{"_id":"5aeb752c4f1c1b62098b811f","slug":"141525380396-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीलिंग भूमि घोटाले में एई समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीलिंग भूमि घोटाले में एई समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र
Updated Fri, 04 May 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
मुरादाबाद।
अर्बन सीलिंग निदेशालय के निर्देश पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के अर्बन सीलिंग भूमि घोटाले में गुरुवार को एडीएम सिटी ने अर्बन सीलिंग के एई, पेशकार और एक सेवानिवृत्त बाबू के खिलाफ शासन को आरोप पत्र भेज दिया है। इन तीनों पर आरोप है कि तीनों ने पत्रावली पर तथ्यों को छुपाकर झूठी रिपोर्ट अंकित की। जिसके आधार पर अफसरों ने सीलिंग भूमि को कथित किसानों के पक्ष में छोड़ दिया। मंडलायुक्त के आदेश के बावजूद घोटाले में बड़े अफसरों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
वर्ष 2016 - 17 में 15 अलग - अलग आदेशों के जरिए पूर्व डीएम और तत्कालीन एडीएम ने एमडीए के कब्जे वाली अर्बन सीलिंग की 68 हजार वर्ग मीटर भूमि को कथित किसानों के पक्ष में छोड़ दिया था। इस भूमि के ज्यादातर हिस्से पर प्राधिकरण सड़क, पार्क आदि बनाकर योजना भी विकसित कर चुका था। पूरे प्रकरण में किसानों के पीछे कुछ प्रापर्टी डीलर थे। जिन्होंने किसानों से एग्रीमेंट कराने के बाद सीलिंग भूमि को अफसरों से मिलकर एमडीए से छुड़ा लिया। एमडीए का कहना था कि उनके कब्जे वाली सीलिंग भूमि छोड़ने से पहले फैसला सुनाने वाले अफसरों ने एमडीए का पक्ष तक नहीं पूछा। ‘अमर उजाला’ में घोटाला उजागर होने के बाद पूर्व मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने जांच कराई थी। जिसमें पूर्व डीएम और सेवानिवृत्त एडीएम सिटी अरुण कुमार श्रीवास्तव समेत पांच अधिकारियों को दोषी माना गया था। पूर्व कमिश्नर ने इसे आपराधिक साजिश बताते हुए सभी के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश डीएम को दिए थे। मौजूदा कमिश्नर राजेश कुमार सिंह ने भी दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। लेकिन घोटाले में आज तक रिपोर्ट नहीं हो सकी।
इस बीच अर्बन सीलिंग निदेशालय का आदेश मिलने के बाद गुरुवार को एडीएम सिटी जगतपाल सिंह ने अर्बन सीलिंग के एई एसके गुप्ता, पेशकार इंद्रजीत सिंह और अर्बन सीलिंग के सेवानिवृत्त बाबू स्वतंत्र कुमार के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर शासन को भेज दिया है। आरोप पत्र में सारा गुनाह तीनों आरोपियों का बताया गया है। आरोप है कि इन तीनों ने वास्तविक तथ्यों को छुपाकर पत्रावलियों पर झूठी रिपोर्ट अंकित कीं।
विज्ञापन
अर्बन सीलिंग भूमि प्रकरण में 15 मामलों पर सुनवाई अभी चल रही है। तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करके अर्बन सीलिंग भूमि निदेशालय को भेजा गया है। तीनों ने पत्रावली पर तथ्यों से परे झूठी आख्या दी थीं। - जगतपाल सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर।
विज्ञापन
अर्बन सीलिंग निदेशालय के निर्देश पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के अर्बन सीलिंग भूमि घोटाले में गुरुवार को एडीएम सिटी ने अर्बन सीलिंग के एई, पेशकार और एक सेवानिवृत्त बाबू के खिलाफ शासन को आरोप पत्र भेज दिया है। इन तीनों पर आरोप है कि तीनों ने पत्रावली पर तथ्यों को छुपाकर झूठी रिपोर्ट अंकित की। जिसके आधार पर अफसरों ने सीलिंग भूमि को कथित किसानों के पक्ष में छोड़ दिया। मंडलायुक्त के आदेश के बावजूद घोटाले में बड़े अफसरों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
वर्ष 2016 - 17 में 15 अलग - अलग आदेशों के जरिए पूर्व डीएम और तत्कालीन एडीएम ने एमडीए के कब्जे वाली अर्बन सीलिंग की 68 हजार वर्ग मीटर भूमि को कथित किसानों के पक्ष में छोड़ दिया था। इस भूमि के ज्यादातर हिस्से पर प्राधिकरण सड़क, पार्क आदि बनाकर योजना भी विकसित कर चुका था। पूरे प्रकरण में किसानों के पीछे कुछ प्रापर्टी डीलर थे। जिन्होंने किसानों से एग्रीमेंट कराने के बाद सीलिंग भूमि को अफसरों से मिलकर एमडीए से छुड़ा लिया। एमडीए का कहना था कि उनके कब्जे वाली सीलिंग भूमि छोड़ने से पहले फैसला सुनाने वाले अफसरों ने एमडीए का पक्ष तक नहीं पूछा। ‘अमर उजाला’ में घोटाला उजागर होने के बाद पूर्व मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने जांच कराई थी। जिसमें पूर्व डीएम और सेवानिवृत्त एडीएम सिटी अरुण कुमार श्रीवास्तव समेत पांच अधिकारियों को दोषी माना गया था। पूर्व कमिश्नर ने इसे आपराधिक साजिश बताते हुए सभी के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश डीएम को दिए थे। मौजूदा कमिश्नर राजेश कुमार सिंह ने भी दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। लेकिन घोटाले में आज तक रिपोर्ट नहीं हो सकी।
विज्ञापन
इस बीच अर्बन सीलिंग निदेशालय का आदेश मिलने के बाद गुरुवार को एडीएम सिटी जगतपाल सिंह ने अर्बन सीलिंग के एई एसके गुप्ता, पेशकार इंद्रजीत सिंह और अर्बन सीलिंग के सेवानिवृत्त बाबू स्वतंत्र कुमार के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर शासन को भेज दिया है। आरोप पत्र में सारा गुनाह तीनों आरोपियों का बताया गया है। आरोप है कि इन तीनों ने वास्तविक तथ्यों को छुपाकर पत्रावलियों पर झूठी रिपोर्ट अंकित कीं।
विज्ञापन
अर्बन सीलिंग भूमि प्रकरण में 15 मामलों पर सुनवाई अभी चल रही है। तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करके अर्बन सीलिंग भूमि निदेशालय को भेजा गया है। तीनों ने पत्रावली पर तथ्यों से परे झूठी आख्या दी थीं। - जगतपाल सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर।