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लेह लद्दाख की दो सबसे ऊंची चोटियों को फतह करेंगी ज्ञान नंदिनी
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:24 AM IST
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चंदौसी। अफ्रीका और यूरोप महाद्वीप की कई ऊंची चोटियों को फतह करने के बाद चंदौसी की बेटी ज्ञान नंदिनी एक बार फिर लेह लद्दाख की सबसे ऊंची दो पहाड़ी चोटियों को सिर्फ सात दिनों में फतेह करके विश्व रिकार्ड बनाने को तैयार हैं। चढ़ाई एक अगस्त-2018 से शुरू होगी। इसके लिए उन्हें दिल्ली से तिरंगा देकर रवाना किया जाएगा।
चंदौसी के फरीदपुर खास गांव के नंद किशोर की बेटी ज्ञान नंदिनी इससे पहले भी कई पर्वतों की चोटियों पर तिरंगा लहरा चुकी है। अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी क्लिमंजारों जिसकी ऊंचाई 19341 फीट है और यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी एलब्रुश (18510 फीट) को फतह कर चुकी है। इसके अलावा भी देश की कई चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी ज्ञान नंदिनी अब विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी में हैं। जम्मू कश्मीर की लेह लद्दाख की खूबसूरत वादियों में सबसे ऊंची चोटी कांगयातसे-01, जिसकी ऊंचाई 21120 फीट है और कांगयातसे-02, जिसकी ऊंचाई 20510 फीट है को फतह करने की तैयारी पूरी कर ली है। सबसे अहम बात है कि इसमें एक चोटी को चढ़ने में कम से कम 20 दिन लगते हैं, लेकिन ज्ञान नंदिनी दोनों चोटियों को सिर्फ सात दिन के अंदर फतह करके उनके शिखर पर तिरंगा फहराएगी।
दोनों पहाड़ी और बर्फीली पहाड़ियों पर चढ़ने की अनुमति इंडियन माउंटेयनरिंग फाउंडेशन दिल्ली ने प्रदान कर दी है। इसमें पांच पर्वतारोहियों की टीम फतह करेगी। इसमें ज्ञान नंदिनी के अलावा हरियाणा के मोंटू सिंह, राजीव रॉयल, प्रवीन और लेह के स्टेनजिंग लापू शामिल हैं। इस पर्वतारोपण मिशन के लिए पीरामल ग्रुप स्पांसर्ड कर रहा है। ग्रुप के निदेशक कर्नल हरेंद्र सिंह सिक्का, 29 जुलाई को दिल्ली के तिरंगा देकर ज्ञान नंदिनी को रवाना करेंगे।
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इसके बाद ज्ञान नंदिनी अपने मिशन माउंट एवरेस्ट ध्यान लगाएगी। क्योंकि उसका सपना माउंट एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा फहराना है, लेकिन मिशन कांगयातसे की चढ़ाई उसके जीवन की सबसे तेज चढ़ाई होगी।
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चंदौसी के फरीदपुर खास गांव के नंद किशोर की बेटी ज्ञान नंदिनी इससे पहले भी कई पर्वतों की चोटियों पर तिरंगा लहरा चुकी है। अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी क्लिमंजारों जिसकी ऊंचाई 19341 फीट है और यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी एलब्रुश (18510 फीट) को फतह कर चुकी है। इसके अलावा भी देश की कई चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी ज्ञान नंदिनी अब विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी में हैं। जम्मू कश्मीर की लेह लद्दाख की खूबसूरत वादियों में सबसे ऊंची चोटी कांगयातसे-01, जिसकी ऊंचाई 21120 फीट है और कांगयातसे-02, जिसकी ऊंचाई 20510 फीट है को फतह करने की तैयारी पूरी कर ली है। सबसे अहम बात है कि इसमें एक चोटी को चढ़ने में कम से कम 20 दिन लगते हैं, लेकिन ज्ञान नंदिनी दोनों चोटियों को सिर्फ सात दिन के अंदर फतह करके उनके शिखर पर तिरंगा फहराएगी।
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दोनों पहाड़ी और बर्फीली पहाड़ियों पर चढ़ने की अनुमति इंडियन माउंटेयनरिंग फाउंडेशन दिल्ली ने प्रदान कर दी है। इसमें पांच पर्वतारोहियों की टीम फतह करेगी। इसमें ज्ञान नंदिनी के अलावा हरियाणा के मोंटू सिंह, राजीव रॉयल, प्रवीन और लेह के स्टेनजिंग लापू शामिल हैं। इस पर्वतारोपण मिशन के लिए पीरामल ग्रुप स्पांसर्ड कर रहा है। ग्रुप के निदेशक कर्नल हरेंद्र सिंह सिक्का, 29 जुलाई को दिल्ली के तिरंगा देकर ज्ञान नंदिनी को रवाना करेंगे।
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इसके बाद ज्ञान नंदिनी अपने मिशन माउंट एवरेस्ट ध्यान लगाएगी। क्योंकि उसका सपना माउंट एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा फहराना है, लेकिन मिशन कांगयातसे की चढ़ाई उसके जीवन की सबसे तेज चढ़ाई होगी।