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कार्तिक पूर्णिमा:कहीं सजी रंगोली तो कहीं हुई महाआरती
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:09 AM IST
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चंदौसी। क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई। गंगा देवी मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिर परिसर में रंगोली सजाई और गंगा की महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया।
मंदिर परिसर में मां गंगा की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराया गया। इसके बाद सुंदर श्रृंगार किया गया। इस दौरान कथा व्यास भूदेव शंखधार ने कहा कि हिंदू धर्म में पूर्णिमा का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। क्योकि आज ही के दिन भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक असुर का अंत किया था। तभी से भगवान शिव त्रिपुरारी कहे जाने लगे। इसी दिन भगवान विष्णु ने प्रलय काल में वेदों की रक्षा के लिए व सृष्टि को बचाने के लिए मत्स्य अवतार धारण किया था। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दीपदान, हवन,यज्ञ आदि करने से सांसारिक पाप और तप का शमन होता है। इस दिन को देव दीपावली के रुप में भी मनाया जाता है। शाम को मंदिर में रंगोली सजाकर दीपक जलाए गए। पुजारी मनोज शर्मा ने मां गंगा की 1़8 दीपों से महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम राजेश रस्तोगी, डा गौरव मिश्रा, सानिध्य शंखधार, रामकिशन शर्मा, संजीव शर्मा, रितिक वार्ष्णेय, विनायक वार्ष्णेय, अनमोल मिश्रा, राशि शर्मा, रिया वार्ष्णेय, एकता गुप्ता आदि ने सहयोग किया।
बसों, ट्रेनों में चढ़ने को मची मारामारी
चंदौसी। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन लोग गंगा जाकर स्नान करते हैं। पूजा अर्चना कर दान करते है। राजघाट गंगा स्नान जाने के लिए लोगों का गुरुवार की शाम से जाना शुरू हो गया था। काफी संख्या में लोग ट्रैक्टर ट्राली, कार, बाइक आदि निजी वाहनों से गंगा स्नान के लिए गए। इसके अलावा श्रद्धालुुओं का रात से ही बसों व ट्रेनों से राजघाट जाना शुरू हो गया था। अलीगढ़ की ओर जाने वाली प्रत्येक ट्रेन पर भीड़ का रेला देखा गया। लोगों ने अंदर जगह न होने पर छत आदि पर बैठ कर सफर किया। बसों की भी यही स्थिति बनी रही। जितने यात्री अंदर बैठे थे तो उतने ही ऊपर बैठक जान जोखिम में डालकर सफर किया। गंगा पहुंचने पर सभी ने स्नान किया और पूजा पाठ कर दान पुण्य किया। दोपहर से लोगों को गंगा स्नान कर वापसी शुरु कर दी। जिसके चलते बसों व ट्रेनों में दूसरी दिन भी भीड़ रही।
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घरों में भी लोगों ने किया दान पुण्य
चंदौसी। कार्तिक पूर्णिमा पर जो लोग गंगा स्नान करने के लिए नहीं जा पाए उन्होंने घर पर ही सुबह स्नान कर पूजा अर्चना की। लोगों ने खिचड़ी, दही जलेबी का दान किया। कन्याओं व कुष्ठ आश्रम जाकर कुष्ठ रोगियों को भोजन कराया। शहर में हलवाइयों की दुकान पर जलेबी खरीदने के लिए लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके पीछे कार्तिक पूर्णिमा पर दही व जलेबी का दान करने का विशेष महत्व बताया गया है।
कई संगठनों ने हर्षोल्लास के साथ मनाई कार्तिक पूर्णिमा
चंदौसी। सुभाष रोड स्थित रघुनाथ मंदिर में विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व देव दीपावली के रूप मेें मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में ढाई सौ दीपक जलाकर पूजा अर्चना की गई जिसमें विहिप के जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुुख श्रीमोहन नक्षत्र, नगर संयोजिका रेनू शर्मा, राजेश्वरी, शीनू राजेश शर्मा आदि ने सहयोग किया। जनसेवा समिति के तत्वावधान में कैथल गेट स्थित दाऊजी मंदिर में कर्तिक पूर्णिमा पर एक सौ एक कन्याओं को भोजन कराया गया। इसके बाद कुष्ठाश्रम जाकर कुष्ठ रोगियों को भोजन कराया। इस दौरान राजेश शर्मा, डा. राजीव लोचन शर्मा, योगेश शर्मा, डा जयशंकर दुबे, राजेश्वरी शर्मा, अमित वशिष्ठ, रूपकिशोर शर्मा, नत्थू सिंह, सर्वेश कुमार, दाताराम भारती, मनोज कुमार, चेतन मिश्रा आदि मौजूद रहे। उधर हनुमानगढ़ी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कालेज में गुरुनानक देव जयंती व कार्तिक पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। शिक्षकों ने बच्चों को गुरुनानक देव की जीवन से प्रेरक प्रसंग सुनाए और कार्तिक पूर्णिमा के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में महेश सिंह, कंहैया वार्ष्णेय, चंद्रपाल, ग्रीश पाल, महेंद्र प्रताप, कुंवरपाल आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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मंदिर परिसर में मां गंगा की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराया गया। इसके बाद सुंदर श्रृंगार किया गया। इस दौरान कथा व्यास भूदेव शंखधार ने कहा कि हिंदू धर्म में पूर्णिमा का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। क्योकि आज ही के दिन भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक असुर का अंत किया था। तभी से भगवान शिव त्रिपुरारी कहे जाने लगे। इसी दिन भगवान विष्णु ने प्रलय काल में वेदों की रक्षा के लिए व सृष्टि को बचाने के लिए मत्स्य अवतार धारण किया था। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दीपदान, हवन,यज्ञ आदि करने से सांसारिक पाप और तप का शमन होता है। इस दिन को देव दीपावली के रुप में भी मनाया जाता है। शाम को मंदिर में रंगोली सजाकर दीपक जलाए गए। पुजारी मनोज शर्मा ने मां गंगा की 1़8 दीपों से महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम राजेश रस्तोगी, डा गौरव मिश्रा, सानिध्य शंखधार, रामकिशन शर्मा, संजीव शर्मा, रितिक वार्ष्णेय, विनायक वार्ष्णेय, अनमोल मिश्रा, राशि शर्मा, रिया वार्ष्णेय, एकता गुप्ता आदि ने सहयोग किया।
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बसों, ट्रेनों में चढ़ने को मची मारामारी
चंदौसी। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन लोग गंगा जाकर स्नान करते हैं। पूजा अर्चना कर दान करते है। राजघाट गंगा स्नान जाने के लिए लोगों का गुरुवार की शाम से जाना शुरू हो गया था। काफी संख्या में लोग ट्रैक्टर ट्राली, कार, बाइक आदि निजी वाहनों से गंगा स्नान के लिए गए। इसके अलावा श्रद्धालुुओं का रात से ही बसों व ट्रेनों से राजघाट जाना शुरू हो गया था। अलीगढ़ की ओर जाने वाली प्रत्येक ट्रेन पर भीड़ का रेला देखा गया। लोगों ने अंदर जगह न होने पर छत आदि पर बैठ कर सफर किया। बसों की भी यही स्थिति बनी रही। जितने यात्री अंदर बैठे थे तो उतने ही ऊपर बैठक जान जोखिम में डालकर सफर किया। गंगा पहुंचने पर सभी ने स्नान किया और पूजा पाठ कर दान पुण्य किया। दोपहर से लोगों को गंगा स्नान कर वापसी शुरु कर दी। जिसके चलते बसों व ट्रेनों में दूसरी दिन भी भीड़ रही।
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घरों में भी लोगों ने किया दान पुण्य
चंदौसी। कार्तिक पूर्णिमा पर जो लोग गंगा स्नान करने के लिए नहीं जा पाए उन्होंने घर पर ही सुबह स्नान कर पूजा अर्चना की। लोगों ने खिचड़ी, दही जलेबी का दान किया। कन्याओं व कुष्ठ आश्रम जाकर कुष्ठ रोगियों को भोजन कराया। शहर में हलवाइयों की दुकान पर जलेबी खरीदने के लिए लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके पीछे कार्तिक पूर्णिमा पर दही व जलेबी का दान करने का विशेष महत्व बताया गया है।
कई संगठनों ने हर्षोल्लास के साथ मनाई कार्तिक पूर्णिमा
चंदौसी। सुभाष रोड स्थित रघुनाथ मंदिर में विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व देव दीपावली के रूप मेें मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में ढाई सौ दीपक जलाकर पूजा अर्चना की गई जिसमें विहिप के जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुुख श्रीमोहन नक्षत्र, नगर संयोजिका रेनू शर्मा, राजेश्वरी, शीनू राजेश शर्मा आदि ने सहयोग किया। जनसेवा समिति के तत्वावधान में कैथल गेट स्थित दाऊजी मंदिर में कर्तिक पूर्णिमा पर एक सौ एक कन्याओं को भोजन कराया गया। इसके बाद कुष्ठाश्रम जाकर कुष्ठ रोगियों को भोजन कराया। इस दौरान राजेश शर्मा, डा. राजीव लोचन शर्मा, योगेश शर्मा, डा जयशंकर दुबे, राजेश्वरी शर्मा, अमित वशिष्ठ, रूपकिशोर शर्मा, नत्थू सिंह, सर्वेश कुमार, दाताराम भारती, मनोज कुमार, चेतन मिश्रा आदि मौजूद रहे। उधर हनुमानगढ़ी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कालेज में गुरुनानक देव जयंती व कार्तिक पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। शिक्षकों ने बच्चों को गुरुनानक देव की जीवन से प्रेरक प्रसंग सुनाए और कार्तिक पूर्णिमा के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में महेश सिंह, कंहैया वार्ष्णेय, चंद्रपाल, ग्रीश पाल, महेंद्र प्रताप, कुंवरपाल आदि शिक्षक मौजूद रहे।