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खुद को बाबर की औलाद बताने वालों से सावधान रहे : योगी आदित्यनाथ
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संभल/चंदौसी। चुनाव आयोग द्वारा चुनावी प्रचार करने पर लगाए गए 72 घंटे के बाद संभल लोकसभा क्षेत्र के यादव बाहुल्य कैला देवी में भाजपा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी के समर्थन में भारी भीड़ वाली चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले से भी अधिक आक्रामक अंदाज में विरोधियों पर बरसे। उन्होंने कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन को आड़े हाथों लिया तो यहां के प्रत्याशी डा. शफीकुर्रहमान बर्क को बाबर की औलाद बताते हुए कहा कि जनता को फैसला करना है कि वह संसद में वंदेमातरम का विरोध करने वाले, मां कैला देवी की दरबार में नहीं आने वाले, बाबा साहेब को माला नहीं पहनाने वाले और खुद को बाबर की औलाद बताने वाले को चुनती है या फिर भेदभाव रहित विकास करने वाले, देश को गौरव दिलाने वाले राष्ट्रभक्त मोदी के हाथों को मजबूत करने के लिए मतदान करती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैला देवी में उतरे तो सबसे पहले मां कैला देवी के दरबार में कैला मैया और हनुमान मंदिर जाकर विधिवत पूजा अर्चना की। यहां के श्रीमहंत ऋषिराज गिरि, स्वामी भगवतप्रिय, स्वामी कृष्णानंद के साथ जनसभा स्थल पहुंचे तो भीड़ में मोदी-योगी के नारे गूंजने लगे।
बड़ी माला से आयोजकों व प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी ने स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हनुमान जयंती की शुभकामनाएं देने के साथ ही कैला मैया व भारत माता की जय से अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे चक्र के मतदान में कांग्रेस, सपा व बसपा जीरो पर है। तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल होगा, जिसमें इन्हें जीर पर ले जाने की जिम्मेदारी आपकी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने संभल को गुंडागर्दी व दंगों के लिए बदनाम कर दिया है। लेकिन अब गुंडों की जगह जेल में है या फिर उनका राम नाम सत्य हो रहा है। पांच सालों में अभूतपूर्व विकास हुआ।
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बिना भेदभाव के विकास गरीबों, किसानों व समाज के हर वर्ग तक पहुंचा। डा. मनमोहन सिंह सरकार में मुस्लिमों तक विकास सीमित रहा। मायावती ने जनसभा में कहा कि मुसलमानों एक हो जाओ, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं कहा। यदि भाजपा सरकारों ने काम किया है, यदि देश का लोहा दुनिया में मनवाया है, सर्जिकल स्ट्राइक करके विरोधियों को जवाब दिया है तो भाजपा आपके समर्थन की हकदार है।
चौधरी वीरेंद्र सिंह के भाजपा में शामिल की बात कहते हुए सपा पर तंज कसा कि उसका झंडा देखकर घर में महिलाएं कहती हैं कि गुंडो का झंडा क्यों लाए हो। मायावती ने जन्माष्टमी तो अखिलेश ने कांवड़ यात्रा पर रोकने की कोशिश की लेकिन भाजपा सभी त्योहारों को धूमधाम से मनवाया। आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा का जीव रामपुर में रहता है, जो बहन बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता है। जिसने बाबा साहेब का अपमान किया था। अब मायावती उसके लिए वोट मांगने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि एक बार संसद में डा. बर्क से पूछा तो उन्होंने अपना परिचय बाबर की औलाद बताकर दिया।
उन्होंने सवाल किया कि जो वंदे मातरम नहीं कहता, जो बाबा साहेब को माला नहीं पहनाता, जिसे कैला देवी मां के मंदिर जाने से परहेज है, क्या वह आपके वोट का हकदार हो सकता है ? मोदी सरकार ने बाबा साहब से जुड़े पांच स्थलों को तीर्थ स्थलों का दर्जा देकर विकसित किया। भगवान कृष्ण की जन्म स्थली मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना को तीर्थ रूप में विकसित किया। मौजूदा भीड़ से फिर सवाल किया, खुद को बाबर की औलाद बताने वाला प्रत्याशी आपके बीच मौजूद है, क्या आप सब देशद्रोहियों, आतंकियों के हाथों में देश सौंपना चाहते हो। भीड़ से जवाब आया नहीं। तो फिर परमेश्वर लाल सैनी को कमल के निशान पर बटन दबाकर मतदान करके कुंभ को वैश्विक दर्जा दिलाने वाले, राष्ट्रभक्त नरेंद्र मोदी को मजबूत कीजिए।
मुख्यमंत्री ने मां कैला देवी-हनुमान जी की पूजा अर्चना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मां कैला देवी के दरबार में पहुंचने से पहले ही यहां के श्रीमहंत ऋषिराज गिरि ने सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली थी। संभल के वंशगोपाल तीर्थ के श्रीमहंत स्वामी भगवतप्रिय, स्वामी कृष्णानंद सहित कई साधु संत यहां पहुंच चुके थे। अपने बीच पहली बार किसी बाबा मुख्यमंत्री के पहुंचने से सभी उत्साहित थे। सुबह 11.25 बजे जैसे ही हैलीकाप्टर उतरा तो मुख्यमंत्री सीधे कार में बैठकर मां कैला देवी के दरबार पहुंचे। यहां पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। मंदिर को सजा दिया गया था। हर तरफ साफ सफाई नजर आ रही थी। संतों ने यहां योगी आदित्यनाथ का अपनी रीति रिवाज के अनुसार स्वागत किया। इसके बाद श्रीमहंत ऋषिराज गिरि ने मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजा अर्चना कराई। हनुमान जयंती पर मुख्यमंत्री हनुमान मंदिर भी गए, वहां भी पूजा की। मुख्यमंत्री मंदिर में करीब बारह मिनट तक रुके। ऐसा पहली बार हुआ, जब कैला देवी मंदिर के श्रीमहंत ऋषिराज गिरि किसी चुनावी जनसभा के मंच पर पहुंचे और मुख्यमंत्री के सामने भाजपा का समर्थन करने का ऐलान किया।
कैला देवी में जनसभा करने वाले योगी पहले गैर यादव सीएम
ऐसा पहली बार हुआ, जब कोई गैर यादव मुख्यमंत्री या किसी पार्टी का बड़ा नेता कैला देवी पहुंचा हो और इस यादव बाहुल्य भूड़ क्षेत्र में चुनावी जनसभा की हो। अब तक इस क्षेत्र में यादव नेताओं, जनप्रतिनिधियों का ही एकाधिकार रहा है। योगी आदित्यनाथ ऐसे पहले भाजपा नेता है, जिन्होंने कैला देवी में बड़ी जनसभा करके यादव क्षत्रपों का एकाधिकार तोड़ दिया है।
कैला देवी व आसपास के दर्जनों गांवों की आबादी भी अधिक है। यही कारण है कि यह इलाका मुलायम सिंह यादव की पहली पसंद रहा है। मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव व अन्य यादव नेताओं ने यहां कई बार व हर चुनाव में जनसभाएं की हैं। लेकिन यादव बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण किसी गैर यादव बड़े नेता ने कभी यहां जनसभा करने की हिम्मत ही नहीं जुटाई। इस लोकसभा चुनाव में भी यहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव 11 अप्रैल व प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह 14 अप्रैल को अपने अपने प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं कर चुके हैं लेकिन भाजपाई मुख्यमंत्री योगी आदित्य ने कैला देवी क्षेत्र पर यादव क्षत्रपों का एकाधिकार तोड़ते हुए मां कैला देवी के दर्शन करने के साथ साथ बड़ी चुनाव जनसभा की। जिसमें झुटी भारी भीड़ से योगी आदित्यनाथ गदगद दिखे।
इशारों इशारों में कैला देवी के सौंदर्यीकरण की बात कह गए योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीर्थों को विकसित करने पर भी विपक्षियों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि सपा की सरकार कई बार रही, लेकिन कैला देवी मां के दरबार का सौंदर्यीकरण नहीं कराया जा सका। यह बहुत ही पावन स्थल है। इसका सौंदर्यीकरण होना चाहिए। संतों का समागम होना चाहिए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैला देवी में उतरे तो सबसे पहले मां कैला देवी के दरबार में कैला मैया और हनुमान मंदिर जाकर विधिवत पूजा अर्चना की। यहां के श्रीमहंत ऋषिराज गिरि, स्वामी भगवतप्रिय, स्वामी कृष्णानंद के साथ जनसभा स्थल पहुंचे तो भीड़ में मोदी-योगी के नारे गूंजने लगे।
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बड़ी माला से आयोजकों व प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी ने स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हनुमान जयंती की शुभकामनाएं देने के साथ ही कैला मैया व भारत माता की जय से अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे चक्र के मतदान में कांग्रेस, सपा व बसपा जीरो पर है। तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल होगा, जिसमें इन्हें जीर पर ले जाने की जिम्मेदारी आपकी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने संभल को गुंडागर्दी व दंगों के लिए बदनाम कर दिया है। लेकिन अब गुंडों की जगह जेल में है या फिर उनका राम नाम सत्य हो रहा है। पांच सालों में अभूतपूर्व विकास हुआ।
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बिना भेदभाव के विकास गरीबों, किसानों व समाज के हर वर्ग तक पहुंचा। डा. मनमोहन सिंह सरकार में मुस्लिमों तक विकास सीमित रहा। मायावती ने जनसभा में कहा कि मुसलमानों एक हो जाओ, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं कहा। यदि भाजपा सरकारों ने काम किया है, यदि देश का लोहा दुनिया में मनवाया है, सर्जिकल स्ट्राइक करके विरोधियों को जवाब दिया है तो भाजपा आपके समर्थन की हकदार है।
चौधरी वीरेंद्र सिंह के भाजपा में शामिल की बात कहते हुए सपा पर तंज कसा कि उसका झंडा देखकर घर में महिलाएं कहती हैं कि गुंडो का झंडा क्यों लाए हो। मायावती ने जन्माष्टमी तो अखिलेश ने कांवड़ यात्रा पर रोकने की कोशिश की लेकिन भाजपा सभी त्योहारों को धूमधाम से मनवाया। आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा का जीव रामपुर में रहता है, जो बहन बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता है। जिसने बाबा साहेब का अपमान किया था। अब मायावती उसके लिए वोट मांगने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि एक बार संसद में डा. बर्क से पूछा तो उन्होंने अपना परिचय बाबर की औलाद बताकर दिया।
उन्होंने सवाल किया कि जो वंदे मातरम नहीं कहता, जो बाबा साहेब को माला नहीं पहनाता, जिसे कैला देवी मां के मंदिर जाने से परहेज है, क्या वह आपके वोट का हकदार हो सकता है ? मोदी सरकार ने बाबा साहब से जुड़े पांच स्थलों को तीर्थ स्थलों का दर्जा देकर विकसित किया। भगवान कृष्ण की जन्म स्थली मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना को तीर्थ रूप में विकसित किया। मौजूदा भीड़ से फिर सवाल किया, खुद को बाबर की औलाद बताने वाला प्रत्याशी आपके बीच मौजूद है, क्या आप सब देशद्रोहियों, आतंकियों के हाथों में देश सौंपना चाहते हो। भीड़ से जवाब आया नहीं। तो फिर परमेश्वर लाल सैनी को कमल के निशान पर बटन दबाकर मतदान करके कुंभ को वैश्विक दर्जा दिलाने वाले, राष्ट्रभक्त नरेंद्र मोदी को मजबूत कीजिए।
मुख्यमंत्री ने मां कैला देवी-हनुमान जी की पूजा अर्चना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मां कैला देवी के दरबार में पहुंचने से पहले ही यहां के श्रीमहंत ऋषिराज गिरि ने सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली थी। संभल के वंशगोपाल तीर्थ के श्रीमहंत स्वामी भगवतप्रिय, स्वामी कृष्णानंद सहित कई साधु संत यहां पहुंच चुके थे। अपने बीच पहली बार किसी बाबा मुख्यमंत्री के पहुंचने से सभी उत्साहित थे। सुबह 11.25 बजे जैसे ही हैलीकाप्टर उतरा तो मुख्यमंत्री सीधे कार में बैठकर मां कैला देवी के दरबार पहुंचे। यहां पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। मंदिर को सजा दिया गया था। हर तरफ साफ सफाई नजर आ रही थी। संतों ने यहां योगी आदित्यनाथ का अपनी रीति रिवाज के अनुसार स्वागत किया। इसके बाद श्रीमहंत ऋषिराज गिरि ने मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजा अर्चना कराई। हनुमान जयंती पर मुख्यमंत्री हनुमान मंदिर भी गए, वहां भी पूजा की। मुख्यमंत्री मंदिर में करीब बारह मिनट तक रुके। ऐसा पहली बार हुआ, जब कैला देवी मंदिर के श्रीमहंत ऋषिराज गिरि किसी चुनावी जनसभा के मंच पर पहुंचे और मुख्यमंत्री के सामने भाजपा का समर्थन करने का ऐलान किया।
कैला देवी में जनसभा करने वाले योगी पहले गैर यादव सीएम
ऐसा पहली बार हुआ, जब कोई गैर यादव मुख्यमंत्री या किसी पार्टी का बड़ा नेता कैला देवी पहुंचा हो और इस यादव बाहुल्य भूड़ क्षेत्र में चुनावी जनसभा की हो। अब तक इस क्षेत्र में यादव नेताओं, जनप्रतिनिधियों का ही एकाधिकार रहा है। योगी आदित्यनाथ ऐसे पहले भाजपा नेता है, जिन्होंने कैला देवी में बड़ी जनसभा करके यादव क्षत्रपों का एकाधिकार तोड़ दिया है।
कैला देवी व आसपास के दर्जनों गांवों की आबादी भी अधिक है। यही कारण है कि यह इलाका मुलायम सिंह यादव की पहली पसंद रहा है। मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव व अन्य यादव नेताओं ने यहां कई बार व हर चुनाव में जनसभाएं की हैं। लेकिन यादव बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण किसी गैर यादव बड़े नेता ने कभी यहां जनसभा करने की हिम्मत ही नहीं जुटाई। इस लोकसभा चुनाव में भी यहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव 11 अप्रैल व प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह 14 अप्रैल को अपने अपने प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं कर चुके हैं लेकिन भाजपाई मुख्यमंत्री योगी आदित्य ने कैला देवी क्षेत्र पर यादव क्षत्रपों का एकाधिकार तोड़ते हुए मां कैला देवी के दर्शन करने के साथ साथ बड़ी चुनाव जनसभा की। जिसमें झुटी भारी भीड़ से योगी आदित्यनाथ गदगद दिखे।
इशारों इशारों में कैला देवी के सौंदर्यीकरण की बात कह गए योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीर्थों को विकसित करने पर भी विपक्षियों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि सपा की सरकार कई बार रही, लेकिन कैला देवी मां के दरबार का सौंदर्यीकरण नहीं कराया जा सका। यह बहुत ही पावन स्थल है। इसका सौंदर्यीकरण होना चाहिए। संतों का समागम होना चाहिए।