{"_id":"5a1db8b14f1c1bc1678be676","slug":"126center-par-hogi-bord-parichha","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 126 केंद्रों पर होगी यूपी बोर्ड की परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 126 केंद्रों पर होगी यूपी बोर्ड की परीक्षा
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:57 AM IST
विज्ञापन
exam
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षा 2018 मुरादाबाद जिले में 126 केंद्रों पर होगी। मंगलवार को जनपदीय समिति की बैठक के बाद 15 नए विद्यालय को केंद्र बनाने की स्वीकृति दी गई, जबकि पुराने 120 परीक्षा केंद्रों में से नौ परीक्षा केंद्रों को निरस्त कर दिया गया है।
डीआईओएस ने बताया कि विभिन्न प्रकार की आपत्तियों और अधिकारियों की विपरीत रिपोर्ट के बाद केंद्रों को हटाया गया है। परीक्षा पूरी तरह से नकल विहीन कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2017-18 की वार्षिक परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए विद्यालयों से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे।
इसमें सीसीटीवी, फर्नीचर, चहारदीवारी, लोहे का गेट, मुख्य मार्ग से संपर्क आदि व्यवस्था को वेबसाइट पर दर्ज किया था। इसी के आधार पर शासन ने मुरादाबाद जिले में 120 विद्यालयों को केंद्र बनाया था।
विज्ञापन
आपत्तियों का हुआ था निस्तारण
विद्यालयों में तीन सौ से 12 सौ तक की छात्रसंख्या आवंटित की गई थी। इसमें कुछ कालेजों ने धारण क्षमता से अधिक विद्यार्थी आवंटित होना, बालिकाओं के परीक्षा केंद्रों की मानक से अधिक दूरी, अधूरी व्यवस्था, प्रतिष्ठित विद्यालयों को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने को लेकर भी करने की आपत्ति दर्ज कराई थी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इनका निस्तारण किया गया था। परीक्षा केंद्र कटने और नए परीक्षा केंद्र बनाने में चारों तहसीलों के एसडीएम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसमें धारक क्षमता की कमी, फर्नीचर की कमी, शिक्षण कक्षों की कमी, उप जिलाधिकारियों की विपरीत आख्या शामिल है।
आपत्तियों का निस्तारण व केंद्र निर्धारण जनपद स्तरीय समिति की प्रस्तावना पर हुआ है। समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य सचिव के अलावा चारों तहसील के एसडीएम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के एक-एक प्रधानाचार्य सदस्य के रूप में शामिल रहे हैं।
इन परीक्षा केंद्रों का पत्ता साफ
ऋषिकुल इंटर कालेज कटघर, श्यामलाल उमा विद्यालय कटघर, किसान इंटर कालेज बिलारी, जेएस अंसार इंटर कालेज छजलैट, तसलीमा मेमोरियल इंटर कालेज पंडित नगला, इनार उल हक इंटर कालेज पीपलसाना, राजकीय स्वच्छकार आश्रम पद्यति इंटर कालेज मुरादाबाद, राधास्वामी इंटर कालेज तगाला, सर सैयद सादिक नईम इंटर कालेज सियाली खद्दर हैं।
नए बने 15 परीक्षा केंद्र
राजकीय इंटर कालेज मूढ़ापांडे, राजकीय कन्या इंटर कालेज मूढ़ाखेड़ी, भारत माता विद्या मंदिर इंटर कालेज काजीखेड़ा, अंबिका प्रसाद इंटर कालेज, मुरादाबाद, रामचंद्र शर्मा कन्या इंटर कालेज मुरादाबाद, आकांक्षा विद्यापीठ इंटर कालेज मिलन विहार, सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज गुलाबबाड़ी, स्वरूपी देवी मेमोरियल इंटर कालेज लाइनपार,
डॉक्टर देवेंद्र पाल सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज बिलारी, अशफाक हुसैन इंटर कालेज भोजपुर, वाईआरएस कन्या इंटर कालेज जोगपुरा, सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज डिलारी, सरस्वती विद्यामंदिर उमा विद्यालय करनपुर, रामसरनलाल मेमोरियल इंटर कालेज पसियापुर, रिजवान कन्या इंटर कालेज अकबरपुर चैदरी हैं।
नए परीक्षा केंद्र बनाने के लिए अच्छी छवि और सभी मानक पूरा करने वाले स्कूलों को ही प्रस्तातिव किया गया है। सरकार की संकल्पना है कि नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराई जाए। इसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक।
डीआईओएस ने बताया कि विभिन्न प्रकार की आपत्तियों और अधिकारियों की विपरीत रिपोर्ट के बाद केंद्रों को हटाया गया है। परीक्षा पूरी तरह से नकल विहीन कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2017-18 की वार्षिक परीक्षा के केंद्र निर्धारण के लिए विद्यालयों से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे।
विज्ञापन
इसमें सीसीटीवी, फर्नीचर, चहारदीवारी, लोहे का गेट, मुख्य मार्ग से संपर्क आदि व्यवस्था को वेबसाइट पर दर्ज किया था। इसी के आधार पर शासन ने मुरादाबाद जिले में 120 विद्यालयों को केंद्र बनाया था।
विज्ञापन
आपत्तियों का हुआ था निस्तारण
विद्यालयों में तीन सौ से 12 सौ तक की छात्रसंख्या आवंटित की गई थी। इसमें कुछ कालेजों ने धारण क्षमता से अधिक विद्यार्थी आवंटित होना, बालिकाओं के परीक्षा केंद्रों की मानक से अधिक दूरी, अधूरी व्यवस्था, प्रतिष्ठित विद्यालयों को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने को लेकर भी करने की आपत्ति दर्ज कराई थी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इनका निस्तारण किया गया था। परीक्षा केंद्र कटने और नए परीक्षा केंद्र बनाने में चारों तहसीलों के एसडीएम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसमें धारक क्षमता की कमी, फर्नीचर की कमी, शिक्षण कक्षों की कमी, उप जिलाधिकारियों की विपरीत आख्या शामिल है।
आपत्तियों का निस्तारण व केंद्र निर्धारण जनपद स्तरीय समिति की प्रस्तावना पर हुआ है। समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य सचिव के अलावा चारों तहसील के एसडीएम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के एक-एक प्रधानाचार्य सदस्य के रूप में शामिल रहे हैं।
इन परीक्षा केंद्रों का पत्ता साफ
ऋषिकुल इंटर कालेज कटघर, श्यामलाल उमा विद्यालय कटघर, किसान इंटर कालेज बिलारी, जेएस अंसार इंटर कालेज छजलैट, तसलीमा मेमोरियल इंटर कालेज पंडित नगला, इनार उल हक इंटर कालेज पीपलसाना, राजकीय स्वच्छकार आश्रम पद्यति इंटर कालेज मुरादाबाद, राधास्वामी इंटर कालेज तगाला, सर सैयद सादिक नईम इंटर कालेज सियाली खद्दर हैं।
नए बने 15 परीक्षा केंद्र
राजकीय इंटर कालेज मूढ़ापांडे, राजकीय कन्या इंटर कालेज मूढ़ाखेड़ी, भारत माता विद्या मंदिर इंटर कालेज काजीखेड़ा, अंबिका प्रसाद इंटर कालेज, मुरादाबाद, रामचंद्र शर्मा कन्या इंटर कालेज मुरादाबाद, आकांक्षा विद्यापीठ इंटर कालेज मिलन विहार, सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज गुलाबबाड़ी, स्वरूपी देवी मेमोरियल इंटर कालेज लाइनपार,
डॉक्टर देवेंद्र पाल सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज बिलारी, अशफाक हुसैन इंटर कालेज भोजपुर, वाईआरएस कन्या इंटर कालेज जोगपुरा, सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज डिलारी, सरस्वती विद्यामंदिर उमा विद्यालय करनपुर, रामसरनलाल मेमोरियल इंटर कालेज पसियापुर, रिजवान कन्या इंटर कालेज अकबरपुर चैदरी हैं।
नए परीक्षा केंद्र बनाने के लिए अच्छी छवि और सभी मानक पूरा करने वाले स्कूलों को ही प्रस्तातिव किया गया है। सरकार की संकल्पना है कि नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराई जाए। इसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक।