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अफसरों की सुस्ती ठहरी शहर की रफ्तार
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मुरादाबाद। सेतु निर्माण निगम और रेल अफसरों के सुस्त रवैये ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हैं। अधिकारियों की हीलाहवाली और कमजोर राजनीतिक पैरवी की वजह से एक दशक पहले बन चुका सोनकपुर बाईपास आज तक शुरू नहीं हो सका है। बाईपास के बीच में आ रही रेलवे क्रासिंग पर रास्ते का मुद्दा प्रशासनिक और रेल अफसरों की नाक की लड़ाई में फंस गया। अब यहां बन रहे फ्लाईओवर का काम भी बंद पड़ा है। लोकोशेड पुल के चौड़ीकरण का काम भी अफसरों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लोकोशेड पुल के चौड़ीकरण का काम सवा साल पहले ही पूरा हो जाना था लेकिन पांच बार समय वृद्धि लेने के बावजूद रेलवे और सेतु निगम इसे पूरा नहीं कर सके हैं।
दिल्ली रोड को कांठ रोड से सीधा जोड़ने के लिए वर्ष 2008 में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने सोनकपुर बाईपास बनाया था। यह बाईपास दिल्ली रोड पर सर्किट हाउस के पास से शुरू होकर कांशीराम नगर व सोनकपुर होेते हुए अकबर किले के पास कांठ रोड पर निकलता है। यह बाईपास 2008 में ही शुरू हो जाना चाहिए था। लेकिन बाईपास के बीच में सोनकपुर में दो रेलवे क्रासिंग आ रही थीं। 2008 में एमडीए और रेलवे के बीच यह तय हुआ था कि रेलवे बमुश्किल 400 मीटर की दूरी पर आदर्श नगर में स्थित अपने दोनों रेलवे फाटक सोनकपुर में इस बाईपास पर शिफ्ट कर देगा। ताकि बाईपास शुरू हो सके। प्राधिकरण ने शिफ्टिंग चार्ज के रूप में दो करोड़ रुपये भी रेलवे को दे दिए थे। लेकिन इससे पहले कि काम शुरू होता एक मीटिंग में तत्कालीन डीएम और डीआरएम के बीच हुई तनातनी ने ऐसा तूल पकड़ा के अफसरों की नाक की लड़ाई में फाटकों की शिफ्टिंग फंस गई। रेलवे ने फाटक शिफ्ट करने से मना कर दिया। इसके बाद 2017 में यहां फ्लाईओवर बनाने का फैसला हुआ। काम शुरू हुआ लेकिन अर्से से बंद पड़ा है। फ्लाईओवर पूरा होने के बाद ही यह बाईपास शुरू हो सकता है। इससे दिल्ली रोड से कांठ रोड पर जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर नहीं जाना पड़ेगा। सर्किट हाउस के पास से सीधे वाहन अकबर किले पर निकलेंगे। इससे जाम से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।
रफ्तार का दूसरा अहम प्रोजेक्ट लोकोशेड पुल है। इसके चौड़ीकरण का काम पिछले तीन साल से चल रहा है। सेतु निगम अपने हिस्से का काम करीब - करीब पूरा कर चुका है। लेकिन रेलवे ने अभी क्रासिंग के ऊपर का निर्माण नहीं किया है। लोकोशेड चौड़ीकरण का काम भी पिछले करीब दो माह से ठप है।
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दिल्ली रोड को कांठ रोड से सीधा जोड़ने के लिए वर्ष 2008 में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने सोनकपुर बाईपास बनाया था। यह बाईपास दिल्ली रोड पर सर्किट हाउस के पास से शुरू होकर कांशीराम नगर व सोनकपुर होेते हुए अकबर किले के पास कांठ रोड पर निकलता है। यह बाईपास 2008 में ही शुरू हो जाना चाहिए था। लेकिन बाईपास के बीच में सोनकपुर में दो रेलवे क्रासिंग आ रही थीं। 2008 में एमडीए और रेलवे के बीच यह तय हुआ था कि रेलवे बमुश्किल 400 मीटर की दूरी पर आदर्श नगर में स्थित अपने दोनों रेलवे फाटक सोनकपुर में इस बाईपास पर शिफ्ट कर देगा। ताकि बाईपास शुरू हो सके। प्राधिकरण ने शिफ्टिंग चार्ज के रूप में दो करोड़ रुपये भी रेलवे को दे दिए थे। लेकिन इससे पहले कि काम शुरू होता एक मीटिंग में तत्कालीन डीएम और डीआरएम के बीच हुई तनातनी ने ऐसा तूल पकड़ा के अफसरों की नाक की लड़ाई में फाटकों की शिफ्टिंग फंस गई। रेलवे ने फाटक शिफ्ट करने से मना कर दिया। इसके बाद 2017 में यहां फ्लाईओवर बनाने का फैसला हुआ। काम शुरू हुआ लेकिन अर्से से बंद पड़ा है। फ्लाईओवर पूरा होने के बाद ही यह बाईपास शुरू हो सकता है। इससे दिल्ली रोड से कांठ रोड पर जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर नहीं जाना पड़ेगा। सर्किट हाउस के पास से सीधे वाहन अकबर किले पर निकलेंगे। इससे जाम से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।
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रफ्तार का दूसरा अहम प्रोजेक्ट लोकोशेड पुल है। इसके चौड़ीकरण का काम पिछले तीन साल से चल रहा है। सेतु निगम अपने हिस्से का काम करीब - करीब पूरा कर चुका है। लेकिन रेलवे ने अभी क्रासिंग के ऊपर का निर्माण नहीं किया है। लोकोशेड चौड़ीकरण का काम भी पिछले करीब दो माह से ठप है।
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