{"_id":"5d1676118ebc3e3cf10eac8b","slug":"15617530857-moradabad-news185","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली के एनजीओ में मिली थी फर्जी सीबीआई बनने की ट्रेनिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली के एनजीओ में मिली थी फर्जी सीबीआई बनने की ट्रेनिंग
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संभल। सीबीआई का फर्जी अधिकारी बनकर चीनी मिल में छापा मारने वाली टीम के बारे में शुक्रवार को अहम खुलासे हुए हैं। टीम में दिल्ली के एनजीओ को माध्यम से बेरोजगार युवकों को शामिल किया गया था। टीम का मास्टर माइंड मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र स्थित गागन का निवासी संजय था। पंडित नगला निवासी योगेंद्र और आसिम उसके सहयोगी थे। यह तीनों पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। एक्सयूवी और महेंद्रा जाएलो कार के चालकों समेत 16 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
संभल जिले के असमोली स्थित धामपुर शुगर मिल में गुरुवार की सुबह पौने ग्यारह बजे के करीब तीन लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर यह फर्जी अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने मिल के प्रतिबंधित डिस्टलरी क्षेत्र में छापा मारा।
मोबाइल से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने लगे। शक होने पर जब मिल कर्मियों और गार्ड ने इन लोगों से पूछताछ की तो मिल वालों पर दबाव बनाने लगे। मिल में कमियां होने की बात करते हुए दस से पंद्रह लाख रुपये की मांग की। जब मिल वाले नहीं माने तो कार्रवाई की धमकी दी। इस पर चीनी मिल ने असमोली पुलिस को खबर कर दी। फर्जी अधिकारी दबाव में आ गए और भागने लगे लेकिन मिल के सुरक्षा कर्मचारी सतर्क थे उन्होंने घेर कर दो गाड़ियों समेत 16 लोगों को पकड़ लिया जबकि एक लग्गजरी गाड़ी में कुछ लोग भाग गए।
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पुलिस ने मौके से 16 लोगों को अपने कब्जे में लिया। पूछताछ में पता लगा है कि मुरादाबाद के संजय, योगेंद्र और आसिम ने छापामारी का पूरी योजना बनाई थी। संजय ने दिल्ली के जीटीबी थाना क्षेत्र स्थित सी-36 इनक्लेव निवासी रमेश कुमार आजाद से संपर्क किया था। उसके सहयोगी की भी पुलिस को तलाश है। मास्टर माइंड के हाथ आने पर अहम खुलासे होंगे।
छापा मारने की दी गई थी ट्रेनिंग
संभल। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रमेश दिल्ली में सेंट्रल क्राइम इंवेस्टीगेशन यूनिट (सीआईयू) नामक एनजीओ चलाता है। सीआईयू के नाम में इनवेस्टीगेशन शामिल है। इसलिए रमेश ने सभी सदस्यों को बता रखा कि कहीं छापा कर इंवेस्टीगेशन उनका अधिकार है।
यह संस्था सीबीआई की तरह चलती है। इस एनजीओ में गाजियाबाद, शाहजहांपुर, अमरोहा, मुरादाबाद गाजियाबाद के युवक शामिल थे। इन युवकों को इनवेस्टीगेशन की ट्रेनिंग दी गई थी।
ट्रेनिंग के वक्त इन लोगों को समझाया गया कि यह लोग सीबीआई अधिकारी बनकर जाएंगे और चेकिंग करेंगे। सभी को असमोली चीनी मिल में आने के लिए गुरुवार को अमरोहा में एकत्र किया गया था। वहां से लग्जरी गाड़ियों में यह लोग असमोली चीनी मिल पहुंचे जहां पर पकड़े गए।
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संभल जिले के असमोली स्थित धामपुर शुगर मिल में गुरुवार की सुबह पौने ग्यारह बजे के करीब तीन लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर यह फर्जी अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने मिल के प्रतिबंधित डिस्टलरी क्षेत्र में छापा मारा।
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मोबाइल से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने लगे। शक होने पर जब मिल कर्मियों और गार्ड ने इन लोगों से पूछताछ की तो मिल वालों पर दबाव बनाने लगे। मिल में कमियां होने की बात करते हुए दस से पंद्रह लाख रुपये की मांग की। जब मिल वाले नहीं माने तो कार्रवाई की धमकी दी। इस पर चीनी मिल ने असमोली पुलिस को खबर कर दी। फर्जी अधिकारी दबाव में आ गए और भागने लगे लेकिन मिल के सुरक्षा कर्मचारी सतर्क थे उन्होंने घेर कर दो गाड़ियों समेत 16 लोगों को पकड़ लिया जबकि एक लग्गजरी गाड़ी में कुछ लोग भाग गए।
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पुलिस ने मौके से 16 लोगों को अपने कब्जे में लिया। पूछताछ में पता लगा है कि मुरादाबाद के संजय, योगेंद्र और आसिम ने छापामारी का पूरी योजना बनाई थी। संजय ने दिल्ली के जीटीबी थाना क्षेत्र स्थित सी-36 इनक्लेव निवासी रमेश कुमार आजाद से संपर्क किया था। उसके सहयोगी की भी पुलिस को तलाश है। मास्टर माइंड के हाथ आने पर अहम खुलासे होंगे।
छापा मारने की दी गई थी ट्रेनिंग
संभल। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रमेश दिल्ली में सेंट्रल क्राइम इंवेस्टीगेशन यूनिट (सीआईयू) नामक एनजीओ चलाता है। सीआईयू के नाम में इनवेस्टीगेशन शामिल है। इसलिए रमेश ने सभी सदस्यों को बता रखा कि कहीं छापा कर इंवेस्टीगेशन उनका अधिकार है।
यह संस्था सीबीआई की तरह चलती है। इस एनजीओ में गाजियाबाद, शाहजहांपुर, अमरोहा, मुरादाबाद गाजियाबाद के युवक शामिल थे। इन युवकों को इनवेस्टीगेशन की ट्रेनिंग दी गई थी।
ट्रेनिंग के वक्त इन लोगों को समझाया गया कि यह लोग सीबीआई अधिकारी बनकर जाएंगे और चेकिंग करेंगे। सभी को असमोली चीनी मिल में आने के लिए गुरुवार को अमरोहा में एकत्र किया गया था। वहां से लग्जरी गाड़ियों में यह लोग असमोली चीनी मिल पहुंचे जहां पर पकड़े गए।