{"_id":"5ca51a5ebdec22146c22483b","slug":"131554324062-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पतालों में चिन्हित दो हजार टीबी के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पतालों में चिन्हित दो हजार टीबी के मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम एवं ज्वाइंट एफर्टस एलिमिनेट टीबी (जीत) प्रोजेक्ट कर्मचारियों की बुधवार को संयुक्त बैठक हुई। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. डीके प्रेमी ने कहा कि निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले दो हजार टीबी के मरीजों को चिह्नित किया गया है।
सीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में जीत के नेशनल ऑपरेशन मैनेजर शेखर राज ने कहा कि वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है। निजी डॉक्टरों के सहयोग के बिना यह संभव है। उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत टीबी मरीज प्राइवेट अस्पतालों से ही उपचार कराते हैं। जीत की टीम निजी डाक्टरों से समन्वय कर टीबी मरीजों की जांच और उपचार में सहयोग करती है। स्टेट ऑपरेशन मैनेजर शैलेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जीत प्रोजेक्ट में 24 कर्मचारी एमडीआर टीबी की रोकथाम के लिए निजी अस्पतालों में जाकर मरीजों की काउंसलिंग करते हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डाक्टर दिनेश कुमार प्रेमी ने कहा कि निजी अस्पतालों के डाक्टरों की मदद से अब तक 2000 मरीज चिह्नित हुए हैं। उन्होंने कहा कि निजी डाक्टर प्रत्येक टीबी मरीज की जानकारी निक्षय पोर्टल पर आवश्यक रूप से दें, ताकि निजी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को सरकारी सुविधाएं मिल सकें। इस दौरान मनोज कुमार, नरेश कुमार, डा. जगबीर सिंह, अमित गुप्ता, प्रमोद कुमार, वरुण कुमार और अनुज शर्मा मौजूद रहे। अध्यक्षता जिला क्षय रोग अधिकारी डा. दिनेश कुमार प्रेमी और संचालन डीपीसी डा. मो जावेद ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में जीत के नेशनल ऑपरेशन मैनेजर शेखर राज ने कहा कि वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है। निजी डॉक्टरों के सहयोग के बिना यह संभव है। उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत टीबी मरीज प्राइवेट अस्पतालों से ही उपचार कराते हैं। जीत की टीम निजी डाक्टरों से समन्वय कर टीबी मरीजों की जांच और उपचार में सहयोग करती है। स्टेट ऑपरेशन मैनेजर शैलेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जीत प्रोजेक्ट में 24 कर्मचारी एमडीआर टीबी की रोकथाम के लिए निजी अस्पतालों में जाकर मरीजों की काउंसलिंग करते हैं।
विज्ञापन
जिला क्षय रोग अधिकारी डाक्टर दिनेश कुमार प्रेमी ने कहा कि निजी अस्पतालों के डाक्टरों की मदद से अब तक 2000 मरीज चिह्नित हुए हैं। उन्होंने कहा कि निजी डाक्टर प्रत्येक टीबी मरीज की जानकारी निक्षय पोर्टल पर आवश्यक रूप से दें, ताकि निजी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को सरकारी सुविधाएं मिल सकें। इस दौरान मनोज कुमार, नरेश कुमार, डा. जगबीर सिंह, अमित गुप्ता, प्रमोद कुमार, वरुण कुमार और अनुज शर्मा मौजूद रहे। अध्यक्षता जिला क्षय रोग अधिकारी डा. दिनेश कुमार प्रेमी और संचालन डीपीसी डा. मो जावेद ने किया।
विज्ञापन