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किसानों की हुंकार.. चुकाओ गन्ना बकाया
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मुरादाबाद। लोकसभा चुनाव में मुद्दा बन चुके करोड़ों के गन्ना बकाया पर राहत नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने कलक्ट्रेट पर जोरदार हंगामा किया। प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज किसानों ने नारेबाजी कर अपनी गाढ़ी कमाई का हिसाब मांगा। गुस्साएं किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही रसोई सजा ली। खाना पकाने की सुगंध फै लते ही दबाव में आए अफसरों ने चीनी मिलों के महाप्रबंधकों को तलब करके 398 करोड़ के बकाए में 84 करोड़ के चेक दिलवाकर धरना प्रदर्शन खत्म कराया।
किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव ब्रिजेंद्र सिंह यादव और जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी की अगुवाई में सभी ब्लॉक के दर्जनों किसान सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे कलक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए। किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में बैठकर पहुंचे थे। किसानों ने जमकर नारेबाजी की। कहा कि किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। किसानों ने कहा कि बकाया गन्ना भुगतान का कई बार आश्वासन मिल चुका है। अब बकाया लेकर ही धरने से उठेेंगे। किसानों के अड़ने पर एडीएम (वित्त) लक्ष्मी शंकर ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों के जिद पर अड़ने पर उप गन्ना आयुक्त और जिला गन्ना अधिकारी को तत्काल कलेक्ट्रेट बुलाया गया। चार चीनी मिल के महाप्रबंधकों ने प्रशासकीय अधिकारियों की मौजूदगी में 84 करोड़ के चेक दिए। बाकी भुगतान भी जल्द करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसान यूनियन और किसान ने धरना प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष युवा विंग रणधीर सिंह, मूढ़ापांडे ब्लॉक के अध्यक्ष नीटू चौहान और गुड्ड पाशा समेत कई किसान मौजूद रहे।
कलक्ट्रेट परिसर में बना ली रसोई
अनिश्चितकालीन धरने का मन बनाए किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में ही रसोई सजा ली। गैस भट्ठी लगाकर खाना पकाया। किसानों ने कहा कि अगर बकाया नहीं मिलता है तो दिन-रात यही परिसर में जमे रहेंगे। लेकिन बकाया लेकर ही वापस जाएंगे। किसानों का रुख देखकर अफसरों ने भी तेजी दिखाई और सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक तलब किए गए।
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84 करोड़ के चेक बांटे
बिलारी, अगवानपुर, रानी नगला और बेलवाड़ा की चार चीनी मिलों पर किसानों का करीब 398 करोड़ रुपये गन्ना बकाया है। चारों चीनी मिलों के महाप्रबंधकों को कलक्ट्रेट बुलाया गया। किसानों को करीब 84 करोड़ रुपये के चेक दिए गए।
सीओ से भिड़े किसान, बोले गिरफ्तार कर लो
सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार दलबल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे थे। किसानों के धरने से नहीं उठने पर सीओ ने मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे डाली। इसके बाद कि सान यूनियन के नेता गुस्से से लाल हो गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए गिरफ्तार करने की मांग की। इसके बाद पुलिस भी बैकफुट पर आ गई।
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प्रशासन ने लंबे समय से अनदेखी की थी। मजबूरन किसानों को कलेक्ट्रेट पर जुटना पड़ा। 84 करोड़ रुपये के चेक चीनी मिलों से मिले हैं। बाकी भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया गया है। - ब्रिजेंद्र सिंह यादव, प्रदेश महासचिव, किसान यूनियन
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किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव ब्रिजेंद्र सिंह यादव और जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी की अगुवाई में सभी ब्लॉक के दर्जनों किसान सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे कलक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए। किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में बैठकर पहुंचे थे। किसानों ने जमकर नारेबाजी की। कहा कि किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। किसानों ने कहा कि बकाया गन्ना भुगतान का कई बार आश्वासन मिल चुका है। अब बकाया लेकर ही धरने से उठेेंगे। किसानों के अड़ने पर एडीएम (वित्त) लक्ष्मी शंकर ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों के जिद पर अड़ने पर उप गन्ना आयुक्त और जिला गन्ना अधिकारी को तत्काल कलेक्ट्रेट बुलाया गया। चार चीनी मिल के महाप्रबंधकों ने प्रशासकीय अधिकारियों की मौजूदगी में 84 करोड़ के चेक दिए। बाकी भुगतान भी जल्द करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसान यूनियन और किसान ने धरना प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष युवा विंग रणधीर सिंह, मूढ़ापांडे ब्लॉक के अध्यक्ष नीटू चौहान और गुड्ड पाशा समेत कई किसान मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट परिसर में बना ली रसोई
अनिश्चितकालीन धरने का मन बनाए किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में ही रसोई सजा ली। गैस भट्ठी लगाकर खाना पकाया। किसानों ने कहा कि अगर बकाया नहीं मिलता है तो दिन-रात यही परिसर में जमे रहेंगे। लेकिन बकाया लेकर ही वापस जाएंगे। किसानों का रुख देखकर अफसरों ने भी तेजी दिखाई और सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक तलब किए गए।
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84 करोड़ के चेक बांटे
बिलारी, अगवानपुर, रानी नगला और बेलवाड़ा की चार चीनी मिलों पर किसानों का करीब 398 करोड़ रुपये गन्ना बकाया है। चारों चीनी मिलों के महाप्रबंधकों को कलक्ट्रेट बुलाया गया। किसानों को करीब 84 करोड़ रुपये के चेक दिए गए।
सीओ से भिड़े किसान, बोले गिरफ्तार कर लो
सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार दलबल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे थे। किसानों के धरने से नहीं उठने पर सीओ ने मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे डाली। इसके बाद कि सान यूनियन के नेता गुस्से से लाल हो गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए गिरफ्तार करने की मांग की। इसके बाद पुलिस भी बैकफुट पर आ गई।
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प्रशासन ने लंबे समय से अनदेखी की थी। मजबूरन किसानों को कलेक्ट्रेट पर जुटना पड़ा। 84 करोड़ रुपये के चेक चीनी मिलों से मिले हैं। बाकी भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया गया है। - ब्रिजेंद्र सिंह यादव, प्रदेश महासचिव, किसान यूनियन