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नगर के अधिकांश एटीएम बंद, नकदी के लिए बेहाल हुए लोग
Updated Mon, 03 Jul 2017 01:19 AM IST
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नगर के अधिकांश एटीएम बंद, नकदी के लिए बेहाल हुए लोग
लंबे समय से बनी हुई है नकदी की समस्या, जिम्मेदारों के प्रति गहराया आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी।
नोटबंदी के बाद से एटीएम वेंटीलेटर पर हैं। जिम्मेदारों के तमाम प्रयासों के बाद भी एटीएम सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। बीमार एटीएम से नकदी नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। नकदी की कमी से लोगों को आए दिन मुसीबतों को सामना करना पड़ रहा है। शहर के अधिकांश एटीएम बंद हैं या फिर खराब हैं। ऐसे में लोग नकदी के लिए चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। जिम्मेदार एटीएम की समस्या से निजात के लिए फिलहाल कोई ठोस जानकारी देते नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों में जिम्मेदारों के प्रति आक्रोश है। नकदी की समस्या से निजात के लिए कोई राहत भरी जानकारी देता नजर नहीं आ रहा है। शहर में लगे करीब 30 से अधिक एटीएम शोपीस बने हुए हैं। इनमें से आधे से अधिक खराब पड़े हैं। लंबे समय से इन्हे ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। शेष एटीएम में नो कैश की स्थिति बनी हुई है।
एटीएम व्यवस्था धड़ाम, बैंकों में कैश के लिए लंबी कतारें
चंदौसी। एटीएम के चलन के बाद बैंकों में घंटों कतारों में लगने की समस्या से आजादी मिल गई थी। लोग आसानी से अपनी जरुरत के हिसाब से कैश रिसीव कर लेते थे। नोटबंदी के बाद से बैंकों में नकदी के लिए पहले जैसी स्थिति बन गई है। एटीएम बंद या फिर नो कैश की स्थिति में होने से नकदी के लिए बैंकों का सहारा लेना पड़ रहा है। लंबी कतारों में घंटों मशक्कत के बाद कैश मिल रहा है।
बैंकों पर मनमानी का आरोप, ग्राहकों में गुस्सा
चंदौसी। शहर के अधिकांश बैंक ग्राहकों को नकद निकासी के समय छोटे नोट दे रहे हैं। छोटे नोटों के रूप में धनराशि को ले जाने में बैंक ग्राहक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ लेन देन में भी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। मौलागढ़ निवासी सत्यवीर सिंह का कहना है कि बैंक से साठ हजार रुपये की निकासी की थी। दस दस के नोट के 60 पैकेट थमा दिए। बैंक से घर तक साठ हजार रुपये लाने में बेहद मुश्किल का सामना करना पड़ा है। मौलागढ़ के प्रेमनगर निवासी पवन गुप्ता ने बताया कि बैंक में धनराशि जमा करने गए तो छोटे नोट लेने से मना कर दिया गया। बैंक कर्मियों की मनमानी से लोग दुखी हैं। छोटे नोट दे तो रहे हैं लेकिन ले नहीं रहे। ऐसे में समस्या बनी हुई है।
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लंबे समय से बनी हुई है नकदी की समस्या, जिम्मेदारों के प्रति गहराया आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी।
नोटबंदी के बाद से एटीएम वेंटीलेटर पर हैं। जिम्मेदारों के तमाम प्रयासों के बाद भी एटीएम सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। बीमार एटीएम से नकदी नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। नकदी की कमी से लोगों को आए दिन मुसीबतों को सामना करना पड़ रहा है। शहर के अधिकांश एटीएम बंद हैं या फिर खराब हैं। ऐसे में लोग नकदी के लिए चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। जिम्मेदार एटीएम की समस्या से निजात के लिए फिलहाल कोई ठोस जानकारी देते नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों में जिम्मेदारों के प्रति आक्रोश है। नकदी की समस्या से निजात के लिए कोई राहत भरी जानकारी देता नजर नहीं आ रहा है। शहर में लगे करीब 30 से अधिक एटीएम शोपीस बने हुए हैं। इनमें से आधे से अधिक खराब पड़े हैं। लंबे समय से इन्हे ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। शेष एटीएम में नो कैश की स्थिति बनी हुई है।
एटीएम व्यवस्था धड़ाम, बैंकों में कैश के लिए लंबी कतारें
चंदौसी। एटीएम के चलन के बाद बैंकों में घंटों कतारों में लगने की समस्या से आजादी मिल गई थी। लोग आसानी से अपनी जरुरत के हिसाब से कैश रिसीव कर लेते थे। नोटबंदी के बाद से बैंकों में नकदी के लिए पहले जैसी स्थिति बन गई है। एटीएम बंद या फिर नो कैश की स्थिति में होने से नकदी के लिए बैंकों का सहारा लेना पड़ रहा है। लंबी कतारों में घंटों मशक्कत के बाद कैश मिल रहा है।
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बैंकों पर मनमानी का आरोप, ग्राहकों में गुस्सा
चंदौसी। शहर के अधिकांश बैंक ग्राहकों को नकद निकासी के समय छोटे नोट दे रहे हैं। छोटे नोटों के रूप में धनराशि को ले जाने में बैंक ग्राहक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ लेन देन में भी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। मौलागढ़ निवासी सत्यवीर सिंह का कहना है कि बैंक से साठ हजार रुपये की निकासी की थी। दस दस के नोट के 60 पैकेट थमा दिए। बैंक से घर तक साठ हजार रुपये लाने में बेहद मुश्किल का सामना करना पड़ा है। मौलागढ़ के प्रेमनगर निवासी पवन गुप्ता ने बताया कि बैंक में धनराशि जमा करने गए तो छोटे नोट लेने से मना कर दिया गया। बैंक कर्मियों की मनमानी से लोग दुखी हैं। छोटे नोट दे तो रहे हैं लेकिन ले नहीं रहे। ऐसे में समस्या बनी हुई है।
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