फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   सिसक रही 300 लोगों की जिंदगी की डोर

सिसक रही 300 लोगों की जिंदगी की डोर

Sat, 01 Dec 2018 01:59 AM IST
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:59 AM IST
विज्ञापन
सिसक रही 300 लोगों की जिंदगी की डोर
मुरादाबाद।
विज्ञापन

एचआईवी लाइलाज है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम जागरूकता अभियानों के बाद भी मुरादाबाद जिले में एचआईवी पाजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी साल आठ महीनों में मुरादाबाद जिले में जानलेवा बीमारी की चपेट में 300 लोग आ चुके हैं। संक्रमित लोगों में निमभन आय वर्ग के मजदूरों और ट्रक चालकों की संख्या अधिक है। अधिकतर लोग असुरक्षित यौन संबंध और नशे के लिए इस्तेमाल की गई सुई की शेयरिंग से एचआईवी की चपेट में आए हैं। काउंसलिंग के दौरान इसका खुलासा हुआ है। इन सभी का जिला अस्पताल के एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट सेंटर (एआरटी) में इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल में एआरटी सेंटर में संक्रमित लोगों का इलाज होता है। स्वास्थ्य विभाग सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा विशेष शिविरों में एचआईवी की जांच कराता है। एआरटी सेंटर के मुताबिक पिछले साल जिले में 8200 लोगों की जांच की गई। इनमें 216 लोग एचआईवी पॉजिटिव मिले। इस साल अक्तूबर महीने तक 8500 लोगों की जांच हो चुकी है। इनमें 300 एचआईवी संक्रमित मिले हैं। दिसंबर तक इनकी संख्या बढ़ सकती है। एआरटी सेंटर के मुताबिक जिले में बिलारी और ठाकुरद्वारा क्षेत्र में संक्रमित लोगों की संख्या सबसे अधिक है।
विज्ञापन


पीईपी से संक्रमण से बचाव
अस्पतालों में एचआईवी पॉजिटिव पीड़ितों के इलाज के दौरान सर्जरी करने पर कट लगने, सुई चुभने से चिकित्सक, नर्स और स्टाफ कर्मी को भी संक्रमण का खतरा हो जाता है। ऐसी स्थिति में संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की पोस्ट एक्सपोजर प्रोफाइलेक्सि ट्रीटमेंट (पीईपी) किया जाता है। इसमें 72 घंटे के भीतर इंजेक्शन लगने पर संक्रमण से बचाया जा सकता है। एक महीने का इलाज चलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



एचआईवी पॉजिटिव की मुख्य वजह

- असुरक्षित यौन संबंध एचआईवी की सबसे बड़ी वजह है। एड्स वायरस से पीड़ित व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाए जाने पर दूसरे स्वस्थ व्यक्ति संक्रमित हो जाता है।
- निडिल सिरिंज शेयरिंग एड्स फैलने का दूसरा कारण बन रहा है। लोगों में इंजेक्शन से नशा लेने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। नशा लेने के लिए इंजेक्शन की एक ही सुई का कई लोग प्रयोग करते हैं। इनमें एक व्यक्ति के एचआईवी संक्रमित होने से संक्रमण दूसरे लोगों में फैल रहा है।
- मां के एचआईवी संक्रमित होने की स्थिति में उसके नवजात बच्चे में भी एड्स से संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। मुरादाबाद में इस साल एड्स संक्रमित महिलाओं के दो नवजात शिशुओं को बचाया गया है।


- एचआईवी पाजिटिव होने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। तेजी से वजन गिरने लगता है। लगातार बुखार रहता है। संक्रमण कोशिकाओं से आनुवांशिक तत्व डीएनए में प्रवेश कर जाता है। इससे गुणात्मक वृद्धि होती है और श्वेत कोशिकाओं को नष्ट करती है। इससे संक्रामक रोगों से बचाव की क्षमता खत्म हो जाती है।
- डा. राजेंद्र कुमार, एमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed