में निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के खाने और नाश्ते के लिए रकम जारी की थी। भोजन की रकम तो बीएलओ तक पहुंची, लेकिन नाश्ते की मद में जारी 84,900 रुपये बीएलओ के खातों में नहीं पहुंचे। यह रकम नगर निगम के बाबुओं के मकड़जाल में ही उलझकर रह गई। यह रकम करीब 566 बीएलओ में वितरित होनी थी। नगर आयुक्त संजय चौहान ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर को प्रकरण की छानबीन करने के लिए कहा है।
यह मामला उस वक्त खुला जब लोकसभा चुनाव-2019 का ऐलान होने के बाद नवागत नगर आयुक्त संजय चौहान ने बैठक ली। इसमें कई बीएलओ रह चुके कर्मचारियों ने मुखर होकर कहा कि उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में नाश्ता के लिए जारी फंड नहीं मिला था। इस दफा भी यही अव्यवस्था न हो। नगर आयुक्त ने पिछले फंड की जानकारी तलब की। मुख्य कार्यालय के कार्यवाहक लिपिक आनंद पाल सिंह के मुताबिक तत्कालीन नगर आयुक्त के कहने पर उन्होंने टैक्स विभाग के लिपिक ललित को रकम हस्तांतरित की थी। लिपिक ललित की पिछले महीने सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
नेता या समर्थक से नहीं लेंगे भोजन, नाश्ता
इस मामले में चुनाव आयोग के सख्त निर्देश हैं कि बीएलओ मतदान स्थल पर किसी राजनीतिक पार्टी के नेता या उसके समर्थक से भोजन या नाश्ता स्वीकार नहीं करेगा। यहीं वजह है कि आयोग बीएलओ के लिए मतदान दिवस की ड्यूटी के लिए बाकायदा फंड जारी करता है।
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यह प्रकरण मेरी जानकारी में आया है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को छानबीन करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। यह रकम किन कारणों से बीएलओ तक नहीं पहुंची, यह देखा जा रहा है। - संजय चौहान, नगर आयुक्त
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यह मामला उस वक्त खुला जब लोकसभा चुनाव-2019 का ऐलान होने के बाद नवागत नगर आयुक्त संजय चौहान ने बैठक ली। इसमें कई बीएलओ रह चुके कर्मचारियों ने मुखर होकर कहा कि उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में नाश्ता के लिए जारी फंड नहीं मिला था। इस दफा भी यही अव्यवस्था न हो। नगर आयुक्त ने पिछले फंड की जानकारी तलब की। मुख्य कार्यालय के कार्यवाहक लिपिक आनंद पाल सिंह के मुताबिक तत्कालीन नगर आयुक्त के कहने पर उन्होंने टैक्स विभाग के लिपिक ललित को रकम हस्तांतरित की थी। लिपिक ललित की पिछले महीने सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
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नेता या समर्थक से नहीं लेंगे भोजन, नाश्ता
इस मामले में चुनाव आयोग के सख्त निर्देश हैं कि बीएलओ मतदान स्थल पर किसी राजनीतिक पार्टी के नेता या उसके समर्थक से भोजन या नाश्ता स्वीकार नहीं करेगा। यहीं वजह है कि आयोग बीएलओ के लिए मतदान दिवस की ड्यूटी के लिए बाकायदा फंड जारी करता है।
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यह प्रकरण मेरी जानकारी में आया है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को छानबीन करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। यह रकम किन कारणों से बीएलओ तक नहीं पहुंची, यह देखा जा रहा है। - संजय चौहान, नगर आयुक्त