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आधार की अनिवार्यता से अभिभावकों की उड़ाई नींद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 20 Mar 2019 02:07 AM IST
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आधार की अनिवार्यता से अभिभावकों की उड़ाई नींद
मुरादाबाद। निजी स्कूलों में नए प्रवेश के साथ कक्षाओं में री एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुछ स्कूलों द्वारा आधार कार्ड के बिना दाखिला न देने या दाखिला जारी न रखने से अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आधार कार्ड नहीं होने से यूकेजी पास करने वाले बच्चों का फर्स्ट में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। मुरादाबाद के कई स्कूलों ने अभिभावकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इससे अभिभावक परेशान हैं और आधार कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं।
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एक अप्रैल से सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा। निजी स्कूलों में दाखिले होने लगे हैं। शैक्षिक सत्र 2018-2019 से स्कूल बच्चों से आधार कार्ड मांगने लगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूलों ने आधार कार्ड के लिए दबाव बनाना बंद कर दिया था। नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले कई स्कूलों ने आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दी है। स्कूलों ने कई अभिभावकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। नए दाखिले के साथ यूकेजी पास कर फर्स्ट में प्रवेश के लिए भी आधार कार्ड जरूरी कर दिया है।
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सीबीएसई ने अनिवार्य किया आधार कार्ड: प्रिंसिपल
मुरादाबाद। सैंट मैरी स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर प्रिया का कहना है कि एलकेजी और यूकेजी में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चों के आधार कार्ड नहीं हैं। सीबीएसई ने आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दी है। यूकेजी से फर्स्ट में प्रवेश लेने वाले बच्चों के अभिभावकों से बच्चों का आधार कार्ड बनाने को बोला गया है। ऐसे बच्चों को चिन्हित करके उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं।
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शिकायत पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीआईओएस
मुरादाबाद। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी का कहना है कि स्कूल आधार कार्ड मांग सकते हैं। लेकिन आधार कार्ड नहीं होने की शर्त पर किसी बच्चे का दाखिला नहीं रोक सकते हैं। न ही बच्चे को स्कूल से निकाल सकते हैं। यदि अभिभावकों की ओर से ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट से मिली है राहत
मुरादाबाद। 2018-2019 शिक्षा सत्र में स्कूलों की ओर से आधार कार्ड मांगे जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल और मोबाइल फोन कनेक्शन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को जरूरी नहीं बताया था। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि किसी भी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को आधार की वजह से शिक्षा के लाभ से वंचित नहीं रखा जा सकता है। मानक तय करना जरूरी है, लेकिन लोगों के हितों की भी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।



यूआईडीएआई ने भी बताया गैर जरूरी
मुरादाबाद। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने भी 2018-2019 सत्र में दिल्ली में निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना बताया था। कहा गया था कि यह कानून के प्रावधानों के अनुसार नहीं है। स्कूलों में दाखिले और बच्चों की अन्य सुविधाओं के लिए आधार मुहैया कराना अनिवार्य नहीं किया जा सकता है।
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