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अपनी मांगों के लिए किसानों ने जलाई गन्ने की होली
Updated Mon, 10 Dec 2018 01:08 AM IST
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बहजोई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के तत्वावधान में पदाधिकारियों व किसानों ने घटतौली रोकने, ब्याज सहित भुगतान करने, जूना कटौती न करने आदि मांगों के लिए नेशनल हाईवे पर गन्ना जलाकर विरोध जताया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा गया।
रविवार को दोपहर एक बजे करीब कलक्ट्रेट के निकट संभल बाईपास भाकियू अअ के पदाधिकारी व किसान एकत्र हुए। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर गन्ने की होली जलाकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने विचार रखे। केंद्र व प्रदेश की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
उप जिलाधिकारी चंदौसी महेश प्रसाद दीक्षित को सौंपे गए ज्ञापन में बताया है कि गन्ना एक्ट के अनुसार मिलों को गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिनों के अंदर करना होता है। इसके बाद देरी से भुगतान करने पर 15 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान है।
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गन्ना एक्ट का पालन सख्ती से कराया जाए। मिलों के अधिकांश गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली की जा रही है। जो कि किसानों के साथ अन्याय है। घटतौली को पूर्णतया बंद कराया जाए साथ ही मिलों के क्रय केंद्रों पर खड़ी तौल की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। इस वर्ष प्रदेश भर की शुगर मिलों पर गन्ना किसानों से जूना कटौती की जा रही है। इस तरह की अवैध कटौती को तत्काल बंद किया जाए।
स्वामीनाथन कमेटी के आधार पर गन्ना की उत्पादकता मूल्य में डेढ़ गुना मुनाफा जोड़कर गन्ना मूल्य 440 रुपये प्रति कुंतल किया जाए। समय से समस्याओं का निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन करने वालों में युवा मंडल अध्यक्ष ऋषभ चौधरी, प्रदेश सचिव आशिक रजा, ऋषिपाल सिंह, प्रवीन यादव, ओमप्रकाश, रोहन सिंह, वीरेश यादव समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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रविवार को दोपहर एक बजे करीब कलक्ट्रेट के निकट संभल बाईपास भाकियू अअ के पदाधिकारी व किसान एकत्र हुए। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर गन्ने की होली जलाकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने विचार रखे। केंद्र व प्रदेश की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
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उप जिलाधिकारी चंदौसी महेश प्रसाद दीक्षित को सौंपे गए ज्ञापन में बताया है कि गन्ना एक्ट के अनुसार मिलों को गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिनों के अंदर करना होता है। इसके बाद देरी से भुगतान करने पर 15 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान है।
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गन्ना एक्ट का पालन सख्ती से कराया जाए। मिलों के अधिकांश गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली की जा रही है। जो कि किसानों के साथ अन्याय है। घटतौली को पूर्णतया बंद कराया जाए साथ ही मिलों के क्रय केंद्रों पर खड़ी तौल की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। इस वर्ष प्रदेश भर की शुगर मिलों पर गन्ना किसानों से जूना कटौती की जा रही है। इस तरह की अवैध कटौती को तत्काल बंद किया जाए।
स्वामीनाथन कमेटी के आधार पर गन्ना की उत्पादकता मूल्य में डेढ़ गुना मुनाफा जोड़कर गन्ना मूल्य 440 रुपये प्रति कुंतल किया जाए। समय से समस्याओं का निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन करने वालों में युवा मंडल अध्यक्ष ऋषभ चौधरी, प्रदेश सचिव आशिक रजा, ऋषिपाल सिंह, प्रवीन यादव, ओमप्रकाश, रोहन सिंह, वीरेश यादव समेत अन्य किसान मौजूद रहे।