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अपने ही जाल में फंसे कोल्ड स्टोर संचालक, अब झेल रहे मंदी की मार
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:54 AM IST
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चंदौसी। शीतगृह संचालक बाजार में आलू की शार्टेज दिखाकर महंगाई लाने के अपने बुने जाल में फंस गए है। आलू को महंगा बेचने के चक्कर में कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी नहीं की, इससे आलू के भाव आसमान छूते रहे लेकिन इसी मुनाफे के चक्कर में कोल्ड स्टोर खाली नहीं हो सके, तब तक आलू की नई फसल ने बाजार में दस्तक दे दी है। नए भंडारण के लिए कोल्ड स्टोर का खाली होना भी जरूरी है, इसलिए अब कोल्ड स्टोर खाली करना पड़ रहा है, जिसके कारण खपत से कई गुना अधिक आलू बाजार में आ जाने के कारण आलू के भावल धड़ाम हो गए हैं। जिसके कारण व्यापारी व कोल्ड स्टोरेज स्वामियों को पसीने आ रहे हैं।
कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने मोटा मुनाफा कमाने के लिए आलू कोल्ड स्टोरेज में रोक कर रखा था। उनकी मंशा यह थी कि आलू बाहर न निकालकर बाजार में इसकी किल्लत हो जाएगी। जब आलू के भाव में उछाल आएगा तो सारा आलू निकाल देंगे। अधिकतर कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने एक दूसरे से भंडारण की स्थिति छिपाए रखी। जो भंडारण कोल्ड स्टोरेज में बताया जा रहा था। उससे कहीं अधिक आलू कोल्ड स्टोरेज में भरा हुआ था।
बाजार में आलू की कृत्रिम कमी हुई तो काफी हद तक कोल्ड स्टोर संचालकों को अपनी योजना कामयाब होती दिखी, परिणाम यह रहा कि आलू थोक में 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल बिकने लगा। फुटकर भाव तो 25 से 30 रुपये प्रति किलो हो गया लेकिन इसी बीच आलू की नई फसल ने बाजार में दस्तक दे दी। कोल्ड स्टोर स्वामियों के आगे अब कोल्ड स्टोर खाली करने की भी चुनौती आ गई, अन्यथा नया भंडारण कैसे होगा।
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नए आलू के आगे पुराना आलू खरीदेगा कौन। यही कारण हैकि पिछले दिनों सभी कोल्ड स्टोर स्वामियों ने आलू की निकासी तेजी के साथ शुरू कर दी। खपत से अधिक आलू बाजार में आते ही आलू की कीमत 1000 से 500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।
जानकारी मानते हैंकि आलू के भावों में अभी और गिरावट आ सकती है। भाव में गिरावट व नए आलू की आमद के चलते कोल्ड स्टोरेज स्वामी आलू का भंडारण जल्दी खत्म करना चाहते है। हालांकि अभी नया आलू कम आ रहा है। जहां पुराने आलू के 1500 कट्टे आ रहे तो नए आलू के अभी 100 कट्टे ही आ रहें।
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कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने मोटा मुनाफा कमाने के लिए आलू कोल्ड स्टोरेज में रोक कर रखा था। उनकी मंशा यह थी कि आलू बाहर न निकालकर बाजार में इसकी किल्लत हो जाएगी। जब आलू के भाव में उछाल आएगा तो सारा आलू निकाल देंगे। अधिकतर कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने एक दूसरे से भंडारण की स्थिति छिपाए रखी। जो भंडारण कोल्ड स्टोरेज में बताया जा रहा था। उससे कहीं अधिक आलू कोल्ड स्टोरेज में भरा हुआ था।
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बाजार में आलू की कृत्रिम कमी हुई तो काफी हद तक कोल्ड स्टोर संचालकों को अपनी योजना कामयाब होती दिखी, परिणाम यह रहा कि आलू थोक में 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल बिकने लगा। फुटकर भाव तो 25 से 30 रुपये प्रति किलो हो गया लेकिन इसी बीच आलू की नई फसल ने बाजार में दस्तक दे दी। कोल्ड स्टोर स्वामियों के आगे अब कोल्ड स्टोर खाली करने की भी चुनौती आ गई, अन्यथा नया भंडारण कैसे होगा।
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नए आलू के आगे पुराना आलू खरीदेगा कौन। यही कारण हैकि पिछले दिनों सभी कोल्ड स्टोर स्वामियों ने आलू की निकासी तेजी के साथ शुरू कर दी। खपत से अधिक आलू बाजार में आते ही आलू की कीमत 1000 से 500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।
जानकारी मानते हैंकि आलू के भावों में अभी और गिरावट आ सकती है। भाव में गिरावट व नए आलू की आमद के चलते कोल्ड स्टोरेज स्वामी आलू का भंडारण जल्दी खत्म करना चाहते है। हालांकि अभी नया आलू कम आ रहा है। जहां पुराने आलू के 1500 कट्टे आ रहे तो नए आलू के अभी 100 कट्टे ही आ रहें।